होमBiharफॉर्मेलिन के बहाने निशाने पर है निषाद समाज : मुकेश

फॉर्मेलिन के बहाने निशाने पर है निषाद समाज : मुकेश

Published on

राजकुमार सहनी
बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग में विकासशील इंसान पार्टी का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन मंगलवार को शुरू हो गया। आंध्रप्रदेश व अन्य राज्यों से लाई गई मछलियों की बिक्री पर बिहार में प्रतिबंध लगा देने से विकासशील इंसान पार्टी का आक्रोश फूट पड़ा है।


मछुआरा विरोधी है निर्णय


इस बीच पहले ही रोज अनशनकारियों को संबोधित करते हुए वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार सरकार का यह निर्णय मछुआरा विरोधी व राजनीति से प्रेरित है। कहा कि इस फैसले से लाखों मछुआरा परिवारों के लिए रोटी-रोजी का संकट पैदा हो गया है। विकासशील इंसान पार्टी ने प्रतिबंध हटाने के लिए सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था वह आज समाप्त होने के बाद पार्टी ने आमरन अनशन शुरू कर दिया है।


माछ भात के आयोजन से घबराई सरकार


श्री सहनी ने कहा कि उनकी पार्टी वीआईपी ने बिहार के विभिन्न जिलों में माछ-भात भोज का आयोजन करने की घोषणा की थी और इस अभियान की सफलता को देखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार परेशान हो गयें हैं। लिहाजा, उन्होंने राजनीतिक कारणो से मछली पर प्रतिबंध लगा दिया है। आगामी लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा सत्तारुढ़ जदयू और भाजपा को भुगतना पड़ेगा।


ये भी थे मौजूद


इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैधनाथ सहनी, प्रदेश युवा अध्यक्ष गौतम बिंद, वंश वैज्ञानिक शिवबचन प्रसाद नोनिया, उपेंद्र सहनी, सुनील निषाद, प्रधुम्न केवट, राजाराम मुखिया, सीताराम मुखिया, शिवजी सहनी, भोगी सहनी, राजकुमार निषाद, उमेश प्रसाद निषाद, हीरालाल निषाद, बैजयंता बिंद, स्वर्णलता सहनी, मिथुन कुमार, सागर केवट समेत बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी मौजूद थे।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

मोहम्मद रफी के आखरी अल्फाज- तो, मैं चलूं….

महान पार्श्व गायक मो. रफी आज हमारे बीच भले नही हो, किंतु, उन्हें भूलना...

More like this

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...