बिहार में टीईटी की वैधता दो साल के लिए बढ़ी

नीतीश कुमार

टीईटी और एसटीईटी उम्मीदवारो को राहत

बिहार सरकार ने टीईटी और एसटीईटी उत्तीर्ण छात्रों को बड़ी राहत दी है। दरअसल, 2012 में हुई टीईटी और एसटीईटी परीक्षा उत्तीर्ण छात्रो के प्रमाणपत्रों की वैधता को सरकार ने दो साल के लिए बढ़ा दी है। अब तक इनकी वैधता सात साल के लिए थी। टीईटी की वैधता मई 2019 में समाप्त हो गयी थी। एसटीईटी प्रमाणपत्र की वैधता जून 2019 में समाप्त हो रही थी। लेकिन नीतीश सरकार ने टीईटी और एसटीईटी के प्रमाणपत्रों की वैधता को दो साल बढ़ाने का फैसला किया है।

82 हजार से अधिक छात्रो को मिलेगा लाभ

बिहार सरकार के इस फैसले से उन 82,180 उम्मीदवारों को फायदा हुआ है जिन्होंने 2012 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) पास की थी। इन सभी शिक्षकों के इंप्लॉयमेंट सर्टिफिकेट की वैधता इस वर्ष मई और जून में समाप्त हो चुकी थी। किंतु, अब दो साल का ग्रेस मिल जाने से ऐसे सभी उम्मीदवारो को इसका लाभ मिल सकेगा।

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