बुधवार, जनवरी 14, 2026 7:43 अपराह्न IST
होमKKN Specialअफगानी सरजमीं पर उतरेगा मीनापुर का घोसौत मॉडल

अफगानी सरजमीं पर उतरेगा मीनापुर का घोसौत मॉडल

Published on

अफगानिस्तान की एनआरआइडीपी ने किया घोसौत का दौरा घूम घूम कर देखा महिलाओ की खेती और किसानी जैविक खेती से लेकर हनी रिसोर्स सेंटर से हुआ प्रभावित टीम ने कहा मिशाल है यहां की आधी आबादी जीविका के कार्यो से हुआ गदगद

संतोष कुमार गुप्ता

मीनापुर। नही हुआ है अभी सवेरा पूरब की लाली पहचान, चीड़ियो के जागने से पहले खाट छोड़ देता है किसान। आतंक के सांये से निकलकर जब मीनापुर की धरती पर अफगानी टीम का कदम पड़ा तो यहां की हरित क्रांति को देख विदेशी टीम भौंचक रह गयी। जब टीम सुबह आठ बजे मीनापुर के घोसौत गांव पहुंची तो खेतो में महिलाएं हंसिया खुरपी के साथ उतर चुकी थी। विदेशी मेहमानो का कदम जैसे ही पड़ा तो लोक पारम्पारिक तरीके से इनकी आरती उतारी और फिर तिलक लगाये। रूरल इंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम अफगानिस्तान व एमआरडीडी की टीम ने जीविका के महिलाओ द्वारा किये जा रहे कार्यो को देखने शनिवार की सुबह घोसौत पहुंची। वहां पर पूजा जीविका मधु उत्पादन समूह व गंगा जीविका कृषि उत्पादन समूह से जुड़े महिला किसानो के कार्यो को देखा। सबसे पहले महिलाओ द्वारा बनाये गये कीचेन गार्डेन को देखा। यहां 20×20 फीट जमीन पर जैविक खेती कर एक खेत मे तेरह प्रकार की फसल उगायी जाती है। टीम ने देखा की एक छोटा सा प्लॉट मे कैसे फूलगोभी, बंधगोभी, धनिया, लहसुन, प्याज, मूली, पालक, गाजर, लाल साग आदि उगाये गये है।

महिला किसान सुनैना देवी, सुनिता देवी, किरण देवी, वीणा देवी, मधु देवी व पम्मी देवी ने बताया कि इसके कई फायदे है। इसमे रासायनिक खाद का बिल्कुल उपयोग नही किया गया है। इसमे वर्मी कम्पोस्ट का इस्तेमाल हुआ है। इसमे प्रचुर मात्रा मे पोषक तत्व है। जिस से गांव के लोग बीमार नही पड़ते है। बाजार मे यहां की सब्जी की ज्यादा मांग है। दुसरी ओर आलू, मटर, मक्का, सरसो व बाजरा की मिक्स क्रॉप खेती ने भी सबको प्रभावित किया। महिलाओ ने बताया कि यहां सालो भर सब्जी की खेती होती है। टीम ने वर्मी कम्पोस्ट शेड पर जाकर देखा की महिलाए कैसे केचुआ व अन्य समाग्री से वर्मी कम्पोस्ट(जैविक खाद) तैयार करती है। इसके अलावा मिट्टी के पोषण के लिए जीवामृत व धन जीवामृत के अलावा महिलाओ द्वारा बनाये गये कीटनाशी निमास्त्र, आग्नेयास्त्र व ब्रम्हास्त्र के बारे मे भी जानकारी हासिल की।
टीम ने हनी रिसोर्स सेंटर पहुंचकर जाना की कैसे महिलाये मधुपालन करती है। यहां की 52 महिलाओ ने दस दस बक्शा के साथ मधुमक्खी का कारोबार शुरू किया था। किंतु, आज बक्शे की संख्या 520 से बढकर 25 सौ हो चुकी है। बीस हजार की पूंजी से कारोबार शुरू करने वाले महिलाओ ने अपना पूंजी चार लाख कर लिया है। जीविका के क्षेत्रिय समन्वयक कौशल किशोर प्रसाद ने टीम को बताया कि यहां की महिलाए लीची की खेती मे भी पारंगत है। यहां की लीची हवाई जहाज से देश के विभिन्न महानगरो मे भेजी जाती है। बाद मे टीम ने खुशी संकुल स्तरीय संघ के साथ बैठक कर महिलओ की खुशहाली को जाना। साथ ही कहां कि घोसौत मॉडल को अफगानिस्तान की जमीन पर भी उतारा जायेगा।
टीम लीडर मसूद समर, हुमांयू, मो सईद, सुभा सारा व जरीना शामिल थी। साथ मे पटना के एसपीएम विश्वविजय, डीपीएम संतोष कुमार सोनू, लाइवलीहुड प्रबंधक किरण कुमारी, जॉब मैनेजर अभिषेक श्रीवास्तव, लेखापाल मुकेश कुमार, ऋषिकांत ओझा, क्षेत्रिय समन्वयक कौशल किशोर प्रसाद, जेबा कैसर, राजभान कुमार, केदार कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार, सीएलएफ अध्यक्ष सुनिता देवी व कोषाध्यक्ष किरण देवी मौजूद थी।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

3 इडियट्स से मिली सीख : आमिर खान अब फिल्मों के टाइटल हिंदी में क्यों रखते हैं

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता Aamir Khan अपनी फिल्मों को लेकर बेहद सोच समझकर फैसले...

मकर संक्रांति में क्यों दही-चूड़ा सबसे खास और हेल्दी व्यंजन

मकर संक्रांति 2026 के मौके पर देशभर में पारंपरिक उत्साह के साथ पर्व मनाया...

बिहार के मखाना बन रहा रोजगार और आय का नया जरिया

मखाना, जिसे फॉक्स नट के नाम से भी जाना जाता है, वर्षों से बिहार...

Budget Smartphone : कम कीमत में 8GB और 12GB RAM वाले फोन उपलब्ध

स्मार्टफोन खरीदते समय ज्यादा RAM का मतलब अक्सर ज्यादा कीमत होता है। हालांकि अब...

More like this

गुमनाम हकीकत” – संपूर्ण पुस्तक समीक्षा

KKN ब्यूरो। "गुमनाम हकीकत: अ फॉरगॉट्न हिस्ट्री" कौशलेंद्र झा द्वारा लिखी गई एक अतुलनीय...

टू नेशन थ्योरी: विभाजन की वैचारिक नींव और उसका सच

धर्म के आधार पर एक राष्ट्र की परिकल्पना से लेकर भारत के बंटवारे तक KKN...

सहदेव झा…एक गुमनाम शख्सियत

अगस्त क्रांति का महानायक KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार में मुजफ्फरपुर जिला का एक कस्बा है-मीनापुर...।...
00:10:01

जब मुजफ्फरपुर बना आज़ादी की जंग का गढ़: खुदीराम, शारदा और सहदेव की अनसुनी कहानी

जब भी हम स्वतंत्रता संग्राम की बात करते हैं, तो दिल्ली, बंगाल और पंजाब...

अगर रामायण की घटनाएं आज होतीं तो कैसी होती खबरें?

KKN न्यूज ब्यूरो। धार्मिक ग्रंथ रामायण का हर प्रसंग हमें जीवन के महत्वपूर्ण संदेश...

गुरु रविदास: समाज सुधार और आध्यात्मिकता के प्रतीक

KKN न्यूज ब्यूरो। हर साल माघ पूर्णिमा के दिन गुरु रविदास जयंती (Guru Ravidas...

कौन थे कनकलता बरुआ और गुरुजी – “भारत छोड़ो आंदोलन” की अनसुनी दास्तान

8 अगस्त 1942, मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में महात्मा गांधी के 'भारत छोड़ो'...

रेजांगला का युद्ध और चीन की हकीकत

KKN न्यूज ब्यूरो। वर्ष 1962 के युद्ध की कई बातें है, जिसको समझना जरूरी...

प्रार्थना पर प्रहार क्यों

तेज आवाज की चपेट में है गांव KKN न्यूज ब्यूरो। चार रोज से चल रहा...

महापर्व छठ का खगोलीय महत्व

KKN न्यूज ब्यूरो। लोक आस्था का महापर्व छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को...

इलाहाबाद क्यों गये थे चन्द्रशेखर आजाद

KKN न्यूज ब्यूरो। बात वर्ष 1920 की है। अंग्रेजो के खिलाफ सड़क पर खुलेआम...

प्लासी में ऐसा क्या हुआ कि भारत को अंग्रेजो का गुलाम होना पड़ा

इन दिनो भारत में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। यह बात हम...

फेक न्यूज की पहचान का आसान तरिका

सूचनाएं भ्रामक हो तो गुमराह होना लाजमी हो जाता है। सोशल मीडिया के इस...

इन कारणो से है मुजफ्फरपुर के लीची की विशिष्ट पहचान  

अपनी खास सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया में विशिष्ट पहचान रखने वाले भारत की...

माउंट एवरेस्ट का एक रोचक रहस्य जो हमसे छिपाया गया

हिमालय पर्वत माला की सबसे उंची चोटी है माउंट एवरेस्ट। इस नाम को लेकर...