होमBiharबिहार में सुबह और शाम के समय छाया घना कोहरा

बिहार में सुबह और शाम के समय छाया घना कोहरा

Published on

जैसे-जैसे दिसंबर का महीना बढ़ रहा है, बिहार के कई हिस्सों में घना कोहरा, गिरते तापमान और ठंडी लहर के खतरे के साथ ठंडक बढ़ती जा रही है। पटना और राज्य के अन्य इलाकों में वर्तमान में सुबह और शाम के समय ठंडक महसूस हो रही है, और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में तेज गिरावट की चेतावनी दी है। 22 दिसंबर के बाद बिहार में ठंडी लहर का असर अधिक बढ़ सकता है, जिससे ठंड की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

बिहार में घना कोहरा

बुधवार सुबह बिहार के बड़े हिस्से में, जिसमें पटना, बेतिया, गोपालगंज और सीतामढ़ी शामिल हैं, घने कोहरे का सामना करना पड़ा। इस कोहरे ने दृश्यता को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे लोगों को अपनी दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे की स्थिति खासकर वाहनों के लिए खतरनाक साबित हुई, क्योंकि दृश्यता बहुत कम हो गई थी, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। बांका जिले में कोहरे के कारण खराब दृश्यता के चलते दो मोटरसाइकिलों की आपस में टक्कर हो गई, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई।

तापमान में गिरावट और ठंडी लहर की संभावना

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राज्य का न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। समस्तीपुर में पिछले 24 घंटों में 9.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, तापमान में गिरावट जारी रहेगी, लेकिन 19 दिसंबर के बाद ठंडक और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 22 दिसंबर के बाद बिहार में ठंडी लहर की स्थिति बन सकती है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट हो सकती है और ठंड पूरी तरह से महसूस होगी।

पश्चिमी विक्षोभ से ठंडक में वृद्धि

IMD के अधिकारियों का कहना है कि 17 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है। इसका असर 20 दिसंबर के बाद बिहार में महसूस होने की संभावना है। जैसे ही यह विक्षोभ सक्रिय होगा, ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं बिहार की तरफ बढ़ सकती हैं, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। ये हवाएं पिछले कुछ सालों में बिहार में दिसंबर के दूसरे और तीसरे सप्ताह में ठंड बढ़ाने का मुख्य कारण रही हैं। हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बिहार के मौसम को ठंडा करने में अहम भूमिका निभाते हैं, और इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है।

पटना का मौसम: ठंड बढ़ने की संभावना

पटना में वर्तमान में सुबह और शाम के समय हल्की से मध्यम ठंडक महसूस हो रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम है, लेकिन दिन के तापमान में धूप की वजह से कोई बड़ी गिरावट नहीं देखी जा रही। हालांकि, 19 दिसंबर के बाद पटना में भी ठंड की स्थिति में वृद्धि हो सकती है। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है, जिससे नागरिकों को अधिक ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

ठंडी लहर के दौरान बिहार में तापमान में गिरावट की चेतावनी

मौसम विभाग ने 22 दिसंबर के बाद बिहार में ठंडी लहर की स्थिति का अनुमान व्यक्त किया है। इससे दिन के समय तापमान में बहुत अधिक गिरावट हो सकती है, जिससे ठंडी का असर पूरे दिन तक बना रह सकता है। कुछ जिलों में “ठंडी दिन” की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जहां दिन के समय भी ठंडक महसूस होगी और राहत का कोई बड़ा मौका नहीं मिलेगा। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए खतरे की बात हो सकती है, जो ठंड से प्रभावित हो सकते हैं, जैसे बुजुर्ग लोग और छोटे बच्चे।

जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, बिहार में तापमान में गिरावट और ठंडी लहर का खतरा बढ़ने वाला है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे कोहरे के दौरान सावधानी बरतें और सड़क पर चलते समय अतिरिक्त सतर्कता अपनाएं। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए पटना और आस-पास के इलाकों में 22 दिसंबर के बाद ठंड अधिक बढ़ सकती है, और इसके लिए उचित तैयारी करना जरूरी है। मौसम से संबंधित अपडेट्स पर ध्यान रखना और ठंड से बचने के उपायों को अपनाना इस समय अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

मोहम्मद रफी के आखरी अल्फाज- तो, मैं चलूं….

महान पार्श्व गायक मो. रफी आज हमारे बीच भले नही हो, किंतु, उन्हें भूलना...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

More like this

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...