होमBiharशरद अपना फैसला ले सकते है: नीतीश  

शरद अपना फैसला ले सकते है: नीतीश  

Published on

राजकिशोर प्रसाद
बिहार। महागठबंधन टूटने के बाद नीतीश से खफा जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के तीन दिवसीय बिहार दौरा पर आने और नीतीश पर हमला बोलने पर नीतीश ने भी शुक्रवार को दिल्ली में बड़ा बयान दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पत्रकारो के सवालो का जबाव देते हुये कहा की बिहार के विकास के मुद्दे पर पीएम से मुलाकात हुई और चर्चा हुई। शरद के सवाल पर नीतीश ने कहा कि शरदजी अपने बारे में फैसला ले सकते है। वे जो भी करेगे उनका अपना फैसला होगा। इस जबाव के बाद नीतीश के तेवर और अंदाज का सियासी गलियारे में कई माने लगाये जा रहे है ।
इधर शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के घर नीतीश के जलपान करने के कार्यक्रम को भी लोग कई एंगल से जोड़ कर देख रहे है। वही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी द्वारा शुक्रवार को ही दिल्ली में विपक्षीयो की एकजुटता के लिये बैठक बुलाई गई है। नीतीश के पाला बदलने से सोनिया को ममता बनर्जी पर ज्यादा भरोसा बढ़ा है। इधर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने सोनिया पर जदयू में फुट डालने के आरोप लगाये है।
इस बीच बिहार दौरे पर आये शरद ने अपने को सही और असली जदयू कहने से बिहार सहित दिल्ली तक सियासी हलचल तेज हो गई है। जनादेश अपमान यात्रा पर निकले पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शरद के समर्थन में दिखाई दे रहे है। इतना ही नही अपने भाषण के दौरान तेजस्वी ने शरद के जदयू को असली और नीतीश के जदयू को नकली करार दिया है। साथ ही शरद के साथ देश स्तर पर महागठबंधन बना दिल्ली की कुर्सी को हिला देने के हुँकार भर रहे है। जो भी हो जदयू का 19 अगस्त तक का समय अति महत्वपूर्ण राजनीतिज्ञ विश्लेषक मन रहे है। चूँकि 19 को जदसू के राष्ट्रीय बैठक पटना में होनेवाली है। फिलहाल जदयू दो फाक में जाते दिख रही है। जो बिहार की राजनीती में एक बड़ा बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

More like this

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...