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बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

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बिहार में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर राज्य के मौसम पर पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे ठंड और ज्यादा तेज होने की संभावना है। अगले चार से पांच दिनों तक ठंड से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

घने कोहरे और ठंडी हवाओं से जनजीवन प्रभावित

राज्यभर में घना कोहरा और सर्द हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। लगातार Cold Day जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते कई दिनों से धूप नहीं निकलने के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। शुक्रवार देर रात से पटना, अरवल, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, पश्चिम चंपारण सहित अधिकांश जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है।

सुबह होते ही हालात और गंभीर हो गए। कई इलाकों में Visibility बेहद कम दर्ज की गई। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया और वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर यातायात की रफ्तार काफी धीमी रही।

दिसंबर के अंत तक राहत की उम्मीद नहीं

मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर के बचे हुए दिनों में भी कोहरे और Cold Day से राहत नहीं मिलेगी। India Meteorological Department ने 29 दिसंबर की सुबह तक बिहार के अधिकांश जिलों में अत्यंत घने कोहरे और Cold Day की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी को देखते हुए पूरे राज्य में Orange Alert घोषित किया गया है।

पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पश्चिम चंपारण, कैमूर, किशनगंज, जमुई समेत कई जिलों में मौसम की स्थिति गंभीर बनी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

31 दिसंबर तक कैसा रहेगा मौसम

29 से 30 दिसंबर की सुबह तक भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल सहित उत्तर बिहार के सभी जिलों में घना कोहरा और Cold Day की स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान ठंड का असर दिन और रात दोनों समय महसूस किया जाएगा।

हालांकि पटना, गया, जमुई, बांका सहित करीब 13 जिलों में इस अवधि के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। 30 से 31 दिसंबर की सुबह तक पश्चिमी बिहार के जिलों में घना कोहरा और Cold Day बने रहने का अनुमान है। अन्य जिलों में आंशिक राहत मिलने की संभावना जरूर जताई गई है, लेकिन ठंड पूरी तरह कम नहीं होगी।

पटना रहा सबसे ठंडा शहर

पिछले 24 घंटों के तापमान पर नजर डालें तो राज्य में दिन का अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस से लेकर 24.1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। किशनगंज में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।

वहीं पटना शुक्रवार को राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान केवल 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि जिरादेई और समस्तीपुर में 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय कम तापमान और धूप की कमी के कारण ठंड और ज्यादा महसूस की गई।

न्यूनतम तापमान में भी गिरावट

राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान लगातार नीचे जा रहा है। सबौर और औरंगाबाद में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा कई जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया।

वाल्मीकिनगर, छपरा, डेहरी, गया, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, भागलपुर और अगवानपुर में रात का तापमान काफी कम दर्ज किया गया। बर्फीली पछुआ हवाओं ने ठंड की मार को और तेज कर दिया है। सुबह और रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस हो रहा है।

38 जिलों में Orange Alert जारी

शनिवार को बिहार के 38 जिलों में Cold Day और घने कोहरे को लेकर Orange Alert जारी किया गया। भोजपुर, बेतिया, बगहा, गोपालगंज समेत 20 से अधिक शहरों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में Visibility लगभग शून्य तक पहुंच गई।

इस स्थिति का सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ा। वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर बस और ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित रहीं।

प्रशासन और आम लोगों की बढ़ी चिंता

कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम देखी जा रही है। दिहाड़ी मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं। बाजार देर से खुल रहे हैं और शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है।

प्रशासन ने जिला अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। शहरी इलाकों में जरूरतमंद और बेघर लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी ठंड से जुड़ी बीमारियों को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।

सतर्कता और सावधानी की अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सुबह और देर रात अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वाहन चलाते समय Fog Light का उपयोग करने और गति नियंत्रित रखने को कहा गया है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाव करने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, बिहार में ठंड का यह दौर फिलहाल थमने वाला नहीं दिख रहा है। आने वाले कुछ दिन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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