होमBiharसीएम नेतृत्व छोड़े तो राजद समर्थन देने पर करेगा पुर्नविचार : तेजश्वी

सीएम नेतृत्व छोड़े तो राजद समर्थन देने पर करेगा पुर्नविचार : तेजश्वी

Published on

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए से नाता तोड़ कर नेतृत्व करने की जिद छोड़ें तो राजद फिर से जदयू को समर्थन देने पर विचार कर सकता है। ये बातें कही है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने।

गुरुवार को राजद के 22वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह का उद्घाटन करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तेजश्वी ने कहा कि कहा कि लालू प्रसाद ने बहुत त्याग किया, अब नीतीश कुमार भी त्याग करें, राजनीति से रिटायरमेंट ले लें। हालांकि अपने संबाोधन में तेजश्वी ने यह भी दावा किया कि भाजपा चुनाव के ठीक पहले जदयू का साथ छोड़ देगी।
कहा कि लोकसभा व बिहार विधानसभा का चुनाव साथ में हो सकता है, इसलिए कार्यकर्ता सचेत हो जाएं। घर-घर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी शक्ति लगाए हुए हैं, ताकि ऐसा माहौल बन जाए कि लोग कहने लगे कि महागठबंधन के लोग उन्हें यानी नीतीश कुमार को बुला रहे हैं। तेजश्वी ने कहा कि सावधान रहें, हमें उनकी कोई जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुए कहा कि वे क्या-क्या बंदी कराएंगे और कब पलटी मार जाएंगे, यह कोई नही जानता। कहा कि नई शराब नीति आ रही है। गुजरात के शराब माफिया ही नहीं चाहते है कि बिहार में फिर से शराब शुरू हो। क्योंकि यह शराब माफियाओं के लिए एक बड़ा बाजार बन चुका है।
तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार यदि एक-दो साल के लिए मुख्यमंत्री बनने का ऑफर देंगे तो वह उसे ठुकरा देंगे। कहा कि मुझे किसी व्यक्ति की कृपा से नहीं, जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बनना है। साल 2020 में नहीं तो 2035 में मुख्यमंत्री बनेंगे। तेजश्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रिटायरमेंट लें या न लें जनता उन्हें रिटायर कर देगी। अगला चुनाव आंबेडकर-गांधीवादी बनाम मनुवादी-गोलवलकर के लोगों के बीच होगा। उन्होंने भाजपा व आरएसएस से कार्यकर्ताओं को सावधान रहने को कहा। कहा कि नेतृत्व को लेकर भ्रम में न रहें। पार्टी में अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि बड़े भाई ने मुझे हमेशा आशीर्वाद दिया है।
इससे पहले पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने तेजस्वी को मुकुट पहनाकर सम्मानित किया और कहा कि दोनों भाई एकजुट हैं। असामाजिक तत्वों को जड़ से मिटा देंगे। विपक्ष पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया और कार्यकर्ताओं से सत्य का साथ नहीं छोड़ने की अपील की। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि 2019 का इंतजार नहीं करना है। एनडीए सरकार को इसी वर्ष गिरा देना है। पूर्व सांसद जगदानंद सिंह ने पार्टी की संघर्ष यात्रा की जानकारी दी। शिवानंद तिवारी, डॉ. कांति सिंह, जयप्रकाश नारायण यादव, राजेंद्र राम, शिवचंद्र पासवान, राजेंद्र पासवान ने भी विचार रखे।
मौके पर पार्टी के पूर्व एवं वर्तमान सांसद, विधायक, विधान पार्षद, पार्टी पदाधिकारी व अन्य प्रमुख नेता उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे ने की और संचालन प्रदेश महासचिव आलोक मेहता ने किया। समारोह में सुनील कुमार पुष्पम, रामप्रताप नीरज, विनोद कुमार कुशवाहा आदि ने राजद की सदस्यता ग्रहण की है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

मोहम्मद रफी के आखरी अल्फाज- तो, मैं चलूं….

महान पार्श्व गायक मो. रफी आज हमारे बीच भले नही हो, किंतु, उन्हें भूलना...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

More like this

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...