सोमवार, फ़रवरी 23, 2026 11:53 अपराह्न IST
होमMadhya PradeshAIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे...

AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की विवादित टिप्पणी की निंदा की

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के सुप्रीम कोर्ट पर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की। ओवैसी ने कहा कि भाजपा सांसद का बयान न केवल अदालत की अवमानना है, बल्कि यह देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है। ओवैसी ने निशिकांत दुबे के बयान को गंभीर रूप से नकारते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बताया।

ओवैसी ने ANI से बातचीत करते हुए कहा, “आप लोग ट्यूबलाइट की तरह हैं… सुप्रीम कोर्ट को धमकी दे रहे हैं। क्या आप जानते हैं कि अनुच्छेद 142 क्या है? यह अनुच्छेद बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने तैयार किया था। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे लोगों को नहीं रोकते हैं, तो देश उन्हें माफ नहीं करेगा।”

निशिकांत दुबे का विवादास्पद बयान

भा.ज.पा. सांसद निशिकांत दुबे ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय अपनी सीमा से बाहर जाकर फैसले सुना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट संसद को दरकिनार कर रहा है। दुबे का यह बयान तब सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट ने कुछ मामलों में संसद और राज्य विधानसभाओं के अधिकारों को चुनौती दी थी।

निशिकांत दुबे ने अपने बयान में कहा था, “शीर्ष अदालत का एकमात्र उद्देश्य ‘चेहरा दिखाओ, कानून बताऊंगा’। अगर सुप्रीम कोर्ट हर मामले में निर्णय लेने लगे, तो फिर संसद और राज्य विधानसभाओं को बंद कर देना चाहिए।” इसके बाद उन्होंने धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर या कृष्ण जन्मभूमि जैसे मुद्दे आते हैं, तो कोर्ट कागजात मांगता है, लेकिन मुग़ल काल की मस्जिदों के लिए कोई दस्तावेज़ न होने के बावजूद कोर्ट उन्हें स्वीकार कर लेता है।

दुबे के बयान ने कई विवादों को जन्म दिया। उनके इस बयान को धार्मिक भावनाओं को उकसाने के रूप में देखा गया, और कई नेताओं ने इसकी आलोचना की। आलोचकों ने आरोप लगाया कि यह बयान न्यायपालिका के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है।

विपक्षी नेताओं का भाजपा पर हमला

निशिकांत दुबे के बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर हमला बोला। कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि निशिकांत दुबे जैसा सांसद बिना भाजपा के उच्च नेतृत्व से निर्देश प्राप्त किए इस तरह के विवादास्पद बयान नहीं दे सकता। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा पर तंज कसते हुए कहा, “आप कब तक राम का नाम लेकर लोकतंत्र पर चोट करते रहेंगे?”

विपक्षी नेताओं ने भाजपा से सवाल किया कि पार्टी इस तरह के बयानों का समर्थन क्यों करती है और क्यों अपने सांसदों को काबू नहीं करती। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भाजपा की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक कदम बताया।

भा.ज.पा. का सफाई बयान

विवाद बढ़ने के बाद, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को इस मुद्दे पर सफाई देनी पड़ी। नड्डा ने कहा कि भाजपा सांसदों की टिप्पणियां पार्टी की आधिकारिक राय नहीं हैं और यह केवल उनके व्यक्तिगत विचार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “यह निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा की व्यक्तिगत राय है। भाजपा इनसे सहमत नहीं है और इन बयानों को हम पूरी तरह से नकारते हैं।”

भा.ज.पा. के इस सफाई बयान के बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी और उसके सांसदों के बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं, और इससे पार्टी के अंदर और बाहर दोनों ही जगह प्रतिक्रिया आई है।

ओवैसी ने दी चेतावनी

असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा और उसके सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के बयान देश की न्यायपालिका को कमजोर करने के प्रयास हैं। ओवैसी ने चेतावनी दी कि भाजपा अब धर्म को आधार बनाकर न्यायपालिका को धमका रही है, जो लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरे की बात है। उन्होंने कहा, “अगर भाजपा इसी तरह की बयानबाजी जारी रखती है, तो यह देश के संविधान और न्यायपालिका के लिए बहुत खतरनाक होगा।”

ओवैसी ने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं करते, तो यह पूरे देश के लिए एक संदेश होगा कि भाजपा इन बयानों को सही मानती है। ओवैसी ने यह स्पष्ट किया कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर नागरिक को आवाज उठानी चाहिए, और इस प्रकार के बयानों का विरोध करना चाहिए।

न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों की बहस

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों के बारे में बहस जारी है। भारतीय संविधान में न्यायपालिका को संविधान की व्याख्या करने का अधिकार दिया गया है, जबकि संसद को कानून बनाने का अधिकार है। यह विवाद उस समय गहरा हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने कुछ मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप किया है और यह देखा गया है कि कुछ लोग इसे विधायिका के अधिकारों का उल्लंघन मान रहे हैं।

ओवैसी ने इस विवाद के दौरान यह भी बताया कि अगर न्यायपालिका पर लगातार दबाव बनाया गया और इसे कमजोर किया गया, तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह समय है कि भारतीय नागरिकों और संस्थाओं को मिलकर संविधान और न्यायपालिका की रक्षा करनी चाहिए।

भा.ज.पा. सांसद निशिकांत दुबे के विवादास्पद बयान ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे ने भारतीय राजनीति में न्यायपालिका और विधायिका के अधिकारों के बीच की सीमा पर नई बहस को जन्म दिया है। असदुद्दीन ओवैसी और विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर दबाव बनाया है कि वह इस प्रकार के बयानों की निंदा करें और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करें।

अब देखना यह होगा कि भाजपा अपने सांसदों के बयानों पर कितना नियंत्रण करती है और भविष्य में इस प्रकार के बयानों को लेकर वह क्या कदम उठाती है। भारतीय लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण है कि सभी राजनीतिक दल और संस्थाएं न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखें और इसे किसी भी तरह के दबाव से मुक्त रखें।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

Nalanda University: किसने जलाया ज्ञान का सबसे बड़ा खजाना?

जब न इंटरनेट था, न गूगल… तब दुनिया ज्ञान के लिए जाती थी— Nalanda...

47 साल बाद साथ आए रजनीकांत और कमल हासन, नए फिल्म प्रोमो ने बढ़ाई उत्सुकता

भारतीय सिनेमा के दो दिग्गज—राजनीकांत और कमल हासन एक बार फिर साथ नज़र आने...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

Siliguri Corridor क्या कर रहा है चीन-बांग्लादेश साजिश का कैसे हुआ खुलाशा

क्या आप जानते हैं कि भारत का एक 20 किलोमीटर चौड़ा इलाका देश के...

More like this

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...
00:10:10

क्या चीन-बांग्लादेश की साज़िश से घिर गया भारत? सिलिगुड़ी कॉरीडोर पर क्यों मंडराया खतरा

भारत का सबसे संवेदनशील इलाका — सिलिगुड़ी कॉरीडोर, जिसे दुनिया चिकेन नेक के नाम...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...