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मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

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मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, ‘अग्रदूत’ पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़

KKN ब्यूरो। मीनापुर के प्रथम विधायक और प्रखर स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय जनक सिंह की 112वीं जयंती पर बुधवार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अन्तर्गत मीनापुर चौक स्थित जानकी मार्केट में जनक सेवायतन के द्वारा श्रद्धांजलि एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके जीवन, राजनीतिक संघर्ष और जनसेवा पर आधारित पुस्तक ‘अग्रदूत’ का लोकार्पण किया गया। वक्ताओं ने स्व. जनक सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया : अजित कुमार

समारोह को संबोधित करते हुए कांटी के विधायक अजित कुमार ने कहा कि स्व. जनक सिंह त्याग, तपस्या और जनता के प्रति समर्पण की मिसाल थे। उन्होंने कहा कि जनक सिंह ने बिहार में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी और राजनीति को सत्ता नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया। अजित कुमार ने कहा कि उन्हें स्व. जनक सिंह के सानिध्य में बैठकर राजनीति सीखने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक परिवेश में जनक सिंह के आदर्श पहले से अधिक प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी : अजय कुमार

मीनापुर के विधायक अजय कुमार ने कहा कि स्व. जनक सिंह की राजनीतिक और सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकास मीनापुर की प्रमुख जरूरत है और इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता संग्राम में स्व. जनक सिंह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके जीवन पर आधारित पुस्तक ‘अग्रदूत’ विकसित मीनापुर के निर्माण की प्रेरणा बनेगी और आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से परिचित कराएगी।

वक्ताओं ने जनक सिंह के योगदान को किया नमन

प्रेमचंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने स्व. जनक सिंह के सामाजिक, राजनीतिक और सहकारिता आंदोलन में योगदान को विस्तार से याद किया। समारोह को लालगंज के पूर्व विधायक केदार गुप्ता, प्रकाश सिंह, भरत प्रसाद सिंह ‘कुशुमाकर’, हिमांशु गुप्ता, पंकज किशोर ‘पप्पू’, मो. सदरुल खान, जगदीश गुप्ता, सुल्तान अहमद, विजय सिंह, अरुणेंद्र सिंह, मुकेश कुमार सिंह, मणिशंकर शाही, रंजन सिंह, संजय सिंह और मृत्युंजय शाही समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।

इतिहास को संजोने का प्रयास

समारोह में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसके इतिहास और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों से होती है। स्व. जनक सिंह के जीवन पर आधारित  ‘अग्रदूत’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि मीनापुर के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पुस्तक को पत्रकार कौशलेन्द्र झा ने लिखा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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