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मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

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मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों बहनों ने बिना किसी बड़े शहर में जाकर कोचिंग लिए अपने गांव खरहर में रहकर सेल्फ स्टडी के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है।

CSIR-NET परीक्षा में शनाया निशांत ने ऑल इंडिया 92वीं रैंक हासिल करते हुए जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए क्वालिफाई किया है। वहीं, उनकी जुड़वा बहन शोनाया निशांत ने भी CSIR-NET परीक्षा क्वालिफाई की है। दोनों ने जंतुविज्ञान (Zoology) विषय में यह सफलता हासिल की है।

दोनों बहनों ने अपनी उच्च शिक्षा मुजफ्फरपुर के एलएस कॉलेज से पूरी की है। दोनों ने जूलॉजी विषय में M.Sc. की डिग्री हासिल की। इसके बाद दोनों बहनों ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए मीनापुर स्थित अपने गांव में रहकर नियमित रूप से अध्ययन किया।

गांव में रहकर सेल्फ स्टडी से हासिल की सफलता

CSIR-NET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी महानगरों और कोचिंग हब का रुख करते हैं, वहीं शनाया और शोनाया ने अपने गृह क्षेत्र मीनापुर में रहकर ही तैयारी जारी रखी। दोनों बहनों की इस उपलब्धि को विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच स्व-अध्ययन और निरंतर मेहनत को अपनी तैयारी का आधार बनाया।

शनाया की ऑल इंडिया 92वीं रैंक और JRF के लिए क्वालिफाई करना उनकी उपलब्धि को और खास बनाता है। JRF के माध्यम से उन्हें आगे रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

जूलॉजी में उच्च शिक्षा के बाद शोध की ओर कदम

M.Sc. Zoology के बाद CSIR-NET क्वालिफाई करना दोनों बहनों के अकादमिक करियर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खासकर शनाया का JRF के लिए क्वालिफाई करना उन्हें आगे पीएचडी और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा।

Shanaya and Shonaya with Prof Vipin
एक कांफ्रेंस के दौरान प्रो. विपिन कुमार के साथ शनाया और शोनाया

दोनों बहनों ने अपनी सफलता के दौरान मिले शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण माना है। PG की पढ़ाई के दौरान और उसके बाद भी प्रो. विपिन कुमार का मार्गदर्शन उन्हें लगातार मिलता रहा। उनकी शैक्षणिक तैयारी और शोध के प्रति दृष्टिकोण को बेहतर बनाने में प्रो. विपिन कुमार के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पिता ने कहा—बेटियों की सफलता परिवार के लिए गौरव का क्षण

शनाया और शोनाया के पिता श्री कौशलेंद्र झा ने बेटियों की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, “बेटियों का सफल होना हमारे परिवार के लिए गौरव का क्षण है। बच्चों के शिक्षकों और मार्गदर्शकों के सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। खासकर प्रो. विपिन कुमार का मार्गदर्शन हमेशा सराहनीय रहा है। उन्होंने PG की पढ़ाई के दौरान और उसके बाद भी दोनों बेटियों का निरंतर मार्गदर्शन किया।”

उन्होंने कहा कि दोनों बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन के साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनाया और इसी का परिणाम है कि आज दोनों ने CSIR-NET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

मीनापुर की इन दोनों बहनों की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

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