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पहलगाम आतंकी हमले पर, PM मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा आतंक का सफाया तय

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KKN गुरुग्राम डेस्क | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अप्रैल 2025 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 121वें एपिसोड में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए देश को भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा और आतंकवाद का सफाया होकर रहेगा।

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस जघन्य आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले के बाद से ही केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में सक्रिय हैं।

पीएम मोदी ने कहा: ‘देश की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा:

“आतंकियों और उनके आकाओं का मकसद कश्मीर को फिर से तबाही की ओर ले जाना है। लेकिन, आतंकवाद के खिलाफ इस जंग में 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”

पीएम मोदी ने बताया कि कश्मीर में पर्यटन में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही थी, आमदनी बढ़ रही थी, और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे थे। यही विकास देश विरोधी ताकतों को रास नहीं आया और उन्होंने इस हमले को अंजाम दिया।

‘पीड़ित परिवारों के प्रति हर भारतीय की गहरी संवेदना’

प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा:

“चाहे वह किसी भी राज्य का हो, कोई भी भाषा बोलता हो, हर भारतीय इस दर्द को महसूस कर रहा है। पहलगाम हमले ने पूरे देश को दुखी कर दिया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि देशवासियों के दिल में पीड़ित परिवारों के लिए गहरी संवेदनाएं हैं और हर नागरिक का दिल इस हमले की तस्वीरें देखकर गुस्से से भर गया है।

‘आतंकियों की हताशा और कायरता का प्रतीक है यह हमला’

पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला आतंकवादियों और उनके समर्थकों की हताशा और कायरता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा:

“जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, स्कूल-कॉलेजों में रौनक थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था, पर्यटन बढ़ रहा था और युवाओं को नए अवसर मिल रहे थे, तब देश के दुश्मनों को यह सहन नहीं हुआ।”

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवादी फिर से कश्मीर को अशांति के दौर में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।

पीएम मोदी ने दिया न्याय का भरोसा

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाते हुए कहा:

“मैं देश को आश्वस्त करता हूं कि इस हमले के साजिशकर्ताओं और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। न्याय अवश्य होगा।”

उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और मजबूती से जारी रखेगा और देशद्रोही ताकतों को कभी कामयाब नहीं होने देगा।

वैश्विक समर्थन: दुनिया भारत के साथ खड़ी

पीएम मोदी ने बताया कि इस जघन्य हमले के बाद कई वैश्विक नेताओं ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा:

“दुनिया के कई नेताओं ने मुझे फोन किया, पत्र लिखे और संदेश भेजे। सभी ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में भारत का समर्थन किया है।”

यह वैश्विक समर्थन भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूती और नैतिक नेतृत्व को दर्शाता है।

दंतेवाड़ा का उदाहरण: शांति और विकास का नया चेहरा

प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे कभी हिंसा के लिए कुख्यात इलाका अब शांति और विकास का प्रतीक बन चुका है।

उन्होंने कहा:

“अब दंतेवाड़ा में एक साइंस सेंटर बन चुका है जो बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। वहां का माहौल बच्चों और उनके परिवारों में नया विश्वास जगा रहा है।”

पीएम मोदी ने संदेश दिया कि जिस तरह दंतेवाड़ा में बदलाव आया है, उसी तरह कश्मीर भी विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा:

  • राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

  • आतंकियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।

  • वैश्विक सहयोग से आतंक नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।

  • जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों को शिक्षा, रोजगार और विकास के माध्यम से मजबूत किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि आतंकवाद का न तो कोई धर्म होता है, न कोई जाति और न ही कोई राष्ट्रीयता।

नागरिकों से पीएम मोदी की अपील

पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की:

  • आतंक के खिलाफ एकजुट रहें।

  • अफवाहों से बचें और भरोसेमंद स्रोतों से ही जानकारी लें।

  • विकास की राह पर जम्मू-कश्मीर का समर्थन करें।

  • पीड़ित परिवारों के साथ अपनी संवेदना और सहयोग प्रकट करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को यह भरोसा दिलाया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई और भी मजबूत होगी।
पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा और आतंकियों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।

पहलगाम हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत को तोड़ने की साजिशें नाकाम होंगी और हमारा देश विकास, लोकतंत्र और एकता के मार्ग पर अडिग रहेगा।

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