मुजफ्फरपुर। शिक्षक नियोजन फर्जीवाड़े चलाने वाले गिरोह के समक्ष अब राज्य की जांच एजेंसी भी बौनी साबित होने लगी है। कहतें हैं कि पिछले पौने दो वर्षो में विजिलेंस की टीम महज फोल्डर भी ढ़ूढ़ नही सकी। रिपोर्ट के नाम पर जांच एजेंसी ने 7,250 नियोजित शिक्षकों के फोल्डर नहीं मिलने की बात कहतें हुए फिलहाल अपना पल्ला झाड़ लिया है।
दूसरी ओर जांच एजेंसी ने मुजफ्फरपुर के डीपीओ स्थापना से जवाब मांगा है कि फोल्डर नहीं देने वाले कितने नियोजन इकाई पर विभाग ने एफआईआर कराई, इसकी प्राथमिकी की फोटो कॉपी के साथ रिपोर्ट करें। निगरानी के सख्ती के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। डीपीओ स्थापना जियाउल होदा ने 31 मई से पहले फोल्डर जमा कराने का आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जहां से फोल्डर नहीं आएगा, उस नियोजन इकाई पर एफआईआर कराई जाएगी।
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