होमBiharआज से बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा शुरू, केंद्रों पर कड़ी निगरानी

आज से बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा शुरू, केंद्रों पर कड़ी निगरानी

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बिहार में आज से इंटरमीडिएट यानी 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 की शुरुआत हो गई है। सुबह से ही राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की भारी भीड़ देखने को मिली। स्कूल ड्रेस में छात्र, हाथों में एडमिट कार्ड और चेहरे पर हल्की घबराहट के साथ परीक्षा केंद्रों की ओर बढ़ते नजर आए।

यह परीक्षा Bihar School Examination Board द्वारा आयोजित की जा रही है। परीक्षा का आयोजन 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर के लाखों छात्र अपने शैक्षणिक भविष्य की अहम परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।

1762 परीक्षा केंद्रों पर 13 लाख से अधिक परीक्षार्थी

बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थी इंटर परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। राज्यभर में इसके लिए 1762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। छात्र अलग अलग विषयों और संकायों की परीक्षा दे रहे हैं।

राजधानी पटना में इस बार 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां करीब 73,963 छात्र और छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने राजधानी को लेकर विशेष सतर्कता बरती है।

पटना में छात्राओं के लिए बनाए गए मॉडल परीक्षा केंद्र

इस बार परीक्षा व्यवस्था की एक खास बात पटना में बनाए गए चार मॉडल परीक्षा केंद्र हैं। इन केंद्रों पर केवल छात्राओं को ही परीक्षा देने की अनुमति दी गई है।

इन मॉडल केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मी, महिला निरीक्षक और अलग सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्राओं को सुरक्षित और सहज वातावरण मिलेगा।

नकल रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था

बिहार बोर्ड ने इस बार नकल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले छात्रों की दो स्तरों पर जांच की जा रही है। मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री पूरी तरह वर्जित है। बोर्ड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

छात्रों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह

बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। परीक्षा से 30 मिनट पहले सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए जा रहे हैं।

निर्धारित समय के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, भले ही उसके पास एडमिट कार्ड मौजूद हो। बोर्ड का कहना है कि यह व्यवस्था अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है।

परीक्षा के लिए जारी किए गए स्पष्ट निर्देश

बिहार बोर्ड ने परीक्षा को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। छात्रों को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं है।

यदि कोई छात्र इन प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ नकल का मामला दर्ज किया जाएगा। ऐसे छात्रों को तुरंत परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त

इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर टू लेवल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।

हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पूरे केंद्र की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। इसके अलावा हर 25 छात्रों पर एक इनविजिलेटर की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।

दो पालियों में हो रही है परीक्षा

इंटरमीडिएट परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जा रहा है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चल रही है। इसके लिए छात्रों को सुबह 8:30 बजे से प्रवेश दिया जा रहा है।

दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। इस पाली के लिए प्रवेश दोपहर 1:00 बजे से शुरू हो रहा है। दोनों पालियों के बीच छात्रों की आवाजाही को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है।

प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त समय

बोर्ड ने छात्रों को राहत देते हुए प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया है। यह कूल ऑफ टाइम दोनों पालियों में लागू है।

बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों को प्रश्नों को समझने में मदद मिलेगी और परीक्षा का तनाव भी कम होगा।

पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू

परीक्षा के पहले दिन अधिकतर केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई। कहीं से किसी बड़ी अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।

संवेदनशील केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वायड और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन और बोर्ड के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा पर बोर्ड का जोर

बिहार बोर्ड ने दोहराया है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं।

बोर्ड का लक्ष्य है कि इंटर परीक्षा 2026 तय समय पर और बिना किसी विवाद के संपन्न कराई जाए। छात्रों से अपील की गई है कि वे संयम बनाए रखें और नियमों का पालन करें।

13 फरवरी तक चलने वाली इस परीक्षा के दौरान प्रशासन हाई अलर्ट पर रहेगा। आगे की जानकारी रोजाना मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर सामने आएगी।

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