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मुजफ्फरपुर में गंडक नदी किनारे महिला और तीन बच्चों के शव मिलने से सनसनी

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बिहार के Muzaffarpur से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा पुल के पास गंडक नदी किनारे एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एक ही परिवार के चार शव मिलने की खबर से लोग स्तब्ध हैं और क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। एसएसपी सहित कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई। नदी किनारे शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए।

चार दिन से लापता थे महिला और बच्चे

पुलिस के अनुसार मृतक महिला और उसके बच्चे पिछले चार दिनों से लापता थे। गुरुवार को अचानक उनके शव मिलने से मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया। प्रारंभिक जांच में अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है और साक्ष्य जुटाने का काम जारी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।

मृतकों की पहचान ममता कुमारी और तीन बच्चों के रूप में

मृतकों की पहचान कृशमोहन कुमार की पत्नी 22 वर्षीय ममता कुमारी के रूप में हुई है। उनके साथ तीन बच्चे भी मृत पाए गए हैं। इनमें छह वर्षीय आदित्य कुमार, चार वर्षीय अंकुश कुमार और दो वर्षीय पुत्री कृति कुमारी शामिल हैं।

परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शवों की पहचान की। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला और बच्चों का पहले अपहरण किया गया और बाद में उनकी हत्या कर शव नदी किनारे फेंक दिए गए।

10 जनवरी को दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

परिजनों के अनुसार 10 जनवरी को ममता कुमारी और बच्चों के लापता होने की शिकायत Ahiyapur Police Station में दर्ज कराई गई थी। मृतक के पति कृशमोहन कुमार पेशे से ऑटो चालक हैं।

उन्होंने पुलिस को बताया कि 10 जनवरी की सुबह वह ऑटो चलाने जीरो माइल गए थे। शाम करीब छह बजे घर लौटने पर उनकी मां ने बताया कि ममता कुमारी सुबह करीब 11 बजे बच्चों के साथ मार्केटिंग के लिए जीरो माइल गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।

अपहरण की धमकी वाले फोन कॉल का आरोप

परिजनों का कहना है कि काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो 12 जनवरी की सुबह करीब तीन बजे दो अज्ञात मोबाइल नंबरों से फोन कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए गंभीर धमकी दी।

परिजनों के अनुसार कॉल करने वालों ने कहा कि महिला और बच्चों का अपहरण कर लिया गया है। उन्होंने पुलिस को सूचना देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। इस कॉल के बाद परिवार और ज्यादा डर गया।

पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि धमकी भरे फोन कॉल की जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो चारों की जान बच सकती थी।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जाता, तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

गंडक नदी किनारे मिले शव, इलाके में दहशत

गुरुवार को स्थानीय लोगों ने चंदवारा पुल के पास Gandak River किनारे शव पड़े देखे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया।

आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और कर शवों को सबूत मिटाने के लिए नदी किनारे फेंका गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

मौके पर पहुंचे वरीय अधिकारी, जांच तेज

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपहरण, हत्या और धमकी वाले फोन कॉल, तीनों बिंदुओं को जोड़कर जांच की जा रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच हो रही है।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस का उद्देश्य किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकना है।

लोगों में आक्रोश और डर दोनों देखा जा रहा है। कई स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

जल्द गिरफ्तारी का दावा

पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। इस सनसनीखेज मामले पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।

मुजफ्फरपुर में महिला और तीन मासूम बच्चों की हत्या की घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।

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