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BRABU 2nd सेमेस्टर रिजल्ट 2025 जारी, स्नातक सत्र 2024-28 के छात्रों को राहत

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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक दूसरे सेमेस्टर सत्र 2024–28 का परीक्षा परिणाम गुरुवार देर शाम जारी कर दिया गया। परीक्षा में शामिल हुए छात्र अपना रिजल्ट online माध्यम से देख सकते हैं। परिणाम देखने के लिए छात्रों को braburesults.com पर जाकर रोल नंबर और कॉलेज की जानकारी दर्ज करनी होगी।

परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने वेबसाइट पर लॉग इन किया। कुछ समय के लिए साइट पर ट्रैफिक भी बढ़ा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।

परीक्षा नियंत्रक ने साझा की परिणाम की जानकारी

परीक्षा परिणाम जारी होने की जानकारी परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राम कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि स्नातक दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में कुल एक लाख 43 हजार छात्रों ने भाग लिया था। इनमें से एक लाख 25 हजार छात्र सफल घोषित किए गए हैं।

इसके अलावा 16 हजार छात्रों को प्रमोट किया गया है। लगभग दो हजार छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिणाम को संतोषजनक बताया है।

अधिकांश छात्रों को मिले आवश्यक क्रेडिट

परीक्षा नियंत्रक के अनुसार एक लाख 34 हजार छात्रों को कुल 28 क्रेडिट प्राप्त हुए हैं। यह क्रेडिट अगले सेमेस्टर में प्रवेश के लिए जरूरी होते हैं। जिन छात्रों ने निर्धारित क्रेडिट पूरे कर लिए हैं, वे बिना किसी बाधा के आगे की पढ़ाई कर सकेंगे।

कॉपियों का मूल्यांकन समय पर पूरा किया गया। परिणाम तैयार करने से पहले सभी आंकड़ों का मिलान किया गया।

तीसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षा तिथि तय

विश्वविद्यालय ने आगामी परीक्षाओं को लेकर भी जानकारी दी है। सत्र 2024–28 के तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा मार्च महीने में आयोजित की जाएगी। वहीं चौथे सेमेस्टर की परीक्षा जून में ली जाएगी।

विश्वविद्यालय का कहना है कि शैक्षणिक कैलेंडर को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले सेमेस्टर समय पर पूरे कराए जाएंगे।

पीजी सत्र 2025–27 में दाखिले की प्रक्रिया शुरू

इधर, विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर सत्र 2025–27 के लिए admission प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहली merit list जारी कर दी गई है। इस सूची में 10 हजार 45 छात्रों के नाम शामिल हैं।

पहली मेरिट सूची के आधार पर दाखिला 10 फरवरी तक लिया जाएगा। पहले दिन कॉलेजों और पीजी विभागों में कम संख्या में छात्र पहुंचे, लेकिन आने वाले दिनों में संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

हिंदी और इतिहास में सबसे अधिक आवेदन

पीजी दाखिले में हिंदी और इतिहास विषयों की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है। हिंदी में 2,137 और इतिहास में 3,704 छात्रों ने आवेदन किया है। जबकि सीटों की संख्या इससे कहीं कम है।

हिंदी में कुल 824 और इतिहास में 1,176 सीटें उपलब्ध हैं। सीटों से तीन गुना अधिक आवेदन आने के कारण कई छात्रों को दाखिला नहीं मिल पाने की आशंका है।

कुल आवेदनों की संख्या 22 हजार से अधिक

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी दाखिले के लिए कुल 22 हजार 562 छात्रों ने आवेदन किया है। वहीं कुल सीटों की संख्या लगभग 11 हजार है। इस वजह से competition काफी बढ़ गया है।

हिंदी और इतिहास के अलावा राजनीति विज्ञान और जूलॉजी में भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। राजनीति विज्ञान में 1,821 और जूलॉजी में 2,175 छात्रों ने आवेदन किया है।

सीमित सीटों से बढ़ी छात्रों की परेशानी

राजनीति विज्ञान में 796 और जूलॉजी में 404 सीटें उपलब्ध हैं। सीमित सीटों के कारण कई योग्य छात्रों को मनपसंद विषय नहीं मिल पाने की स्थिति बन सकती है।

पिछले सत्रों में भी इसी तरह की समस्या सामने आई थी। सीटें नहीं बढ़ने से छात्रों को काफी परेशानी हुई थी।

सीट बढ़ाने को लेकर पहले भी आए थे आवेदन

विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष भी कई कॉलेजों ने स्नातक और पीजी में सीट बढ़ाने के लिए आवेदन दिए थे। कुछ कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गईं, लेकिन कई जगहों पर अनुमति नहीं मिली।

इस बार भी नए सत्र से कई कॉलेजों ने पीजी कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया है। इन प्रस्तावों पर विश्वविद्यालय स्तर पर विचार किया जा रहा है।

ऑनर्स छात्रों को मिली प्राथमिकता

विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि पहली merit list में ऑनर्स विषय के छात्रों को प्राथमिकता दी गई है। दाखिले के समय सभी छात्रों के दस्तावेजों की verification की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पीजी विभागों और कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि यदि किसी भी दस्तावेज में गड़बड़ी पाई जाती है, तो छात्र का admission रद्द कर दिया जाए।

एलएस और आरडीएस कॉलेज में होंगे सबसे अधिक दाखिले

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस सत्र में सबसे अधिक दाखिले एलएस कॉलेज और आरडीएस कॉलेज में होने की संभावना है। दोनों कॉलेजों में दो हजार से अधिक छात्रों का नामांकन हो सकता है।

इन कॉलेजों में संसाधन और फैकल्टी की उपलब्धता अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को प्रवेश दिया जाता है।

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में दूसरे सेमेस्टर का परिणाम जारी होने से छात्रों को बड़ी राहत मिली है। वहीं पीजी दाखिले की प्रक्रिया ने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। हालांकि सीमित सीटों के कारण कई विषयों में छात्रों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे university updates पर नजर बनाए रखें।

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