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बिहार में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण स्कूलों में छुट्टी और समय में बदलाव

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बिहार में इस समय कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर साफ तौर पर दिख रहा है। तापमान में लगातार गिरावट, घना कोहरा और सर्द हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को ध्यान में रखते हुए, राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इन कदमों में स्कूलों को बंद करने या उनके समय में बदलाव करने का फैसला लिया गया है। मौसम विभाग ने भी भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है, ऐसे में स्कूलों की छुट्टियों या शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक बढ़ने की संभावना है।

सारण में 21 दिसंबर तक स्कूल बंद

सारण (छपरा) जिले में ठंड के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 21 दिसंबर तक छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके अलावा, सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में भी शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी गई हैं। हालांकि, बोर्ड परीक्षा से संबंधित कक्षाओं को इस आदेश से बाहर रखा गया है, ताकि परीक्षाओं की तैयारी पर असर न पड़े। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सेहत प्राथमिकता है, और अत्यधिक ठंड में स्कूल जाना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है।

दरभंगा और शिवहर में कक्षा 8 तक स्कूल बंद

दरभंगा जिले में भी कड़ाके की ठंड को देखते हुए कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। यह व्यवस्था 22 दिसंबर तक लागू रहेगी। वहीं, शिवहर जिले में भी कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। शिवहर की जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि कक्षा 8 और उससे ऊपर की कक्षाओं के लिए सुबह 9:30 बजे से पहले स्कूल संचालन पर रोक रहेगी। यह आदेश 21 दिसंबर तक लागू रहेगा। प्रशासन का मानना है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में समस्या हो सकती है।

पटना समेत कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव

राजधानी पटना में फिलहाल स्कूल बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन यहां भी ठंड को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सुबह 9 बजे से पहले और शाम 4:30 बजे के बाद किसी भी शैक्षणिक गतिविधि पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश 25 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। पटना के अलावा, बक्सर, शेखपुरा और सीवान जिलों में भी इस प्रकार के आदेश जारी किए गए हैं, जहां सुबह के समय स्कूल संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।

जहानाबाद में सुबह 10 बजे से पहले पढ़ाई पर रोक

जहानाबाद जिले में भी ठंड को लेकर एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यहां जिला प्रशासन ने सुबह 10 बजे से पहले और दोपहर 3 बजे के बाद स्कूलों में पढ़ाई पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे बच्चों के साथ हादसे का खतरा बढ़ सकता है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी: राहत के आसार कम

मौसम विभाग ने बिहार में ठंड और शीतलहर के प्रभाव को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है और सुबह तथा देर शाम घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। आवश्यकता पड़ने पर और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जिनमें स्कूलों को बंद करने या समय में और बदलाव की संभावना है।

अभिभावकों और शिक्षकों ने फैसले का किया समर्थन

स्कूलों में छुट्टी और समय में बदलाव के फैसले का अभिभावकों और शिक्षकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड में छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। कई अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि अगर ठंड का असर और बढ़ता है, तो राज्य सरकार को एक समान दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए, ताकि सभी जिलों में एकरूपता बनी रहे और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

कुल मिलाकर, बिहार में कड़ाके की ठंड ने बच्चों की पढ़ाई पर ब्रेक लगा दिया है। स्कूलों को बंद करने और समय में बदलाव जैसे फैसले प्रशासन की ओर से बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं। इस समय, बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, और इसे लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है।

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