होमBiharUnity Mall Patna : अटल पथ के पास बनेगा प्रधानमंत्री एकता मॉल

Unity Mall Patna : अटल पथ के पास बनेगा प्रधानमंत्री एकता मॉल

Published on

Patna में एक और बड़ी विकास परियोजना जल्द आकार लेने जा रही है। राजधानी के बोरिंग पानी टंकी क्षेत्र में Atal Path के समीप प्रधानमंत्री एकता मॉल, जिसे Unity Mall के नाम से भी जाना जाएगा, का निर्माण प्रस्तावित है। यह मॉल एक जिला एक उत्पाद योजना की अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। इस परियोजना के जरिए बिहार सहित देशभर के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रस्तुत किया जाएगा।

यह परियोजना न केवल एक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित होगी, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाला एक खास मंच भी बनेगी। Unity Mall Patna को राजधानी के विकास के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ODOP योजना को मिलेगा नया मंच

प्रधानमंत्री एकता मॉल का मुख्य उद्देश्य देश के हर जिले की पहचान बने पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देना है। एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत हर जिले से जुड़े विशिष्ट उत्पादों को यहां प्रदर्शित और विपणन का अवसर मिलेगा। इस मॉल में बिहार के अलग-अलग जिलों के उत्पादों के साथ देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हस्तशिल्प और पारंपरिक सामान उपलब्ध होंगे।

इस पहल से स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही उनके उत्पादों के लिए एक स्थायी बाजार भी तैयार होगा, जिससे उनकी आय और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

बोरिंग रोड क्षेत्र में तय हुआ स्थान

प्रधानमंत्री एकता मॉल के लिए बोरिंग पानी टंकी के पास अटल पथ के नजदीक की जमीन को अंतिम रूप दिया गया है। यह इलाका शहर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है और यहां तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। बेहतर सड़क संपर्क और यातायात व्यवस्था को देखते हुए इस स्थान को परियोजना के लिए उपयुक्त माना गया है।

शहर प्रशासन का मानना है कि इस क्षेत्र में मॉल बनने से आसपास के इलाके का भी समग्र विकास होगा और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

नगर आयुक्त ने किया स्थल का निरीक्षण

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगर आयुक्त Yashpal Meena ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान Bihar Urban Infrastructure Development Corporation के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान भूमि की स्थिति, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और प्रस्तावित सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

नगर आयुक्त ने स्थल पर मौजूद पुराने और जर्जर निर्माणों को जल्द हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर

नगर आयुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री एकता मॉल के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि मॉल के संचालन के दौरान भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए अभी से हर पहलू पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है। Planning और execution दोनों पर समान ध्यान देने की बात कही गई है।

पर्यावरण मानकों का रखा जाएगा ध्यान

प्रधानमंत्री एकता मॉल परियोजना में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। प्रस्तावित योजना के तहत हरित क्षेत्र का विकास किया जाएगा और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही ऊर्जा दक्ष तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार Sustainable Development को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य किया जाएगा, ताकि पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और भविष्य में भी यह परियोजना उपयोगी बनी रहे।

पार्किंग और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था

मॉल में आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। सुरक्षा को लेकर भी आधुनिक उपाय अपनाए जाएंगे, ताकि लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

आधुनिक निगरानी प्रणाली और अन्य सुरक्षा इंतजामों के जरिए मॉल को सुरक्षित बनाने की योजना है। इससे परिवारों और पर्यटकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

परियोजना का आकार और संरचना

प्रधानमंत्री एकता मॉल का कुल क्षेत्रफल 12054 वर्गमीटर, यानी लगभग 2.978 एकड़ होगा। इसमें 3069.67 वर्गमीटर क्षेत्र में ग्राउंड कवरेज प्रस्तावित है। मॉल का निर्माण बेसमेंट, भूतल और उसके ऊपर पांच मंजिलों के रूप में किया जाएगा।

इस परियोजना का कुल बिल्टअप एरिया 19466.1 वर्गमीटर होगा। आकार और सुविधाओं के लिहाज से यह मॉल पटना के प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।

पटना को मिलेगी नई पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री एकता मॉल के निर्माण से पटना को एक नई पहचान मिलेगी। यह मॉल सिर्फ Shopping Destination नहीं होगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

पर्यटन, रोजगार और व्यापार के क्षेत्र में इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। आने वाले समय में Unity Mall Patna राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है और शहर के विकास को नई दिशा दे सकता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

मोहम्मद रफी के आखरी अल्फाज- तो, मैं चलूं….

महान पार्श्व गायक मो. रफी आज हमारे बीच भले नही हो, किंतु, उन्हें भूलना...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

More like this

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...