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मुजफ्फरपुर का ग्रामीण इलाका बिजली संकट की चपेट में

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उमस भरी गर्मी से हलकान लोग और एईएस से दम तोड़ रहें हैं बच्चे

बिहार के मुजफ्फरपुर का ग्रामीण इलाका इन दिनो लगातार बिजली संकट झेलने को अभिशप्त हो चुका है। मीनापुर सहित कई ग्रामीण इलाको में एक ओर जहां एईएस का कहर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं, लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल है। ऐसे में मामुली बारिश या तुफान के बाद घंटो बिजली की आपूर्ति ठप रहने से लोगो में आक्रोश पनपने लगा है। मेडिकल पावर सब स्टेशन से जुड़े मीनापुर फीडर का आलम ये है कि 24 घंटे में बमुश्किल से 10 घंटा बिजली मिल जाये तो गनिमत है। बनघारा पावर सब स्टेशन का भी कमोवेश यहीं हाल है।

बिजली की कमी का जन-जीवन पर असर

गौर करने वाली बात ये है कि पानी की किल्लत अब गांव में भी दस्तक दे रही है। ऐसे में बिजली की कमी से लोग हलकान है। आटाचक्की सहित कई अन्य घरेनू उद्योग बूरी तरीके से प्रभावित हो रही है। आरओ ट्रिटमेंट प्लांट ठप होने के कगार पर है। मीनापुर, टेंगराहां और टेंगरारी का टेलीफोन एक्सचेंज पावर की कमी का रोना रो रहा है। बैटरी डिस्चार्ज होने की वजह से मोबाइल बंद हो जाने से लोगो का बाहरी दुनिया से संपर्क कटने लगा है। नतीजा, गांव में भी जेनरेटर का कारोबार धड़ल्ले से फलने-पूलने लगा है। इस सब के बीच उमस भरी भीषण गर्मी से कोहराम मचा है। स्मरण रहें कि तुफान की वजह से मीनापुर के मदारीपुर गांव में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई थीं। जिसको 17 रोज बाद पिछले दिनो चालू किया गया है।

सड़को पर निकलने लगें हैं आक्रोशित लोग

बिजली की आपूर्ति बार- बार रुकने से लोगो में आक्रोश पनपने लगा है। आक्रोशित लोगों ने शहर से गांव तक जगह-जगह सड़क जाम कर विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शहर में कई स्थानों पर आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर घंटों आवागमन बाधित रखा। चंदवारा, लक्ष्मी चौक और पताही इलाके में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। लक्ष्मी चौक व आसपास के इलाकों में लगातार बिजली ट्रिपिंग व बीते दो रातों को आपूर्ति बाधित रहने से आक्रोशित लोगों ने चौक से मन किनारे होकर सिकंदरपुर जाने वाले रास्ते पर बुधवार को प्रदर्शन किया और सड़क को जाम कर दिया। इधर, मीनापुर में बिजली की किल्लत से तंग आकर छात्र राजद के जिला अध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार ने लोक शिकायत अधिनियम के तहत मामला दर्ज करा दिया है।

 

नहीं सुनतें हैं अधिकारी

 

कहतें हैं कि समस्या सिर्फ बिजली संकट  की नहीं है। बल्कि, अधिकारी की लापरवाही इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। मामुली फॉल्ट होने पर भी कई-कई घंटो तक बिजली की आपूर्ति बंद होना यहां आम हो गया है। ताज्जुब की बता ये है कि मीनापुर फीडर की देख-रेख करने वाला लाइन मैन पोल पर चढ़ने में सक्षम ही नहीं है। ऐसे में प्राइवेट मिस्त्री की मनमानी से उपभोक्ता परेसान है। अधिकांश उपभोक्ताओं ने बताया कि अधिकारी फोन नहीं उठातें हैं। नतीजा, महज एक कम्पलेन दर्ज कराने में ही यहां घंटो बीत जाता है।

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