शुक्रवार, अप्रैल 17, 2026 12:44 अपराह्न IST
होमBiharबिहार विधानसभा चुनाव 2025: चिराग पासवान और नीतीश कुमार की राह में...

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चिराग पासवान और नीतीश कुमार की राह में चार बड़ी रुकावटें

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार में इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं, लेकिन इस बार असली संघर्ष केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नहीं, बल्कि एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के भीतर ही चल रही गुटबाज़ी को लेकर है।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच नेतृत्व को लेकर गहराता टकराव, और भाजपा के अंदर बढ़ती गुटीय खींचतान इस चुनाव को और भी पेचीदा बना रहे हैं।

1. चिराग बनाम नीतीश: अनुभव बनाम नया चेहरा

एनडीए में सबसे बड़ा मुद्दा है कि अगला मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे प्रशासनिक अनुभव और संगठित जमीनी नेटवर्क के साथ मैदान में हैं, तो दूसरी ओर युवा नेता चिराग पासवान खुद को दलित और युवा वोटबैंक का चेहरा बनाकर उभार रहे हैं।

टकराव के मुख्य कारण:

  • चिराग का मानना है कि वह रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

  • नीतीश कुमार को लेकर भाजपा के एक वर्ग में विश्वास की कमी दिखी है, खासकर उनके बार-बार एनडीए से बाहर जाने और वापस आने को लेकर।

दोनों नेताओं की महत्वाकांक्षा ने गठबंधन में नेतृत्व संकट को जन्म दे दिया है।

2. मुख्यमंत्री चेहरा तय नहीं: गठबंधन में स्पष्टता की कमी

भाजपा ने अब तक सीएम उम्मीदवार को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई है। पार्टी के भीतर दो स्पष्ट खेमे नजर आते हैं:

  • एक वर्ग नीतीश कुमार को स्थिरता और अनुभव का प्रतीक मानता है।

  • वहीं दूसरा वर्ग, खासकर भाजपा के युवा विधायक और सांसद, चिराग को ज्यादा ऊर्जावान और आक्रामक चेहरा मानते हैं।

राजनीतिक प्रभाव:

  • मुख्यमंत्री पद को लेकर असमंजस एनडीए की चुनावी रणनीति को कमजोर कर सकता है।

  • दलित और युवा वोट में विभाजन का खतरा है, जो विपक्ष के लिए फायदा बन सकता है।

3. भाजपा का अंदरूनी संघर्ष: संगठन बनाम जनप्रतिनिधि

बिहार भाजपा भी आंतरिक खींचतान से गुजर रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के सक्रिय राजनीति से अलग होने के बाद, राज्य में नेतृत्व का खालीपन महसूस किया जा रहा है।

प्रमुख गुट:

  • संगठनात्मक धड़ा: जो आरएसएस की विचारधारा के करीब है।

  • चुनावी धड़ा: विधायक और सांसद जो सत्ता और हिस्सेदारी में अधिक भूमिका चाहते हैं।

  • दिल्ली बनाम पटना विवाद: दिल्ली का केंद्रीय नेतृत्व टिकट बंटवारे पर ज्यादा नियंत्रण चाहता है, जिससे स्थानीय नेताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

4. विपक्ष की आक्रामक रणनीति: महागठबंधन की एकजुटता

जहां एनडीए अंदरूनी झगड़ों से जूझ रहा है, वहीं राजद के नेतृत्व में महागठबंधन ने मैदान में तेजस्वी यादव को आक्रामकता के साथ उतार दिया है।

तेजस्वी की रणनीति:

  • ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में युवा केंद्रित प्रचार

  • बेरोजगारी, महंगाई और आरक्षण जैसे मुद्दों पर फोकस

  • खुद को नीतीश और चिराग दोनों से अलग एक नया विकल्प बताना

एनडीए की आपसी खींचतान महागठबंधन को सीधा लाभ दे सकती है, खासकर तब जब गठबंधन की रणनीति स्पष्ट हो और संदेश एकजुट हो।

चुनावी समीकरण: जाति, सीट और संगठन

बिहार चुनाव का आधार हमेशा से जातीय समीकरण पर रहा है।

  • नीतीश कुमार को कुर्मी और EBC समुदायों का समर्थन

  • चिराग पासवान को दलित और युवा वोटर्स का झुकाव

  • भाजपा का फोकस ऊंची जातियों और शहरी हिंदू वोटर्स पर

यदि गठबंधन के भीतर समन्वय नहीं बनता, तो यह मतों के बंटवारे और सीटों के नुकसान का कारण बन सकता है।

जनता का मूड: भ्रम और निराशा

बिहार के मतदाताओं में भ्रम की स्थिति है। लोग विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर बात करना चाहते हैं, लेकिन नेताओं की आंतरिक लड़ाइयों और नेतृत्व के लिए मची होड़ से वे असंतुष्ट हैं।

मुजफ्फरपुर के एक दुकानदार ने कहा:

“हमें नौकरी और अस्पताल चाहिए, लेकिन यहां हर कोई मुख्यमंत्री बनना चाहता है। आम आदमी का कौन सोचेगा?”

राष्ट्रीय नजरिया: बिहार चुनाव का 2029 पर असर

बिहार चुनाव के नतीजे सिर्फ राज्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालेंगे। यह चुनाव एनडीए की एकजुटता और विश्वसनीयता का लिटमस टेस्ट बन सकता है।

अगर गठबंधन यहां कमजोर प्रदर्शन करता है:

  • तो भाजपा को हिंदी पट्टी में नुकसान हो सकता है

  • यूपी, झारखंड जैसे राज्यों में गठबंधन समीकरण बिगड़ सकते हैं

  • विपक्ष को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का मौका मिलेगा

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, एनडीए के भीतर की नेतृत्व की लड़ाईसीट बंटवारे की खींचतान, और सामूहिक नेतृत्व की अनुपस्थिति उसे चुनावी दृष्टिकोण से कमजोर कर रही है।

यदि नीतीश कुमार, चिराग पासवान और भाजपा समय रहते एकजुटता का रास्ता नहीं निकालते, तो महागठबंधन इसका फायदा उठाने में देर नहीं करेगा

2025 का बिहार चुनाव सिर्फ वोटों की नहीं, बल्कि दृष्टिकोण, नेतृत्व और विश्वास की लड़ाई बनने जा रहा है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

बंगाल 2026: असली लड़ाई वोट की नहीं, सिस्टम की है

पश्चिम बंगाल की राजनीति अब सिर्फ चुनाव नहीं रह गई है… यह लड़ाई बन...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

क्या टीपू सुल्तान हीरो थे या विवादित शासक?

क्या आप जानते हैं कि 18वीं सदी में भारत के एक राजा ने रॉकेट...

क्या 2035 तक पानी के लिए जंग शुरू हो जाएगी?

भारत में दुनिया की करीब 18% आबादी रहती है… लेकिन मीठे पानी का स्रोत...

More like this

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आखिरकार बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर...

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: आज नहीं… तो कब?

बिहार में लाखों छात्रों के बीच शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द होगा जारी; यहां जानें तारीख, वेबसाइट और डाउनलोड प्रक्रिया

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द ही जारी...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...