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झज्जर में रील बनाते समय दर्दनाक हादसा, बिहार के दो युवकों की ट्रेन से कटकर मौत

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हरियाणा के झज्जर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां सोशल मीडिया के लिए रील बनाते समय बिहार के दो युवकों की तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। यह हादसा न केवल दोनों परिवारों के लिए गहरा सदमा है, बल्कि उनके गांवों में भी शोक का माहौल बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर खतरनाक जगहों पर रील बनाने के बढ़ते चलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतकों की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के 20 वर्षीय राहुल ठाकुर और 21 वर्षीय रोहित ठाकुर के रूप में हुई है। दोनों आपस में रिश्तेदार थे। रोहित ठाकुर, राहुल ठाकुर के जीजा के भाई बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया।

बुधवार शाम रेलवे ट्रैक पर हुआ हादसा

यह हादसा बुधवार की शाम झज्जर के एक रेलवे ट्रैक पर हुआ। जानकारी के अनुसार, राहुल और रोहित रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रील बना रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई। ट्रेन की गति इतनी अधिक थी कि दोनों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए।

टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में झज्जर पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को संभालने में जुट गई।

शव हटाने में लगे कई घंटे

पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद रेलवे ट्रैक से शवों को हटाने में काफी समय लगा। शवों की हालत बेहद गंभीर थी, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया में करीब पांच घंटे का समय लगा। इस दौरान रेलवे लाइन पर आवागमन भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पूरे इलाके में घटना के बाद सन्नाटा और शोक का माहौल बना रहा।

पश्चिम चंपारण के रहने वाले थे दोनों युवक

राहुल ठाकुर पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी थाना क्षेत्र के फतेहपुर बढ़ाई टोला का रहने वाला था। वहीं रोहित ठाकुर बैरिया प्रखंड के बथना पंचायत अंतर्गत वार्ड-7 सुदामानगर का निवासी था। दोनों युवक रोजगार के सिलसिले में झज्जर में रह रहे थे।

हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि बुधवार से दोनों घरों में चूल्हा नहीं जला है।

परिजन ने बताया आखिरी बातचीत

मृतकों के परिजन नारद ठाकुर ने बताया कि झज्जर में उनकी नाई की दुकान है, जहां राहुल और रोहित काम करते थे। बुधवार शाम दोनों ने कहा था कि वे थोड़ी देर में रेलवे ट्रैक के पास जाकर रील बनाएंगे और फिर लौट आएंगे।

नारद ठाकुर ने उन्हें वहां जाने से मना भी किया था और खतरे के बारे में समझाया था। इसके बावजूद दोनों नहीं माने और वहां चले गए। कुछ ही समय बाद उन्हें इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिली, जिसने पूरे परिवार को तोड़ दिया।

पोस्टमार्टम के बाद सौंपे गए शव

गुरुवार को झज्जर पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए शवों को बिहार भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

हालांकि घने कोहरे के कारण यात्रा में देरी हो रही है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक शवों के गांव पहुंचने की संभावना है। अंतिम संस्कार की तैयारी गांव में की जा रही है।

गांवों में पसरा मातम

राहुल और रोहित की असमय मौत से दोनों गांवों में मातम का माहौल है। गांव के लोग शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े हैं। कई लोग इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चेतावनी देने वाली घटना बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों युवक मेहनती थे और अपने परिवार की मदद के लिए बाहर काम कर रहे थे। इस हादसे ने उनके सपनों को अधूरा छोड़ दिया।

रील और सोशल मीडिया के खतरों पर सवाल

यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरे स्टंट करने के खतरों को उजागर करती है। रेलवे ट्रैक जैसे स्थानों पर रील बनाना जानलेवा साबित हो सकता है। ट्रेन की रफ्तार और अचानक आने का खतरा अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

विशेषज्ञ और प्रशासन पहले भी लोगों को ऐसे स्थानों से दूर रहने की सलाह देते रहे हैं। इसके बावजूद युवा वर्ग में ऐसे खतरनाक ट्रेंड बढ़ते जा रहे हैं।

सावधानी और जागरूकता की जरूरत

इस हादसे के बाद लोगों में जागरूकता फैलाने की मांग तेज हो गई है। गांव के बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवाओं को ऐसे जोखिम भरे कदम उठाने से रोकना जरूरी है।

झज्जर में हुई यह घटना एक गहरी सीख छोड़ जाती है। कुछ सेकंड की रील के लिए दो जिंदगियां खत्म हो गईं। यह हादसा बताता है कि Popularity की चाह में सुरक्षा से समझौता करना कितना घातक हो सकता है।

एक दर्दनाक सबक

राहुल ठाकुर और रोहित ठाकुर की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। उनके परिवार अब अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं। यह घटना हमेशा याद दिलाएगी कि जीवन अनमोल है और किसी भी Trend के लिए जोखिम लेना कभी सही नहीं होता।

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