जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। देवरिया थाना क्षेत्र के एकमा चौक स्थित वैशाली नहर में एक कार अनियंत्रित होकर गिर गई। कार में सवार दो लोगों की डूबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान बिजली विभाग के कनीय अभियंता शनि कुमार और विभागीय कर्मी अफजल कुमार के रूप में हुई है।
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इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। परिजनों के साथ-साथ बिजली विभाग के कर्मचारी भी गहरे सदमे में हैं।
देर रात या सुबह तड़के हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा देर रात या अहले सुबह हुआ होगा। उस समय सड़क पर आवाजाही काफी कम थी। किसी प्रत्यक्षदर्शी की मौजूदगी नहीं बताई जा रही है। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीण एकमा चौक के पास पहुंचे, तब उन्होंने नहर के पुल के नीचे एक कार को पानी में डूबा हुआ देखा।
कार का केवल छोटा सा हिस्सा ही पानी के ऊपर नजर आ रहा था। यह दृश्य देखते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत देवरिया थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही देवरिया थानाध्यक्ष मनोज कुमार साह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। इसके बाद rescue operation शुरू किया गया।
नहर में पानी गहरा था और कार पूरी तरह डूबी हुई थी। visibility कम होने के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। काफी देर तक प्रयास जारी रहे।
क्रेन की मदद से बाहर निकाली गई कार
गोताखोरों के प्रयास के बावजूद जब कार बाहर नहीं निकाली जा सकी, तब क्रेन मंगाई गई। क्रेन की मदद से कार को नहर से बाहर निकाला गया। कार बाहर आते ही पुलिस और राहत दल ने दरवाजे खोले।
अंदर दो युवक अचेत अवस्था में फंसे हुए मिले। उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों की मौत हो चुकी थी।
दस्तावेजों से हुई मृतकों की पहचान
कार के अंदर मिले दस्तावेजों और मोबाइल फोन के आधार पर पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया शुरू की। बाद में पुष्टि हुई कि मृतक बिजली विभाग में कार्यरत थे। शनि कुमार कनीय अभियंता के पद पर थे, जबकि अफजल कुमार विभागीय कर्मी थे।
दोनों मुजफ्फरपुर शहर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में रहते थे। वे रोजाना यहीं से ड्यूटी के लिए निकलते थे।
परिजनों में मचा कोहराम
पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को दी। जैसे ही यह खबर घर पहुंची, कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हो गए और रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने परिजनों को सांत्वना देने की कोशिश की। पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल छा गया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है। postmortem रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस इस मामले को सड़क दुर्घटना मानकर जांच कर रही है। किसी तरह की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं।
तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने की आशंका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार का प्रतीत होता है। आशंका है कि speed अधिक होने के कारण चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका। कार पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नहर में जा गिरी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय सड़क पर रोशनी की व्यवस्था कैसी थी। साथ ही वाहन की तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा रही है।
बिजली विभाग में शोक की लहर
इस हादसे से बिजली विभाग में भी शोक की लहर दौड़ गई है। एक युवा अभियंता और उनके सहयोगी की असमय मौत से विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गहरे सदमे में हैं।
कर्मचारियों ने दोनों को मेहनती और जिम्मेदार बताया। विभागीय स्तर पर इसे अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि नहर और पुल के पास सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं। रेलिंग कमजोर होने और पर्याप्त लाइटिंग नहीं होने की बात भी सामने आई है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलों और नहरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। उनका मानना है कि ऐसे कदम भविष्य में बड़े हादसों को रोक सकते हैं।
जांच का भरोसा दिलाया प्रशासन ने
पुलिस प्रशासन ने मामले की गहन investigation का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। समय रहते ठोस कदम उठाना अब बेहद जरूरी माना जा रहा है।
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