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बिहार में धूप से दिन में राहत, ठंड और कोहरा अब भी परेशानी का कारण

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बिहार में एक बार फिर धूप निकलने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे बीते कुछ दिनों से जारी कड़ाके की ठंड से लोगों को दिन के समय कुछ राहत जरूर मिली है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण सर्दी का असर थोड़ी देर के लिए कम महसूस किया जा रहा है। हालांकि, मौसम की यह राहत पूरी तरह नहीं है, क्योंकि राज्य के उत्तरी हिस्सों में ठंडी रातें और सुबह का घना कोहरा अब भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ठंड से पूरी तरह निजात मिलने के आसार नहीं हैं। दिन में धूप जरूर राहत दे रही है, लेकिन रात के तापमान और कोहरे के कारण सर्दी का प्रभाव बना हुआ है। ऐसे में लोगों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।

कई जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी

राज्य के कई प्रमुख जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Patna, Gaya, Bhagalpur, Muzaffarpur, Darbhanga, Purnia और Saharsa जैसे जिलों में दिन के तापमान में लगभग दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी गई है। धूप निकलने से ठंडी हवाओं का असर दिन के समय कुछ हद तक कम हो गया है।

इसका असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दिया। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ी। कई लोग धूप में बैठकर ठंड से राहत लेते नजर आए। School जाने वाले बच्चों, office जाने वाले कर्मचारियों और खेतों में काम कर रहे किसानों के लिए दिन का मौसम पहले से बेहतर रहा।

रात में अब भी सर्दी का असर बरकरार

हालांकि दिन के समय राहत मिल रही है, लेकिन रात की ठंड अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान आठ से दस डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। वहीं, उत्तरी और तराई क्षेत्रों में तापमान गिरकर छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

रात के समय ठंडी हवाओं के कारण कनकनी बनी हुई है। देर शाम और तड़के सुबह सर्दी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को रात और सुबह के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उत्तर बिहार में कोहरा बना बड़ी समस्या

उत्तरी बिहार के इलाकों में घना कोहरा अब भी चिंता का विषय बना हुआ है। सुबह के समय कई जिलों में दृश्यता काफी कम हो जा रही है। इसके कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर वाहन चालकों को दिन निकलने के बाद भी लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ रही है।

कोहरे के चलते बस और ट्रेन सेवाओं में देरी की स्थिति बन रही है। हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ रहा है। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है। यदि कोहरे की स्थिति और गंभीर होती है, तो हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौजूदा स्थिति बनी रह सकती है। दिन में धूप निकलने की संभावना है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट और सुबह कोहरा जारी रह सकता है।

विशेष रूप से उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में Cold Day जैसी स्थिति फिर से बन सकती है। ऐसे में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

खेती पर भी दिख रहा मौसम का असर

इस मौसम का असर कृषि क्षेत्र पर भी देखने को मिल रहा है। जहां दिन की धूप से कुछ फसलों को फायदा हो रहा है, वहीं ठंडी रातें और कोहरा सब्जियों और रबी फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार ठंड और कोहरे से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पाले से बचाव के लिए समय-समय पर सिंचाई करें और जरूरी सावधानियां अपनाएं। इससे फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्कता जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने बदलते मौसम को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। ठंडी हवाओं, कोहरे और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं।

डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पेय पदार्थों से बचने और सुबह के समय कोहरे में बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है।

अभी खत्म नहीं हुई ठंड

कुल मिलाकर, भले ही बिहार में धूप लौटने से दिन के समय कुछ राहत मिली हो, लेकिन ठंड का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उत्तरी बिहार में कोहरा और ठंडी हवाएं अब भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाते हुए ही रोजमर्रा की गतिविधियां करने की सलाह दी गई है।

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