सोमवार, मई 18, 2026 7:06 अपराह्न IST
होमBiharबिहार विधानसभा चुनाव 2025: इस बार कुल 25 सीटें जीतने में सफल...

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: इस बार कुल 25 सीटें जीतने में सफल रही RJD

Published on

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन के लिए परिणाम कुछ खास नहीं रहे, खासकर जब बात RJD और उसके सहयोगियों के प्रदर्शन की आती है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस बार कुल 25 सीटें जीतने में सफलता हासिल की। हालांकि, तेजस्वी यादव की पार्टी ने कुल 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, और महागठबंधन की अगुवाई करने के बावजूद, सीटों के हिसाब से यह प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस चुनाव में RJD का वोट शेयर सबसे अधिक था, लेकिन सीटों की संख्या उतनी नहीं बढ़ पाई जितनी पार्टी ने उम्मीद की थी।

RJD का वोट शेयर और सीटों की असमानता

RJD ने इस चुनाव में कुल 23 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया, जो पिछले विधानसभा चुनाव के 23.11 प्रतिशत से थोड़ा कम था। यह दिखाता है कि पार्टी को काफी वोट मिले थे, लेकिन उन वोटों का सही तरीके से उपयोग नहीं हो सका। वोट शेयर का बढ़ना यह संकेत करता है कि RJD ने कई सीटों पर अच्छी टक्कर दी थी, लेकिन जीत की रेखा पार करने के लिए वोटों की संख्या पूरी नहीं हो पाई। इस कारण, भले ही कुल वोटों में वृद्धि हुई हो, लेकिन सीटों के मामले में पार्टी को कोई खास फायदा नहीं हुआ।

सहयोगी दलों का प्रदर्शन भी निराशाजनक

महागठबंधन में शामिल RJD के सहयोगी दलों का प्रदर्शन भी बहुत अच्छा नहीं रहा। कांग्रेस, जो 61 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, सिर्फ 6 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई। सीपीआई (एमएल)एल ने 2 सीटें जीतीं और सीपीआई (एम) एक सीट पर ही सफल रही। वहीं, सीपीआई तो अपना खाता भी नहीं खोल पाई। मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने भी 15 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। इस प्रकार, महागठबंधन को कुल 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जो कि एक बहुत कम संख्या है, खासकर उस स्थिति में जब विपक्ष को सरकार बनाने की उम्मीद थी।

एनडीए की ऐतिहासिक जीत

वहीं, एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 202 सीटें हासिल कीं। इसमें बीजेपी ने सबसे अधिक 89 सीटें जीतीं, जबकि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को 85 सीटें मिलीं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 5 सीटें मिलीं। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 4 सीटें जीतीं। इस जीत के साथ एनडीए ने बिहार में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

बीजेपी का वोट शेयर में वृद्धि

बीजेपी का वोट शेयर 19.46 प्रतिशत से बढ़कर 20.07 प्रतिशत हो गया है। बीजेपी ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि पिछले चुनाव में 110 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। वोट शेयर का बढ़ना यह दिखाता है कि पार्टी ने बिहार में अपना आधार बढ़ाया है, और यह नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की संयुक्त ताकत का परिणाम है। यह वृद्धि बीजेपी की जीत की कुंजी बनी और पार्टी को हर क्षेत्र में मजबूती से स्थापित किया।

महागठबंधन के लिए आगे की चुनौतियाँ

महागठबंधन के लिए यह चुनाव एक बड़ा झटका साबित हुआ है। RJD के लिए यह चिंतन का विषय है कि इतने अधिक वोट मिलने के बावजूद पार्टी सीटों में सही परिणाम नहीं पा सकी। कांग्रेस और अन्य सहयोगियों की कमजोर प्रदर्शन ने महागठबंधन की धार को कमजोर किया। कांग्रेस के सिर्फ 6 सीटों पर जीत दर्ज करने से यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी का बिहार में आधार घट रहा है।

सीपीआई और अन्य वामपंथी दलों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। सीपीआई (एमएल)एल और सीपीआई को अपेक्षाकृत कम सीटें मिलीं, और इसने महागठबंधन की स्थिति को और भी कमजोर किया। इससे यह भी पता चलता है कि बिहार के मतदाता अब पुराने राजनीतिक समीकरणों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और नये विकल्प की तलाश में हैं।

महागठबंधन के भविष्य पर सवाल

महागठबंधन की इस हार ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या महागठबंधन की पुरानी रणनीतियां अब काम नहीं आ रही हैं? क्या कांग्रेस और वामपंथी दलों को फिर से बिहार की राजनीति में अपनी पहचान बनाने के लिए अपनी रणनीतियों में बदलाव करने की जरूरत है? RJD को अब अपनी नेतृत्व क्षमता और चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा ताकि भविष्य में ऐसे परिणामों से बचा जा सके।

तेजस्वी यादव के लिए भी यह एक बड़ा सबक हो सकता है। उन्होंने इस चुनाव में बड़ी उम्मीदों के साथ भाग लिया था, लेकिन उनकी पार्टी को उतनी सफलता नहीं मिली जितनी उम्मीद की जा रही थी। अब उन्हें अपनी पार्टी और सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और कमजोर कड़ी को मजबूत करने की आवश्यकता होगी।

एनडीए की ताकत और रणनीति

एनडीए की जीत ने यह सिद्ध कर दिया कि बीजेपी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठबंधन ने बिहार की राजनीति में एक मजबूत स्थिति बनाई है। एनडीए ने पूरी ताकत लगाई थी, और उनकी रणनीति ने काम किया। वोट शेयर और सीटों की संख्या में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि बिहार के मतदाताओं ने एनडीए के शासन को पसंद किया और महागठबंधन के विकल्प को खारिज कर दिया।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया कि एनडीए ने महागठबंधन को पछाड़ दिया है। RJD की नेतृत्व वाली महागठबंधन को सफलता नहीं मिली, जबकि बीजेपी और उसके सहयोगियों ने राज्य में अपनी स्थिति मजबूत की। बिहार की राजनीति में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि महागठबंधन आगामी चुनावों में अपनी खोई हुई जमीन को कैसे हासिल करता है और क्या तेजस्वी यादव अगले चुनाव में एक नया जनादेश प्राप्त करने में सफल हो सकते हैं।

बीजेपी और एनडीए की जीत इस बात का संकेत है कि बिहार के मतदाता अब पुराने राजनीतिक समीकरणों से आगे बढ़कर नई विचारधाराओं और नेतृत्व को तवज्जो दे रहे हैं। महागठबंधन के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि उन्हें अपनी रणनीति और कार्यशैली में बदलाव की आवश्यकता है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

दशम, हुण्डरू और रजरप्पा फॉल की अनसुनी सच्चाई

क्या आपने कभी सोचा है कि पानी सिर्फ बहता नहीं… बल्कि गरजता भी है?...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

जानिए, क्या है मुजफ्फरपुर की शाही लीची का रहस्य

क्या आपने कभी सोचा है कि बिहार के मुजफ्फरपुर की शाही लीची को पूरी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

More like this

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आखिरकार बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर...

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: आज नहीं… तो कब?

बिहार में लाखों छात्रों के बीच शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द होगा जारी; यहां जानें तारीख, वेबसाइट और डाउनलोड प्रक्रिया

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द ही जारी...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...