सुपौल ज़िले में नेशनल हाईवे 327 ई पर एक दिल दहला देने वाला रोड एक्सीडेंट हुआ है। इस दर्दनाक हादसा में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। डूबने से पति, पत्नी और बेटी की मौत हो गई। गाड़ी में सवार चार अन्य लोग बाल-बाल बच गए। पुलिस ने सभी शवों को बाहर निकाला। पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। इस भीषण दुर्घटना से पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
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थलहा के पास NH 327 E पर हुआ हादसा
यह सड़क हादसा सुपौल ज़िले के सदर थाना क्षेत्र के थलहा के पास हुआ। यह क्षेत्र एनएच 327 ई पर स्थित है। स्कॉर्पियो कार इतनी तेज़ गति में थी कि उसने रेलिंग तोड़ दी। कार सीधे लगभग 20 फीट नीचे नहर के गहरे पानी में जा गिरी। यह हादसा शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे का बताया जा रहा है। मृतकों में 35 वर्षीय पति मोहम्मद इंतखाब उर्फ मीठे, उनकी 32 वर्षीय पत्नी साजिदा खातून और सात वर्षीय बेटी इकरा शेख उर्फ सोफिया शामिल हैं।
छठी का भोज मनाकर सहरसा लौट रहा था परिवार
यह दुर्भाग्यपूर्ण परिवार सहरसा ज़िले के नवहट्टा थाना क्षेत्र का रहने वाला था। वे वार्ड नंबर 9 के निवासी थे। परिवार के सदस्य सुपौल के जोलहनियां गांव में गए थे। वे यहाँ एक रिश्तेदार के यहाँ छठी के भोज में शामिल हुए थे। भोज में शामिल होने के बाद परिवार वापस सहरसा अपने घर लौट रहा था। घर वापस लौटने के दौरान ही यह भयानक दुर्घटना हो गई। परिवार की खुशियाँ पल भर में खत्म हो गईं।
स्टीयरिंग घूमने से बिगड़ा गाड़ी का कंट्रोल
प्रत्यक्षदर्शी समीर, जो पिछली सीट पर बैठे थे, ने पूरी घटना बताई। उन्होंने बताया कि मोहम्मद इंतखाब खुद ही ड्राइविंग कर रहे थे। थलहा के पास पुलिया पार करते समय गाड़ी अचानक बेकाबू हो गई। समीर ने बताया कि दुर्घटना से ठीक पहले उनकी बेटी इकरा को नींद आ रही थी। इंतखाब गाड़ी चलाते हुए उसे पीछे बैठी माँ को दे रहे थे। स्टीयरिंग उसी दौरान अचानक घूम गई। गाड़ी का कंट्रोल पूरी तरह खत्म हो गया। अनकंट्रोल हुई गाड़ी डिवाइडर से टकराई। इसके बाद वह रेलिंग तोड़कर नहर में गिर गई।
तीन बच्चों को समीर ने बचाया
हादसे के बाद गाड़ी का गेट लॉक हो गया था। इसकी वजह से आगे बैठे तीनों लोग बाहर नहीं निकल पाए। उनकी डूबने से मौत हो गई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि डिक्की का दरवाज़ा खुल गया। पिछली सीट पर बैठे समीर ने तुरंत साहस दिखाया। उन्होंने किसी तरह तीन छोटे बच्चों को बाहर निकाला। इस तरह उन बच्चों की जान बच गई। समीर की इस बहादुरी की सब जगह तारीफ़ हो रही है। मृतक के पिता मो. तस्सद्दु ने भी समीर की बहादुरी को सराहा।
पूरे गांव में पसरा मातम और शोक की लहर
गाड़ी से सेफ निकले लोगों ने सड़क पर आकर एक ई-रिक्शा को रोका। उन्होंने तुरंत परिजनों को फोन करके हादसे की सूचना दी। कुछ ही देर में स्थानीय लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुँची। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद तीनों शवों को नहर से बाहर निकाला गया। उन्हें देर रात सुपौल सदर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
मो. तस्सद्दु ने कहा कि उनके बेटे मीठे, बहू साजिदा खातून और पोती सोफिया की मौत ने परिवार को तोड़ दिया है। नवहट्टा गांव में मातम छाया हुआ है। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
खराब सड़क और रेलिंग की कमज़ोरी
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए सड़क की खराब स्थिति को जिम्मेदार ठहराया। पुलिया के पास की सुरक्षा रेलिंग भी बहुत कमज़ोर थी। लोगों का कहना है कि यह कमज़ोरी भी हादसे का एक बड़ा कारण बनी। पुलिस ने हादसे के शिकार वाहन को जब्त कर लिया है। उन्होंने आगे की जांच शुरू कर दी है। यह दर्दनाक घटना रोड सेफ्टी के मानकों पर गंभीर सवाल उठाती है।
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