होमPoliticsमुस्तफागंज के बिजली उपभोक्ताओं ने एस्सेल के खिलाफ भरी हुकांर

मुस्तफागंज के बिजली उपभोक्ताओं ने एस्सेल के खिलाफ भरी हुकांर

Published on

एफआईआर वापिस लेने के लिए चरणबद्ध आंदोलन का हुआ ऐलान

कृष्णमाधव सिंह

मुजफ्फरपुर। बिद्युत वितरण कंपनी एस्सेल के द्वारा आंदोलकारियों पर एफआईआर दर्ज कर देने से भड़के मुस्तफागंज के बिजली उपभोक्ता अब आर पार की लड़ाई के मूड में है। उपभोक्ताओं ने बैठक करके एस्सेल के उच्चाधिकारी से मिल कर एफआईआर वापिस लेने की मांग करने का फैसला लिया है। बावजूद इसके यदि एफआईआर वापिस नही लिया गया तो एस्सेल के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय हुआ है। आंदोलन के प्रथम चरण में 17 जून को मशाल जुलूश निकालने और दूसरे चरण में मुजफ्फरपुर शिवहर सड़क को जाम करने और आक्रोशपूर्ण धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
बतातें चलें कि  एस्सेल के प्रशासनिक अधिकारी रीतेश निगम ने विभाग के कर्मचारियों को बंधक बनाने व विभागीय कार्य में बेवजह हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को मीनापुर थाना में आधा दर्जन लोगो पर एफआईआर दर्ज कराई है। जिन लोगो पर एफआईआर दर्ज की गई है। उनमें, जिपा पति अर्जुन कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार कुशवाहा, मनोज शर्मा, लालबाबू ठाकुर, राजू साह व विनय कुमार का नाम शामिल इसके अतिरिक्त कई अज्ञात लोगो का नाम भी शामिल है।
दरअसल हुआ ये कि दो सप्ताह से जले हुये ट्रांसफार्मर को हटा कर शनिवार को मुस्तफागंज में विभाग ने नया ट्रांसफार्मर लगा दिया। रविवार को नया ट्रांसफार्मर चालू हुआ और सोमवार को ही जल गया। इससे मुस्तफागंज के लोग भड़क गये और जिपा पति अर्जुन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मीनापुर के एस्सेल कार्यालय में तालाबंदी करके बिजली के उपभोक्ता धरना पर बैठ गये। कहतें है कि मात्र 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर के जल जाने से बैक फुट पर आये एस्सेल के अधिकारियों ने मंगलवार को ही दूबारा नया ट्रांसफार्मर तो लगाया। किंतु, तालाबंदी करने वाले छह लोगो पर एफआईआर दर्ज करा दी।
अब इसी एफआईआर को वापिस लेने की मांग को लेकर मुस्तफागंज के लोगो ने देव नाथ साह की अध्यक्षता में बैठक करके एक बार फिर से आंदोलन की राह पकड़ ली है। बहरहाल बैठक में पवन कुमार, चंदन पाण्डेय, मिन्टु कुश्वाहा, कौशल किशोर प्रसाद, रंजीत कुमार, ईश्वर कुमार गुप्ता, जितेन्द्र साह, नारायण प्रसाद, दिनेश साह, गोपाल साह, रमेश कुमार गुप्ता, जयनंदन राय, नरेश ठाकुर, संतोष चौधरी, रामबचन सहनी, लड्डू मल्लिक सहित बड़ी संख्या में लोगो ने हिस्सा लिया है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

More like this

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

क्या दुनिया बायोलॉजिकल वेपन के मुहाने पर खड़ी है?

सुपर पावरों की गुप्त प्रयोगशालाएं, अमेरिकी फंडिंग और मानव अस्तित्व पर मंडराता नया खतरा KKN...

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...