गुरूवार, मई 21, 2026 11:13 अपराह्न IST
होमAgricultureलीची से लदे हैं पेंड़ पर आमदनी की उम्मीद नहीं, चिंता में...

लीची से लदे हैं पेंड़ पर आमदनी की उम्मीद नहीं, चिंता में बीमार पड़ने लगे किसान

Published on

लॉकडाउन की वजह से खरीददार नदारत

KKN न्यूज ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर में लीची के बगानो में सन्नाटा है। हरा-भरा पेंड, दाना से लदा होने के बाद भी किसान निराश है। लॉकडाउन की वजह से खरीददार नहीं है। जो, बगान पहले बिक चुका था, उसमें दवा की छिरकाव करने वाला नहीं है। पटवन करने वाला कोई नहीं है। जाहिर है आने वाले दिनो में रखबार मिल जाये, तो गनीमत। यानी, लीची उत्पादक किसानो को इस वर्ष जबरदस्त नुकसान की चिंता अभी से सताने लगी है। स्मरण रहें कि यह वहीं मुजफ्फरपुर है, जो देश-दुनिया में लीची जोन के रूप में जानी जाती है।

चिंता में बीमार होने लगे किसान

जिले के मीनापुर में लीची से लदे पेड़ों को देखकर किसानों को इस वर्ष अच्छी पैदावार और बेहतर आमदनी की उम्मीद था। पर, लॉकडाउन की वजह से उनके अरमानो पर पानी फिरता हुआ दिखने लगा है। क्योंकि, लॉकडाउन की वजह से व्यापारी नहीं आ रहे हैं। इससे हताश किसान अब बीमारी के शिकार होने लगे हैं। आलम ये है कि पहले से बिका हुआ बगान देखने वाला भी कोई नहीं है। किसानों के मन में सवाल उठने लगा है कि 17 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रहा और ट्रेन नहीं चली तो लीची बिहार से बाहर कैसे जायेगी और यदि लीची बाहर नहीं गई तो क्या होगा? यह सोच कर कई किसान बीमार पड़ चुके हैं। सहजपुर के लीची उत्पादक किसान भोला प्रसाद सिंह बताते हैं कि नुकसान की आशंका से कई रात नींद नहीं आई। नजीता, ब्लड प्रेसर की चपेट में आकर बीमार हो गए। चार रोज पहले डॉक्टर ने फेसियल डिसऑडर की पुष्टि कर दी और अब वे विस्तर पर हैं।

 

लाखो में हो सकता है नुकसान

भोला सिंह के पुत्र नीरज कुमार बताते हैं कि तीन एकड़ में लीची का बगान है। व्यापारी तीन लाख रुपये में पहले ही खरीद चुका है। इस वर्ष के जनवरी में 25 हजार रुपये एडवांस भी कर गया है। किंतु, पिछले डेढ़ महीने से बगान को देखने नहीं आया। भोला सिंह के चिंता की असली वजह यहीं है। लॉकडाउन जारी रहा तो बिहार से बाहर लीची ले जाना मुश्किल होगा। ऐसे में व्यापारी को सिर्फ 25 हजार का नुकसान होगा। जबकि, किसान को 2.75 लाख रुपये का नुकसान हो जायेगा। दरअसल, 15 मई के बाद लीची पकने लगता है और लॉकडाउन 17 मई के बाद भी बढ़ा तो लीची पेड़ पर ही रह जाएगा। यहीं सोच कर किसान चिंता में पड़ गए हैं।

तबाही की कगार पर है ग्रामीण अर्थव्यवस्था

यहां भोला सिंह अकेला नहीं हैं गांव के लीची उत्पादक किसान उमाशंकर सिंह, अरुण कुमार, प्रदीप सिंह समेत कई अन्य किसानों ने बताया कि इस वर्ष लीची की अच्छी पैदावार होने के बाद भी किसानों की आमदनी लॉकडाउन की भेंट चढ़ने की आशंका से किसान चिंतित है। यदि सरकार ने इसके लिए कोई विकल्प की तलाश नहीं किया तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। लीची उत्पादक किसानो की यह समस्या कमोवेश पूरे जिले की है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा जाने का खतरा मंडराने लगा है। यानी जिस लीची के बगान से किसानों को अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, अब वहीं बगान देख कर किसान बीमार पड़ रहें हैं।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

चांडिल डैम का डरावना सच | क्या सच में सुनाई देती हैं चीखें?

क्या सच में Chandil Dam के आसपास रात में रहस्यमयी आवाजें सुनाई देती हैं?...

दशम, हुण्डरू और रजरप्पा फॉल की अनसुनी सच्चाई

क्या आपने कभी सोचा है कि पानी सिर्फ बहता नहीं… बल्कि गरजता भी है?...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

जानिए, क्या है मुजफ्फरपुर की शाही लीची का रहस्य

क्या आपने कभी सोचा है कि बिहार के मुजफ्फरपुर की शाही लीची को पूरी...

More like this

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सक्रिय हुए प्रशांत किशोर, 8 फरवरी से शुरू करेंगे बिहार यात्रा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी के नेता...

मुजफ्फरपुर में किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का असली कारण आया सामने

फसल बर्बाद, मुआवजा गायब: लापरवाही का बड़ा खुलासा मुजफ्फरपुर जिले के हजारों किसान फसल बर्बादी...

आज से बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा शुरू, केंद्रों पर कड़ी निगरानी

बिहार में आज से इंटरमीडिएट यानी 12वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 की शुरुआत हो...

BRABU 2nd सेमेस्टर रिजल्ट 2025 जारी, स्नातक सत्र 2024-28 के छात्रों को राहत

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक दूसरे सेमेस्टर सत्र 2024–28 का परीक्षा परिणाम गुरुवार देर...

झपहां बने मुजफ्फरपुर का पूर्वी अनुमंडल?

मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा में उठी मांग, विधायक अजय कुमार की मांग के मायने...

बाजार समिति कार्यक्रम में महिलाओं के स्टॉल पर सबसे अधिक समय बिताया मुख्यमंत्री ने

बाजार समिति परिसर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद सभी महिलाएं चाह...

मुजफ्फरपुर में खबड़ा गुमटी के पास छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से शनिवार देर शाम एक बेहद दुखद और झकझोर देने...

बिहार में बकरी चराने के विवाद में महिला की हत्या, पति गंभीर रूप से घायल

Muzaffarpur जिले के मनियारी थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है।...

मुजफ्फरपुर में गंडक नदी किनारे महिला और तीन बच्चों के शव मिलने से सनसनी

बिहार के Muzaffarpur से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। अहियापुर...

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को 1 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा कृषि ऋण

Bihar की नीतीश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। राज्य के लाखों...

चावल उत्पादन में भारत ने चीन को छोड़ा पीछे, दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बना देश

भारत ने कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय कृषि मंत्री...

मोतिहारी में ऑपरेशन के दौरान पेट में छूटी कैंची से हुई महिला की मौत

बिहार के मोतिहारी जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ दर्दनाक है, बल्कि...

18 साल बाद जिंदा लौट आया वह बेटा, जिसे परिवार ने मृत मानकर कर दिया था अंतिम संस्कार

बिहार के छपरा से सामने आई यह खबर किसी चमत्कार से कम नहीं है।...

बिहार में ट्रेनिंग के दौरान मुकसुदपुर के होमगार्ड जवान की मौत

बिहार में होमगार्ड Training के दौरान एक जवान की मौत हो गई। यह हादसा...

मुजफ्फरपुर में दारोगा की रिश्वतखोरी का ऑडियो वायरल, प्रशासन में हड़कंप

बिहार में सुशासन और 'जीरो टॉलरेंस' के दावों के बीच मुजफ्फरपुर जिले से एक...