कार्तिक पूर्णिमा के दिन यूपी के मिर्जापुर जिले के चुनार रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां प्रयागराज-चोपन पैसेंजर से उतरकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे छह श्रद्धालु कालका मेल ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेन की टक्कर से शव के टुकड़े हो गए। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को इकट्ठा कर शिनाख्त का काम शुरू किया।
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हादसे की जानकारी और घटनास्थल
हादसा सुबह करीब 9:15 बजे हुआ, जब ये श्रद्धालु प्लेटफॉर्म नंबर चार से उतरकर प्लेटफॉर्म नंबर तीन की ओर जा रहे थे। रेलवे ट्रैक को पार करते हुए वे हावड़ा-कालका मेल की चपेट में आ गए। हादसे में मारे गए सभी श्रद्धालु महिलाएं और लड़कियां थीं। इन मृतकों में पांच मिर्जापुर जिले से थीं, जबकि एक श्रद्धालु सोनभद्र जिले के करमा थाना क्षेत्र के बसवा गांव की निवासी थी। ये सभी लोग गंगा स्नान करने के लिए चुनार घाट जा रहे थे।
रेलवे ट्रैक पार करने की वजह से हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, श्रद्धालुओं ने फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल न करके सीधे रेलवे ट्रैक पार करना शुरू कर दिया था। उसी समय पीडीडीयू नगर जंक्शन से मिर्जापुर की तरफ जा रही कालका मेल तेज रफ्तार में आ गई और ये श्रद्धालु ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की टक्कर से सभी श्रद्धालु बुरी तरह से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। जीआरपी और आरपीएफ के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और शवों को रेलवे ट्रैक से इकट्ठा किया। इसके बाद पुलिस ने शवों की शिनाख्त शुरू की और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हादसे की जानकारी मिलने पर एसडीएम चुनार और अन्य उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
मृतकों की पहचान और परिवार का दुख
हादसे में मारे गए श्रद्धालुओं में शामिल हैं:
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सविता (28 वर्ष), पत्नी राजकुमार, निवासी कमरिया गांव, मिर्जापुर
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साधना (16 वर्ष), विजय शंकर की बेटी
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शिवकुमारी (12 वर्ष), विजय शंकर की बेटी
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अंजू (20 वर्ष), श्याम प्रसाद की बेटी
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सुशीला देवी (60 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय मेवालाल, निवासी पडरी
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कलावती देवी (21 वर्ष), पत्नी जनार्दन, निवासी बसवा गांव, सोनभद्र
इन सभी श्रद्धालुओं ने चोपन प्रयागराज पैसेंजर से चुनार स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर उतरकर रेलवे ट्रैक पार किया था और वे प्लेटफॉर्म नंबर तीन की ओर जा रहे थे। इस दौरान कालका मेल ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
परिवार का हाल हुआ बेहाल
परिवार वालों का कहना है कि वे सभी गंगा स्नान के लिए चुनार घाट जा रहे थे। घटनास्थल पर पहुंचे परिजन रो-रोकर बेहाल थे और अपने प्रियजनों को खोने के दुख में डूबे हुए थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
यह हादसा इस बात का प्रतीक है कि रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान सुरक्षा उपायों की कितनी जरूरत है। श्रद्धालुओं ने जानबूझकर फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल न करके सीधे रेलवे ट्रैक पार करने का निर्णय लिया, जिसका परिणाम इस दर्दनाक घटना के रूप में सामने आया। पुलिस और रेलवे अधिकारी इस घटना को लेकर सुरक्षा उपायों पर विचार कर सकते हैं ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों।
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