होमSocietyयूपी के दो लाख से अधिक परिवारों को बड़ी राहत, पीएम आवास...

यूपी के दो लाख से अधिक परिवारों को बड़ी राहत, पीएम आवास योजना के तहत मिलेगी पहली किस्त

Published on

उत्तर प्रदेश के दो लाख से अधिक परिवारों के लिए रविवार का दिन राहत और खुशखबरी लेकर आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत चयनित लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से लाभार्थियों के खातों में एक-एक लाख रुपये का digital transfer करेंगे। इस पहल से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी।

राज्य स्तरीय कार्यक्रम लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है, जबकि इसका सीधा प्रसारण स्थानीय स्तर पर कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में भी किया जाएगा। इस दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम को लेकर लाभार्थियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत जारी होगी पहली किस्त

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थियों के लिए यह दिन बेहद खास है। योजना के तहत आज यानी रविवार को पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये की राशि सीधे खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस राशि का डिजिटल हस्तांतरण करेंगे, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी रहे।

इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में हर बेघर परिवार को पक्की छत देने के उद्देश्य से की थी। शहरी क्षेत्रों में योजना के संचालन की जिम्मेदारी जिला नगरीय विकास अभिकरण को दी गई है। योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है।

शहरी निकायों को मिलती है निर्माण सहायता

शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए शासन स्तर से ढाई लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इस राशि को अलग-अलग किस्तों में जारी किया जाता है। पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थी अपने मकान के निर्माण की शुरुआत कर सकते हैं।

अलीगढ़ जिले में वर्ष 2021 तक इस योजना के तहत करीब 24 हजार लोगों को लाभ दिया जा चुका है। पहले चरण में लक्ष्य था कि वर्ष 2024 तक सभी बेघर परिवारों को आवास उपलब्ध करा दिया जाए, लेकिन यह लक्ष्य पूरी तरह पूरा नहीं हो सका। इसी वजह से योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की गई।

ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया जारी

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लिए पिछले साल फरवरी से online application की प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब करीब एक साल का समय बीत चुका है और इस दौरान बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 35 हजार आवेदन आए हैं।

इन आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर चल रही है। अब तक करीब 20 हजार आवेदनों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। शेष आवेदनों की जांच जारी है। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा।

अलीगढ़ के हजारों लाभार्थियों को मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत अलीगढ़ जिले के भी हजारों परिवारों को राहत मिलने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, अलीगढ़ में 5,382 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर पूरी तैयारी कर ली है।

लखनऊ में होने वाले मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में किया जाएगा। यहां अलीगढ़ के लाभार्थी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे लाभार्थियों को मुख्यमंत्री के संबोधन और योजना से जुड़ी जानकारी सीधे मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री करेंगे लाभार्थियों से सीधा संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के कुछ लाभार्थियों से सीधा संवाद भी करेंगे। इस संवाद में अलग-अलग जिलों के लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। संभावना है कि अलीगढ़ जिले से भी एक लाभार्थी को इस बातचीत के लिए चुना जाए।

प्रशासन की ओर से पांच से छह लाभार्थियों के नाम शासन को भेजे गए हैं। इनमें से एक लाभार्थी मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत करेगा। इस संवाद का उद्देश्य लाभार्थियों के अनुभव जानना और योजना के प्रभाव को समझना है।

डिजिटल ट्रांसफर से बढ़ी पारदर्शिता

योजना के तहत राशि का digital transfer सीधे लाभार्थियों के खातों में किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और पैसा समय पर सही व्यक्ति तक पहुंचता है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ती है और भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है।

पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थियों को आगे की किस्तें भी निर्माण की प्रगति के आधार पर दी जाएंगी। इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

शहरी आवास की दिशा में बड़ा कदम

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 को उत्तर प्रदेश सरकार शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण के चलते आवास की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

सरकार का कहना है कि आने वाले समय में योजना के दायरे को और विस्तार दिया जाएगा। लक्ष्य यही है कि कोई भी पात्र परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। पहली किस्त के ट्रांसफर के साथ ही लाखों परिवारों के सपनों को नई उम्मीद मिली है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मीनापुर की जुड़वा बहनों ने CSIR-NET में लहराया परचम, शनाया को ऑल इंडिया 92वीं रैंक

मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने CSIR-NET...

तीस मिनट में 9 मीटर पानी! क्या हिमालय बदल रहा है?

26 अगस्त 2026 को नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने हिमालय की...

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

More like this

बिहार की सड़कें बन गईं मौत की सड़क? 5 साल में 34% बढ़े हादसे, 9,347 लोगों की गई जान

आंकड़ों का एक्स-रे: दुर्घटनाएं बढ़ीं, मौतें उससे भी तेज बढ़ीं KKN ब्यूरो। एक सड़क। एक...

लग गया ट्रांसफार्मर; किसानों की लड़ाई रंग लाई

जिस समस्या के समाधान की उम्मीद किसानों ने लगभग छोड़ दी थी, आखिरकार उसी...

बिहार की बाढ़: पानी उतर जाएगा, लेकिन कब तक पटरी पर लौटेंगी लोगों की जिंदगी?

क्या बाढ़ आने के बाद नाव भेज देना, राहत शिविर खोल देना और कुछ...

ध्वनि प्रदूषण: जुलूस आगे बढ़ता रहा… लेकिन, कानों में पड़ने वाला शोर वहीं रह गया

डीजे की धुन पर नाचते बच्चों को देखकर भीड़ तालियां बजाती है। किसी को...

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...