उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय वायुसेना का एक training aircraft दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह ट्रेनी माइक्रोलाइट विमान उड़ान के दौरान संतुलन खो बैठा और शहर के बीचों-बीच एक तालाब में जा गिरा।
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हादसा केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ। विमान के गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इस आवाज से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों व दुकानों से बाहर निकल आए।
सामान्य उड़ान के बाद अचानक नीचे आया विमान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माइक्रोलाइट विमान शुरुआत में सामान्य रूप से उड़ान भर रहा था। कुछ ही पलों बाद विमान का संतुलन बिगड़ता नजर आया। देखते ही देखते वह तेजी से नीचे की ओर आया और तालाब में गिर गया।
विमान जिस स्थान पर गिरा, वह आबादी वाला क्षेत्र है। ऐसे में किसी बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई आम नागरिक घायल नहीं हुआ।
धमाके जैसी आवाज से इलाके में मचा हड़कंप
विमान गिरने के साथ ही जोरदार आवाज हुई। कई लोगों को लगा कि कहीं कोई विस्फोट हुआ है। आवाज सुनते ही स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया ताकि कोई अनहोनी न हो।
चश्मदीद ने बताई हादसे की पूरी कहानी
हादसे के चश्मदीद पदम सिंह ने बताया कि वह पास के एक स्कूल परिसर में मौजूद थे। तभी अचानक रॉकेट जैसी तेज आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में दौड़कर जब वह तालाब के पास पहुंचे, तो वहां का दृश्य चौंकाने वाला था।
उन्होंने देखा कि कुछ लोग तालाब की दलदल में फंसे हुए थे। स्थिति गंभीर थी और तुरंत मदद की जरूरत थी। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए तालाब में उतरकर rescue operation शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों की तत्परता से बची जान
स्थानीय निवासियों ने साहस दिखाते हुए तालाब में फंसे तीन लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद मौके पर पहुंची rescue team ने राहत और बचाव कार्य अपने हाथ में ले लिया।
पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मेडिकल टीम ने मौके पर प्राथमिक जांच की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
हादसे की जांच शुरू
घटना के बाद Indian Air Force और स्थानीय प्रशासन ने investigation शुरू कर दी है। विमान के मलबे की तकनीकी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या किसी अन्य वजह से।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
हादसे के बाद तालाब और उसके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। लोगों को घटनास्थल के पास जाने से रोका जा रहा है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन का कहना है कि मलबा हटाने का काम सावधानीपूर्वक किया जाएगा। आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
राहत की बात, कोई जनहानि नहीं
घनी आबादी वाले क्षेत्र में विमान गिरने के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यह प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए राहत की बात है।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की तत्परता की सराहना की है। समय पर किए गए rescue operation से बड़ा नुकसान टल गया।
प्रयागराज में हुआ यह aircraft crash भले ही डराने वाला रहा हो, लेकिन इसमें कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। दोनों पायलट सुरक्षित हैं और राहत कार्य समय पर पूरा कर लिया गया।
हादसे की investigation जारी है और आने वाले समय में इसके कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। यह घटना training aircraft उड़ानों के दौरान सुरक्षा उपायों की अहमियत को एक बार फिर उजागर करती है।



