उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में गिरते तापमान और बर्फीली हवाओं के कारण कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बन गई है। इससे बचाव के लिए जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 और कई जगहों पर 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश में अगले 48 से 72 घंटों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में घने कोहरे का भी अलर्ट जारी किया गया है।
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शून्य दृश्यता और ठंड से बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों की छुट्टी
भीषण ठंड और शून्य दृश्यता को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर कई जिलों के जिलाधिकारियों ने स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। बरेली में कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल 20 दिसंबर तक बंद कर दिए गए हैं। कानपुर में भी शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए 20 दिसंबर तक स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। जौनपुर और गोंडा में स्कूलों को 21 दिसंबर तक बंद कर दिया गया है।
इसके अलावा, वाराणसी और लखनऊ में स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने के बजाय, उनके समय में बदलाव किया गया है। वाराणसी में अब स्कूल सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे, जबकि लखनऊ में कक्षाएं सुबह 9 बजे के बाद ही शुरू होंगी। रामपुर, बिजनौर, कासगंज और औरैया जैसे शहरों में भी स्कूलों के समय में बदलाव के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’ और शून्य दृश्यता का खतरा
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में अत्यधिक घने कोहरे के कारण ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सतह से करीब 7000 फीट ऊपर पुरवा हवाएं और नमी के कारण घना कोहरा बन रहा है। गोरखपुर, बरेली, आगरा और लखनऊ जैसे शहरों में दृश्यता 0 से 50 मीटर तक रह सकती है, जो यातायात के लिए बेहद खतरनाक है। पिछले दो दिनों में तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। गोरखपुर में पारा शिमला से भी नीचे चला गया है, जिससे गलन और भी बढ़ गई है।
सरकार और प्रशासन की सलाह
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कोहरे और ठंड को देखते हुए सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करें और रैन बसेरों की व्यवस्था को दुरुस्त रखें। एक्सप्रेसवे पर पहले ही गति सीमा को कम कर दिया गया है। मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि अत्यधिक कोहरे में बिना जरूरी यात्रा से बचें। गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट्स का उपयोग करें और गति धीमी रखें। साथ ही, बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतें। आने वाले दो-तीन दिनों तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है क्योंकि पछुआ हवाएं गलन को और बढ़ा सकती हैं।
प्रदेश के 10 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे
गुरुवार को उत्तर प्रदेश के 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। रात के समय सबसे अधिक ठंड बुलंदशहर में रही, जहां पारा 7.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुलंदशहर के अलावा लखीमपुर खीरी में 8.0 डिग्री, बाराबंकी में 8.5 डिग्री, अयोध्या में 9.0 डिग्री, गोरखपुर में 9.2 डिग्री, हरदोई में 9.5 डिग्री, इटावा में 9.6 डिग्री, सुलतानपुर में 9.6 डिग्री, आजमगढ़ में 9.6 डिग्री और झांसी में 9.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। मुरादाबाद, चुर्क, बस्ती और आगरा में न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के समय वाराणसी एयरपोर्ट पर सबसे कम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 9.9 डिग्री सेल्सियस कम था।
प्रदेश में दृश्यता और यातायात व्यवस्था
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अत्यधिक घना कोहरा छाया रहा, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई। छह स्थानों पर दृश्यता शून्य मीटर दर्ज की गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात में भारी रुकावट आई। आगरा एयरफोर्स, बरेली एयरफोर्स, कुशीनगर एयरपोर्ट, प्रयागराज एयरफोर्स, गोरखपुर एयरफोर्स और कानपुर एयरफोर्स केन्द्रों पर दृश्यता शून्य रही। अन्य शहरों में बलिया में 10 मीटर, बहराइच में 20 मीटर, फतेहगढ़ और हरदोई में 30 मीटर, और अलीगढ़ में 40 मीटर दृश्यता दर्ज की गई। मुरादाबाद, बस्ती, आजमगढ़, फुरसतगंज, अयोध्या और वाराणसी एयरपोर्ट पर दृश्यता 50 मीटर रही।
आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे से राहत की उम्मीद कम
उत्तर प्रदेश में जारी इस कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण आने वाले दिनों में राहत की संभावना कम है। ठंडी और कोहरे के असर से बचने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, इन मुश्किल परिस्थितियों में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया है। स्कूलों की छुट्टियां, यात्रा में कठिनाई और ठंड के कारण प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्थाएं इस समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई हैं।
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