सोमवार, मार्च 9, 2026 11:07 पूर्वाह्न IST
होमSocietyधर्म अफीम है क्या...?

धर्म अफीम है क्या…?

Published on

जयनारायण प्रसाद
हमारे जीवन में धर्म की जितनी व्यापक और निर्णायक भूमिका है, उसे देखते हुए यह सवाल उठना वाजिब है कि धर्म, धर्म के लिए या धर्म आदमी के लिए? जब हम वे कपड़े नहीं पहनते जो हजार साल पहले पहने जाते थे, जब हम वह खाना नहीं खाते जो हमारे पूर्वज खाया करते थे, जब हर पंद्रह-बीस साल बाद भाषा तक बदल जाती है, तब इस जिद का क्या अर्थ हो सकता है कि धर्म के मामले में हम वहीं चिपके रहेंगे। जहां, कई हजार साल पहले हमारे पूर्वज अपने अज्ञान और पूर्वाग्रहों के साथ खड़े थे। बेशक धर्म के क्षेत्र में भी परिवर्तन होते रहे हैं, कई बार क्रांतियां तक हुई हैं। इससे कुछ चीजें बदलती जरूर हैं, लेकिन उसका मूल आधार बना रहता है कि कोई बात इसलिए सही नहीं है क्योंकि वह सही है, बल्कि इसलिए सही है कि किसी संत, गुरु , आचार्य ने ऐसा कहा है या अमुक पुस्तक में ऐसा लिखा हुआ है।
जब यह बताया जाता है कि धर्म ने मानव समाज को क्या-क्या दिया है, तो वह पूरा गलत नहीं होता। मनुष्य के विकास में धर्म की भूमिका अकाट्य है, लेकिन इससे ज्यादा बुद्धिमानी की बात यह कल्पना करने की है कि धर्म न होता और आदमी ने बुद्धि के रास्ते पर चलते हुए समाज का निर्माण किया होता, तब क्या होता? क्या वह आज की अपेक्षा ज्यादा न्यायपूर्ण और सुखी समाज न होता? जिसमें लोगों की जिंदगी उनके अपने हाथ में होती और वे दुख से बचने और सुखी होने के लिए वैज्ञानिक तौर पर सोचते और एक-दूसरे की बातों को काटते नहीं, बल्कि सुधारते?
परंपरा की सबसे शक्तिशाली, परंतु सबसे ज्यादा बोझिल विरासत धर्म ही है। जन्मते ही हमें इस जेल में बंदी बना दिया जाता है ताकि हम और विषयों में तर्क-वितर्क करें या न करें, पर धर्म पर विचार-पुनर्विचार न करें। स्पष्टत: यह जीने की एक खास शैली है, जिसके केंद्र में तर्क नहीं, अंधविश्वास है। ठीक ही कहा गया है कि धर्म ने आदमी को नहीं बनाया है, आदमी ने धर्म को बनाया है। यहां धर्म की जगह ईश्वर रख दें, तब बात और स्पष्ट हो जाएगी।
धर्म खतरनाक इसीलिए है क्योंकि यह समाज में अपनी सत्ता बना लेता है और अपनी सुरक्षा के लिए समाज की मानसिक प्रगति को रोकने का प्रयास करता  है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि धर्मसत्ता ने हमेशा राजसत्ता की अधीनता स्वीकार की है और धर्मसत्ता को न्याय तथा विषमता के विरुद्ध आवाज उठाने वाली ताकत के रूप में नहीं देखा जाता है। पहले वह सामंतवाद के साथ थी, अब पूंजीवाद के साथ उसका गठबंधन है। जब भारत में ब्रिटिश सत्ता कायम हो गई, तब ईसाई पादरी साम्राज्यवादियों को यह समझाने नहीं आए कि तुम जो कर रहे हो वह ईसा मसीह की सीख के विपरीत है, बल्कि वे खुद ही भारतवासियों को ईसाई बनाने लगे। धर्मसत्ता में बदल कर धर्म में शेर की ताकत आ जाती है और आदमी मेमना हो जाता है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या अंग्रेजों की ‘सबसे खतरनाक दुश्मन’ थीं रानी लक्ष्मीबाई?

क्या सचमुच रानी लक्ष्मीबाई ने महिलाओं की अलग सैन्य टुकड़ी बनाई थी? क्यों अंग्रेजी...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

साइबर वारफेयर का ‘अदृश्य युद्ध’ कितना खतरनाक होगा

रात के 2:17 बजे… अचानक पावर ग्रिड ठप… कोई धमाका नहीं, कोई मिसाइल नहीं—...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

More like this

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...