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एक समुदाय, जहां बेटी से ही होता है विवाह

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दुनिया में आज भी प्रचलन में है अजीब परंपराएं

दुनिया की कई हिस्सो में आज भी ऐसी परंपराएं प्रचलन में है, जिस पर यकीन करना मुश्किल है। विकासवाद बनाम परंपरावाद के बीच चल रही कश्मकश से आज हम आपको रूबरू करायेंगे। दरअसल, हमारा समाज आज कितना भी आगे बढ़ गया हो लेकिन कुछ समुदाय ऐसे भी हैं जो इन अजीब परंपराओं को अपनी पहचान बनाये हुएं हैं।
बेटी बनती है अपने पिता की दुल्हन
भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्व जंगलों में मंडी जनजाति का निवास है। यहां सदियों से एक परंपरा चली आ रही है। वह परंपरा ये कि मंडी जनजाति के लोग आज भी अपने बेटी से विवाह करके बेटी को ही दुल्हन बना लेतें हैं। इस जनजाति में मां और बेटी के एक ही पुरुष से शादी करने का चलन यदियों से चला आ रहा है। ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि इससे महिलाओं की रक्षा होगी और उनका समुदाय बचा रहेगा।
पुरुष की मौत पर काट दिया जाता है महिला की अंगुली
इंडोनिशिया में एक दानी जनजाति है। इस जनजाति में एक ऐसी अजीब परंपरा है जिसमें घर की महिला को भयानक कष्ट सहन करना पड़ता है। दरअसल जब घर के किसी पुरुष सदस्य की मौत हो जाती है तो, दुख व्यक्त करने के लिए उस सदस्य की याद में घर के महिला को अपनी एक अंगुली काटनी होती है। यानी यदि किसी के घर में चार सदस्यों की मौत होती है तो उसे चार अंगुलियां काटनी पड़ती हैं।
नरभक्षण की परंपरा
ब्राजील और वेन्जुएला बॉर्डर में अमेजन के जंगलों में बसे कुछ गांव में जो जनजातीय समुदाय रहता है उनमें इंसान का मांस खाने की परंपरा है। इस जनजाति के लोग किसी और का मांस नहीं बल्कि अपने ही समुदाय के लोगों का मांस खाते हैं। कई बार तो मरने वाले सदस्य को जंगल में फेंक देते हैं ओर जब उसकी हड्डियां बचती हैं तो उसे केले के सूप के साथ पकाकर खाते हैं। ऐसा करने के पीछे यहां की प्रजाति का मानना है कि उनके प्रियजन की आत्म को मुक्ति मिल जाएगी और वह स्वर्ग में चला जाएगा।
शव के साथ सोने की परंपरा
इंडोनेशिया में टोरजा नाम की जनजाति में अपने मृत पूर्वजों के मुर्दों के साथ सोने का चलन है। यहां जब परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है तो उसे सजाकर एक ताबूत में बंदकर रख लिया जाता है और इसके बाद साल में एक बार उसे बाहर निकाला जाता है और उसे स्नान कराकर तैयार करके फिर से ताबूत में बंद कर रख लिया जाता है। इस ताबूत को लोग अपने घर में अपने सोने के साथ रखते हैं।

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