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सोने-चांदी के दाम में ज़बरदस्त उछाल, एक झटके में ₹1506 महंगा हुआ सोना

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सोमवार, 4 अगस्त 2025 को देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी के भाव में भारी उछाल देखने को मिला। सोने की कीमतों में ₹1506 प्रति 10 ग्राम की तेज़ी आई और यह ₹99759 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। जीएसटी जोड़ने के बाद 24 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹102751 हो गई।

इसी तरह चांदी की दर में ₹1862 प्रति किलो की छलांग लगी है, जिससे इसकी नई कीमत ₹111508 प्रति किलो (बिना जीएसटी) और ₹114853 (जीएसटी सहित) हो गई। महज एक दिन में इस प्रकार की बढ़ोतरी ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया है।

रिकॉर्ड ऊंचाई से थोड़ा नीचे आया सोना, फिर भी बना महंगा सौदा

हालांकि सोना आज अपने ऑल टाइम हाई ₹100533 प्रति 10 ग्राम से थोड़ा नीचे फिसलकर ₹99759 पर पहुंचा है, फिर भी यह अब भी सामान्य दिनों की तुलना में काफ़ी महंगा बना हुआ है। वहीं चांदी 23 जुलाई को ₹115850 प्रति किलो पर पहुंची थी और अब उसमें ₹4342 की गिरावट आ चुकी है।

लेकिन आज के दिन का उछाल यह दिखाता है कि बाजार में Gold Investment और Silver Demand एक बार फिर तेज हो रही है।

अन्य शुद्धता वाले सोने के ताज़ा रेट

आज 23 कैरेट गोल्ड ₹1500 की तेजी के साथ ₹99360 पर खुला और GST जोड़ने के बाद इसका रेट ₹102340 पहुंच गया। अभी इसमें मेकिंग चार्ज शामिल नहीं है, जिसे ज्वेलर्स अलग से जोड़ते हैं।

  • 22 कैरेट गोल्ड में ₹1379 की बढ़ोतरी के साथ यह ₹91379 पर पहुंच गया है और GST के साथ इसका रेट ₹94120 हो गया।

  • 18 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹1129 बढ़कर ₹74819 हो गई है, जो जीएसटी मिलाकर ₹77063 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुकी है।

  • 14 कैरेट गोल्ड भी अब ₹60109 प्रति 10 ग्राम (GST सहित) पर उपलब्ध है।

इन आंकड़ों से साफ है कि हर कैरेट श्रेणी में उपभोक्ताओं को अब अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

सोने-चांदी की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात जिम्मेदार हैं। सोमवार सुबह Dollar Index में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। डॉलर की कमजोरी ने बुलियन में निवेश को अधिक आकर्षक बना दिया है।

साथ ही अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लागू करने की अनिश्चितता ने भी कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दर्जनों देशों पर नया शुल्क लगाने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था में तनाव बढ़ा है। इससे बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती की आशंका भी गहराई है।

इन हालातों में निवेशक शेयर और मुद्रा बाजारों की बजाय सोने-चांदी को अधिक सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

कहां से जारी होते हैं सोने-चांदी के रेट?

सोने और चांदी के हाजिर भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। IBJA हर दिन दो बार रेट जारी करती है — एक बार दोपहर 12 बजे और दूसरी बार शाम 5 बजे के आसपास।

हालांकि, देश के अलग-अलग शहरों में इन रेट्स में ₹1000 से ₹2000 तक का अंतर हो सकता है, जो कि स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और ज्वेलर्स की लागत के आधार पर तय होता है।

इस साल अब तक कितना महंगा हुआ सोना-चांदी?

साल 2025 की शुरुआत से अब तक सोना ₹24019 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹25491 प्रति किलो महंगी हो चुकी है।

31 दिसंबर 2024 को सोना ₹76045 के स्तर पर खुला था और उसी दिन ₹75740 पर बंद हुआ था। वहीं चांदी ने ₹85680 पर शुरुआत की थी और ₹86017 प्रति किलो पर बंद हुई थी। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि Precious Metals 2025 में निवेश के लिए आकर्षक बने हुए हैं।

क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?

विशेषज्ञों की मानें तो अगर वैश्विक आर्थिक हालात ऐसे ही बने रहे और अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बनी रहीं, तो Gold Price Trend और Silver Rate Forecast और ऊपर जा सकते हैं।

फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और वैश्विक बाज़ार की दिशा ही तय करेगी कि ये दाम और चढ़ेंगे या थोड़ी नरमी आएगी।

4 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेज़ी बाजार की बदलती नब्ज़ को दर्शाती है। एक ओर जहां Investors इसे अपने पोर्टफोलियो में जोड़ने का मौका मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर Jewellery Buyers के लिए यह अतिरिक्त भार बन सकता है।

आने वाले समय में कीमतें और चढ़ सकती हैं, इसलिए यह ज़रूरी है कि ग्राहक और निवेशक दोनों ही बाज़ार की दिशा पर नज़र रखें और सोच-समझकर फैसला लें।

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