KKN गुरुग्राम डेस्क | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। कार्रवाई के तहत अब तक 9 आतंकियों के घर ध्वस्त कर दिए गए हैं।
इस कदम को घाटी में आतंक के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
त्राल में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आमिर नजीर का घर विस्फोट से उड़ाया गया। पुलवामा के खासीपोरा में जैश आतंकी आमिर नजीर वानी के घर को भी ध्वस्त किया गया। इसके अलावा शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अदनान शफी का घर भी कार्रवाई का शिकार बना। कुपवाड़ा में आतंकी फारुक अहमद का घर भी विस्फोट से मिट्टी में मिला दिया गया।
एनआईए को सौंपी गई पहलगाम आतंकी हमले की जांच
गृह मंत्रालय ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच का जिम्मा अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया है।
एनआईए की टीमें पहले से ही पहलगाम में तैनात हैं और घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी हैं। अब एनआईए जम्मू-कश्मीर पुलिस से केस डायरी और एफआईआर अपने कब्जे में लेगी।
इस जांच का मकसद न सिर्फ हमलावरों को पकड़ना है बल्कि पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करना भी है जो घाटी में सक्रिय है।
कुपवाड़ा गोलीबारी में एक नागरिक की मौत
पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भी तनाव बढ़ गया है।
यहां अज्ञात आतंकियों की फायरिंग में घायल हुए 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
यह घटना LoC के नजदीकी इलाके में हुई, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा चौकसी और बढ़ा दी गई है।
LoC के पास नागरिकों की आवाजाही पर रोक
पहलगाम आतंकी हमले के बाद कुपवाड़ा और अन्य सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
फिलहाल केवल सुरक्षा बलों के काफिले को फारवर्ड डिफेंस लाइन के पास जाने की अनुमति दी जा रही है।
यह कदम संभावित घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है।
64 ठिकानों पर छापेमारी, आतंकियों के मददगारों पर कसा शिकंजा
कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने श्रीनगर और अन्य इलाकों में 64 ठिकानों पर छापेमारी की है।
इन कार्रवाइयों में UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत केस दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा कुलगाम से आतंकियों के दो प्रमुख मददगारों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में लश्कर, जैश, इस्लामिक स्टेट (ISJK) और टीआरएफ (TRF) जैसे संगठनों के संदिग्धों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
पहलगाम हमले में 15 स्थानीय मददगारों की भूमिका उजागर
पहलगाम आतंकी हमले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, हमले में 15 स्थानीय कश्मीरियों ने आतंकियों की मदद की थी।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और खुफिया इनपुट्स के आधार पर इन मददगारों की पहचान हुई है।
इन लोगों ने आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट, ठिकाने और पाकिस्तान से आए हथियारों की खेप पहुंचाने में मदद की थी।
कुपवाड़ा में बढ़ाया गया रोड सर्च ऑपरेशन
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित घुसपैठ की आशंका को देखते हुए, कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने रोड सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
LoC से सटे इलाकों में सेना द्वारा गहन तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि किसी भी आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
पाकिस्तान पर बढ़ा संदेह, अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठेगा मुद्दा
पहलगाम हमले और LoC पर गोलीबारी की घटनाओं के बाद पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस हमले को सीमा पार से आतंकवाद का हिस्सा मान रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाने की तैयारी कर रही है।
घटनाक्रम का त्वरित सारांश
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9 आतंकियों के घर ध्वस्त किए गए।
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पहलगाम हमले की जांच एनआईए को सौंपी गई।
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कुपवाड़ा में गोलीबारी से एक नागरिक की मौत।
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64 ठिकानों पर UAPA के तहत छापेमारी।
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15 स्थानीय मददगारों की पहचान।
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LoC के पास नागरिकों की आवाजाही पर रोक।
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कुपवाड़ा में रोड सर्चिंग ऑपरेशन तेज।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में शुरू हुआ यह अभियान घाटी में आतंक के खिलाफ एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
आतंकियों के घरों को ध्वस्त करने, नेटवर्क को उजागर करने और स्थानीय मददगारों पर कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि आतंक को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार और सुरक्षा बलों की यह रणनीति आने वाले दिनों में आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
