शुक्रवार, जनवरी 23, 2026 4:35 अपराह्न IST
होमBiharबिहार के मोहन लाल की अनोखी अंतिम यात्रा

बिहार के मोहन लाल की अनोखी अंतिम यात्रा

Published on

गया जिले के गुरारू प्रखंड स्थित कोंची गांव में शनिवार, 11 अक्टूबर 2025 को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। यहां 74 वर्षीय पूर्व वायु सैनिक मोहन लाल ने अपनी जीवित रहते हुए अपनी अंतिम यात्रा निकाली, जिससे पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया। यह घटना एक प्रेरणादायक और भावनात्मक पहलू के साथ हुई, जिसमें गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए और यह यात्रा एक सांस्कृतिक और सामुदायिक आयोजन बन गई।

बैंड-बाजे और “राम नाम सत्य है” की गूंज

गांव में इस यात्रा की शुरुआत बैंड-बाजे की धुनों और “राम नाम सत्य है” के उद्घोष के साथ हुई। फूलों से सजी एक अर्थी पर लेटे हुए मोहन लाल के शव को गांव के लोग मुक्तिधाम की ओर ले जा रहे थे। यात्रा के दौरान यह दृश्य न केवल एक अंतिम विदाई का प्रतीक था, बल्कि मोहन लाल के जीवन और समाज में उनके योगदान का सम्मान भी था। “चल उड़ जा रे पंछी” की धुन इस यात्रा में और अधिक समां बांध रही थी, जो एक भावनात्मक वातावरण का निर्माण कर रही थी।

सैकड़ों लोग इस यात्रा में शामिल हुए और यह यात्रा एक सामूहिक उत्सव का रूप ले लिया। मुक्तिधाम में पहुंचने पर मोहन लाल का प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया और इसके बाद एक सामूहिक प्रीतिभोज का आयोजन किया गया। यह सब कुछ मोहन लाल के समाज के प्रति योगदान और उनके जीवन के प्रति सम्मान था।

मोहन लाल का उद्देश्य और संदेश

मोहलन लाल, जो एक पूर्व वायु सैनिक थे, ने इस यात्रा का आयोजन इसलिए किया क्योंकि वे अपनी अंतिम यात्रा को खुद देखना चाहते थे। उनका कहना था, “मृत्यु के बाद लोग अर्थी उठाते हैं, लेकिन मैं चाहता था कि यह दृश्य मैं खुद देखूं और यह जान सकूं कि लोग मुझे कितना सम्मान और स्नेह देते हैं।” मोहन लाल के इस कदम ने उनकी सोच और समाज में उनके योगदान के प्रति सम्मान को एक नया आयाम दिया।

मोहलन लाल का यह कदम न केवल उनके जीवन के प्रति एक आत्ममूल्यांकन था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वह समाज के हर पहलू से जुड़कर एक प्रेरणास्त्रोत बनना चाहते थे। उनका यह कदम न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे कोंची गांव और आसपास के क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा है।

समाजसेवा और योगदान

मोहलन लाल का जीवन केवल व्यक्तिगत सफलता से भरा नहीं था, बल्कि उन्होंने लंबे समय तक समाजसेवा में भी योगदान दिया। बरसात के दिनों में शवदाह के दौरान होने वाली दिक्कतों को देखकर मोहन लाल ने अपनी खर्च से गांव में एक सुविधायुक्त मुक्तिधाम बनवाया। यह मुक्तिधाम गांववासियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हुआ और मोहन लाल के सामाजिक योगदान का प्रमाण है।

इसके अलावा, मोहन लाल ने लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दिया। वे सर्वोदय उच्च विद्यालय गुरारू में पढ़ाई करने के बाद, गया में भी शिक्षा प्राप्त करते रहे। उनकी शिक्षा की चाहत और समाज में सुधार की भावना उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बनी रही।

परिवार और व्यक्तिगत जीवन

मोहलन लाल के परिवार में उनके दो पुत्र हैं। उनका बड़ा पुत्र, डॉ. दीपक कुमार, कोलकाता में डॉक्टर हैं, जबकि उनका छोटा पुत्र, विश्व प्रकाश, 10 प्लस टू विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा, उनकी एक बेटी गुड़िया कुमारी है जो धनबाद में रहती हैं। मोहन लाल की पत्नी, जीवन ज्योति, 14 वर्ष पूर्व गुजर चुकी थीं, लेकिन उनके साथ बिताए गए समय की यादें मोहन लाल के जीवन में हमेशा जीवित रहीं।

मोहलन लाल का जीवन परिवार के प्रति अपने प्रेम और अपने बच्चों के प्रति गर्व से भरा हुआ था। उन्होंने अपने परिवार को हमेशा अपनी प्राथमिकता दी और उनकी सफलता के लिए हर संभव प्रयास किया।

मोहन लाल का अनोखा कदम और समाज में प्रभाव

मोहलन लाल का यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की अंतिम यात्रा का प्रतीक था, बल्कि इसने समाज में एक नया संदेश दिया। उनके इस कदम ने यह दिखाया कि मृत्यु के बाद मिलने वाली सम्मान की आवश्यकता के बजाय, यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने जीवन में समाज के लिए क्या योगदान दे रहे हैं। मोहन लाल ने अपनी ज़िन्दगी में हमेशा यह सिद्ध किया कि सेवा, सम्मान और सामाजिक योगदान सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।

गांववासियों ने कहा कि मोहन लाल का यह कदम पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके द्वारा किए गए कार्यों और उनके इस प्रतीकात्मक कदम ने उन्हें एक नायक बना दिया है।

एक नई सोच का जन्म

मोहलन लाल की इस अंतिम यात्रा ने एक नई सोच को जन्म दिया। उनके कदम ने यह सिद्ध कर दिया कि सम्मान और प्यार केवल मृत्यु के बाद ही नहीं, बल्कि हम अपनी ज़िन्दगी में भी प्राप्त कर सकते हैं। यह एक ऐसा संदेश था, जिसे सुनकर हर व्यक्ति को अपने जीवन को और भी बेहतर बनाने की प्रेरणा मिली।

गांव के लोगों ने यह महसूस किया कि मोहन लाल ने न केवल समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि उन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका जीवन और उनके कदम आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।

मोहलन लाल की अंतिम यात्रा, जो एक जीवित व्यक्ति की यात्रा थी, ने न केवल गांववासियों के दिलों को छुआ, बल्कि एक नई सोच का निर्माण भी किया। उनके जीवन और उनके योगदान के प्रति गांववासियों का सम्मान आज भी जीवित है। मोहन लाल का यह कदम न केवल समाज में प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि यह भी दिखाता है कि हम अपनी ज़िन्दगी में किस तरह से एक सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं।

इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि समाज में सच्चा सम्मान प्राप्त करने के लिए हमें अपने जीवन में समाज की भलाई के लिए काम करना चाहिए और दूसरों के साथ प्यार और सम्मान से पेश आना चाहिए। मोहन लाल का जीवन हम सभी के लिए एक उदाहरण है और उनके द्वारा दिखाई गई राह को सभी को अनुसरण करना चाहिए।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या कोई राजनीतिक व्यक्ति कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बना?

बिना क़ानून की डिग्री, राजनीति और न्यायपालिका पर उठे सबसे बड़े सवाल KKN ब्यूरो। भारतीय...

Flipkart Republic Day Sale : आखिरी दिन Google Pixel 9a पर बड़ी छूट

ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart पर Republic Day Sale का आज आखिरी दिन है। जो...

स्टार प्लस के शो अनुपमा में आएगा बड़ा मोड़ : सोशल मीडिया से पलटेगा खेल, अनुपमा को मिलेगी नई ताकत

स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिक अनुपमा के आने वाले एपिसोड्स में कहानी नया मोड़...

बिहार पंचायत सचिव भर्ती 2026 : 3532 पदों पर आवेदन

बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने पंचायत सचिव के 3532 पदों पर भर्ती के लिए...

More like this

बिहार पंचायत सचिव भर्ती 2026 : 3532 पदों पर आवेदन

बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने पंचायत सचिव के 3532 पदों पर भर्ती के लिए...

बिहार सड़क हादसा : बक्सर में आमने-सामने बाइक टक्कर, चार युवकों की मौत

बिहार के बक्सर जिले में बुधवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में चार युवकों...

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा उत्तर प्रदेश का मौसम, 22 से 27 जनवरी तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग...

बढ़ती Gold Price ने बदली बिहार में शादी की खरीदारी, अब लोग वजन और दाम देखकर खरीद रहे सोना-चांदी

बिहार में wedding season की शुरुआत के साथ ही सोने और चांदी की बढ़ती...

प्रयागराज में वायुसेना का विमान तालाब में गिरा, उड़ान के दौरान संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय...

बाजार में बिक रहे नकली चावल से रहें सावधान, बढ़ती मिलावट से लोगों की सेहत पर बढ़ रहा खतरा

आज के समय में food adulteration एक गंभीर समस्या बन चुकी है। लगभग हर...

Ration Card Bihar : आधार वेरिफिकेशन रिजेक्ट होने पर 52.22 लाख नाम हटाने का आदेश

बिहार के राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में...

बिहार में पछुआ हवाओं के तेज होने से रात के तापमान में आएगी गिरावट

बिहार में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। राज्य में मौसम शुष्क बना...

10वीं-12वीं पास सरकारी नौकरियां 2026 : युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए साल 2026 बड़ी राहत लेकर...

Unity Mall Patna : अटल पथ के पास बनेगा प्रधानमंत्री एकता मॉल

Patna में एक और बड़ी विकास परियोजना जल्द आकार लेने जा रही है। राजधानी...

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलेगा, 22 जनवरी से बारिश के आसार

उत्तर भारत में ठंड की तीव्रता कम होने के बाद अब मौसम एक बार...

बिहार में MBBS पास डॉक्टरों के लिए बड़ी भर्ती, 1445 पदों पर होगा चयन

बिहार में MBBS पास कर चुके युवा डॉक्टरों के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा...

CUET PG 2026 रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि नजदीक, उम्मीदवार जल्द करें आवेदन

पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए CUET PG 2026...

बिहार में ठंड और कोहरे का असर बरकरार, सुबह-शाम बढ़ेगी ठिठुरन

बिहार में ठंड का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राज्य के...

यूपी के दो लाख से अधिक परिवारों को बड़ी राहत, पीएम आवास योजना के तहत मिलेगी पहली किस्त

उत्तर प्रदेश के दो लाख से अधिक परिवारों के लिए रविवार का दिन राहत...