होमBiharबिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर, सात जिलों...

बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर, सात जिलों में शीत दिवस का अलर्ट

Published on

नए साल की शुरुआत बिहार में जबरदस्त ठंड और घने कोहरे के साथ हुई है। राज्य के कई हिस्सों में हाड़ कंपाने वाली सर्दी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पछुआ हवाओं के असर से तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार 2 जनवरी 2026 को भी मौसम के मिजाज में कोई खास बदलाव नहीं होगा और ठंड का यह दौर अभी जारी रहने की संभावना है।

घने कोहरे के कारण कई जिलों में दृश्यता बेहद कम हो गई है। राजधानी पटना समेत भागलपुर, बेगूसराय और आसपास के इलाकों में सुबह के समय सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया। Cold Wave और Dense Fog जैसी स्थिति के चलते आम लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड और तेज होगी।

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम

पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। हालांकि बारिश नहीं हुई, लेकिन सर्द हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया। राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 16 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य से कम माना जा रहा है।

कमजोर धूप और ठंडी हवाओं के कारण दिन के समय भी ठंड का एहसास बना रहा। दोपहर में भी लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। सुबह के वक्त घने कोहरे ने हालात और कठिन कर दिए। कई जगहों पर दृश्यता इतनी कम रही कि सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ी और कुछ सेवाएं देरी से चलीं।

नए साल पर ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

नए साल का जश्न खत्म होते ही बिहार के लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा देखा जा रहा है। खुले खेतों और तेज हवाओं के कारण गांवों में सुबह जल्दी काम पर निकलना मुश्किल हो गया है। Daily Routine पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी है।

शहरों में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और दफ्तर जाने वाले लोगों को कोहरे और ठंड से जूझना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। कमजोर धूप के कारण दिन भर ठंड बनी रहती है, जिससे सर्दी से राहत नहीं मिल पा रही।

सात जिलों में शीत दिवस का अलर्ट

मौसम विभाग ने 2 जनवरी 2026 को राज्य के सात जिलों में शीत दिवस की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से काफी कम रह सकता है। शीत दिवस की स्थिति तब बनती है जब दिन में भी तापमान अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाता।

इन जिलों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

उत्तर बिहार में घने कोहरे की संभावना

उत्तर बिहार के कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने की आशंका जताई गई है। खासतौर पर रात और सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है। इससे नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है। Fog Alert को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार कम होने और नमी अधिक रहने के कारण कोहरे की स्थिति बनी हुई है। यह हालात अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकते हैं। शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुबह देर तक कोहरा छाया रह सकता है।

आने वाले दिनों में तापमान का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है। पछुआ हवाओं के मजबूत होने से रात की ठंड बढ़ेगी। कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना है। साफ आसमान के कारण रात में ठंड और ज्यादा महसूस होगी।

दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। सीमित धूप और ठंडी हवाएं दिन भर ठंड बनाए रखेंगी। यह Cold Spell जनवरी के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें।

जनजीवन और यातायात पर असर

लगातार बढ़ रही ठंड और कोहरे का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह बाजार देर से खुल रहे हैं और निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। दिहाड़ी मजदूरों को काम शुरू करने में दिक्कत हो रही है। Public Transport सेवाएं कई इलाकों में देरी से चल रही हैं।

रेलवे प्रशासन ने कोहरे को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं। कई ट्रेनों की गति कम की गई है। कुछ स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं की भी खबरें सामने आई हैं, जिनका कारण कम दृश्यता बताया जा रहा है। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी

कड़ाके की ठंड के बीच डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। शरीर को गर्म रखने के लिए ऊनी कपड़े पहनना जरूरी है। गर्म भोजन और पेय पदार्थ लेने से ठंड से बचाव किया जा सकता है। अस्थमा, हृदय रोग और जोड़ों की समस्या से पीड़ित लोगों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि ठंड से जुड़ी बीमारियों का समय पर इलाज हो सके। जरूरतमंद और बेघर लोगों के लिए अस्थायी आश्रयों की व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है।

अभी जारी रहेगा ठंड का दौर

फिलहाल बिहार को ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में भी सर्दी और कोहरा परेशान करेगा। ऐसे में लोगों को सावधानी और सतर्कता के साथ अपनी दिनचर्या तय करनी होगी।

राज्य में ठंड का यह दौर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मौसम की मार के बीच जरूरी है कि लोग खुद को सुरक्षित रखें और मौसम से जुड़े निर्देशों का पालन करें। आने वाले दिनों में भी बिहार में ठंड और कोहरे का असर बना रहने की संभावना है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

मोहम्मद रफी के आखरी अल्फाज- तो, मैं चलूं….

महान पार्श्व गायक मो. रफी आज हमारे बीच भले नही हो, किंतु, उन्हें भूलना...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

More like this

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार के किसान और बेरोजगार: आखिर क्या है असली समाधान?

बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी नहीं, आय की कमी है KKN ब्यूरो। बिहार की...

भरत तिवारी एनकाउंटर: कानून का सवाल, जाति की बहस और सच की तलाश

KKN ब्यूरो। भोजपुर के बिलौटी गांव का एक युवक...। फेसबुक लाइव...। पुलिस पर पिस्टल...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आखिरकार बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर...