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बिहार में ऑनलाइन विवाह निबंधन हुआ और आसान, कागजों की हार्ड कॉपी अब अनिवार्य नहीं

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बिहार में विवाह निबंधन की प्रक्रिया को और सरल बना दिया गया है। अब मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए कागजातों की हार्ड कॉपी जमा कराना अनिवार्य नहीं होगा। दूल्हा और दुल्हन घर बैठे किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

यह निर्देश मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विवाह के ई-निबंधन में भौतिक दस्तावेजों की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। यह व्यवस्था राज्य के सभी जिलों में लागू होगी।

ऑनलाइन व्यवस्था का सही उद्देश्य

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑनलाइन सिस्टम का उद्देश्य पारदर्शिता और तेजी लाना है। इसके बावजूद कुछ निबंधन कार्यालयों में ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों पर समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस पर विभाग ने नाराजगी जताई है।

कई मामलों में आवेदकों से कार्यालय बुलाकर कागजात और शपथ पत्र की मांग की जा रही थी। कहीं-कहीं दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर आवेदन को लंबित रखा जा रहा था। कुछ मामलों में आवेदन को आवेदक के लॉग इन में वापस भी कर दिया गया।

भौतिक कागजात मांगना अनुचित

विभाग ने साफ कहा है कि ऑनलाइन आवेदन के बावजूद कागजात की हार्ड कॉपी मांगना अनुचित है। इससे विवाह निबंधन में अनावश्यक देरी होती है। इसका सीधा असर आवेदकों पर पड़ता है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।

विभाग के अनुसार, डिजिटल सिस्टम का मकसद यही है कि लोगों को बार-बार कार्यालय न जाना पड़े। साथ ही, प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

सचिव ने दिए सख्त निर्देश

विभाग के सचिव अजय यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने राज्य के सभी जिला अवर निबंधक और अवर निबंधकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद कागजात की मांग करना पूरी तरह गलत है।

सचिव ने निर्देश दिया है कि ऑनलाइन प्राप्त विवाह निबंधन के आवेदनों पर प्रतिदिन कार्रवाई की जाए। साथ ही तय समय सीमा के भीतर विवाह प्रमाण पत्र जारी किया जाए। लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य नहीं

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन के समय दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य नहीं है। पहचान पत्र, निवास प्रमाण या आयु प्रमाण अपलोड करने की बाध्यता नहीं रखी गई है।

इसके अलावा दूल्हा-दुल्हन की फोटो या विवाह प्रमाण से संबंधित कोई भी दस्तावेज अपलोड करना जरूरी नहीं है। इस फैसले से तकनीकी कारणों से आवेदन अटकने की समस्या दूर होगी।

विवाह निबंधन से मिलती है कानूनी सुरक्षा

विवाह निबंधन से दंपती को कानूनी सुरक्षा मिलती है। यह प्रक्रिया सभी धर्मों के लोगों के लिए मान्य है। चाहे विवाह समान धर्म में हुआ हो या अंतरधार्मिक, दोनों ही स्थितियों में यह कानून लागू होता है।

विभाग के अनुसार वर्ष 2023 और 2024 में विशेष विवाह अधिनियम के तहत कुल 18,465 विवाह निबंधित हुए। इनमें 2023 में 9,493 और 2024 में 8,972 विवाह शामिल हैं। इसी अवधि में 5,693 विवाह संपन्न भी कराए गए।

घर बैठे कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

आवेदक किसी भी समय घर बैठे मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट https://enibandhan.bihar.gov.in उपलब्ध है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है।

पहले चरण में आवेदन करते समय 100 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होता है। इसके बाद विवाह प्रमाण पत्र के लिए 350 रुपये का भुगतान किया जाता है। कुल मिलाकर करीब 450 रुपये शुल्क निर्धारित है।

अपॉइंटमेंट की सुविधा भी उपलब्ध

ऑनलाइन आवेदन के दौरान आवेदक खुद अपॉइंटमेंट की तारीख और समय चुन सकते हैं। इसके साथ ही नजदीकी निबंधन कार्यालय का चयन भी किया जा सकता है। यह सुविधा खास तौर पर कामकाजी लोगों के लिए उपयोगी है।

निर्धारित अपॉइंटमेंट वाले दिन दोनों पक्षों को तीन गवाहों के साथ कार्यालय जाना होता है। वहां उनकी फोटो ली जाती है और सत्यापन के बाद विवाह प्रमाण पत्र उसी दिन जारी कर दिया जाता है।

एसएमएस से मिलती है हर जानकारी

विभाग हर चरण पर आवेदकों को एसएमएस के जरिए जानकारी देता है। आवेदन की स्थिति, अपॉइंटमेंट और प्रमाण पत्र से जुड़ी अपडेट समय पर भेजी जाती है।

इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन की स्थिति चेक करने की सुविधा भी मौजूद है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और आवेदकों को अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ता।

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में कदम

सरकार का यह कदम डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कागजी प्रक्रिया कम होने से भ्रष्टाचार और देरी की संभावना भी घटेगी।

विभाग को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से विवाह निबंधन प्रक्रिया और अधिक सरल, तेज और नागरिकों के अनुकूल बनेगी।

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