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मुजफ्फरपुर में सनकी पिता ने दो मासूम बेटों पर धारदार हथियार से किया हमला

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KKN गुरुग्राम डेस्क | बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक पिता ने अपने ही दो मासूम बेटों पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में तीन महीने के नवजात दिव्यांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका तीन साल का बड़ा भाई कार्तिक गंभीर रूप से घायल हो गया है। आरोपी पिता घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

यह दर्दनाक घटना कुढ़नी थाना क्षेत्र के हरपुर बलड़ा गांव की है और बुधवार देर रात की बताई जा रही है।

झगड़े के बाद नींद में सो रहे बेटों पर किया हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी दिलीप कुमार पंडित की अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद, दिलीप ने गुस्से में आकर अपने ही दोनों मासूम बेटों पर धारदार हथियार ‘दबिया’ से हमला कर दिया। उस समय दोनों बच्चे नींद में सो रहे थे।

हमले में तीन महीने के दिव्यांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ा बेटा कार्तिक गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और अगले 48 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

गांव में मचा मातम, आरोपी पिता फरार

घटना के बाद पूरे हरपुर बलड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है। लोग इस बात को लेकर स्तब्ध हैं कि एक पिता ऐसा भी कर सकता है जो अपने ही बच्चों पर इस कदर हमला कर दे। गांव वालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपी दिलीप पंडित फरार हो चुका था।

कुढ़नी थाना प्रभारी रवि प्रकाश ने बताया कि:

“हमें देर रात सूचना मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक बच्चा मृत पाया गया और दूसरा गंभीर अवस्था में था। आरोपी घटना के तुरंत बाद भाग चुका था। परिवार और गांव वाले सदमे में हैं, इसलिए प्रारंभिक जानकारी जुटाने में कठिनाई हुई।”

पत्नी से विवाद बना खूनी वारदात का कारण

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिलीप कुमार पंडित का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था। बुधवार रात भी ऐसा ही एक झगड़ा हुआ, जिसके बाद आरोपी ने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस को संदेह है कि आरोपी मानसिक रूप से असंतुलित हो सकता है, लेकिन इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि दिलीप पहले भी कई बार गुस्से में हिंसक हो चुका है, लेकिन कभी किसी ने कल्पना नहीं की थी कि वह अपने ही बच्चों पर हमला कर सकता है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अभी तक पीड़ित परिवार ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, क्योंकि वे अत्यधिक सदमे और मानसिक तनाव में हैं। हालांकि पुलिस अपने स्तर पर मामला दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) के तहत केस दर्ज किया जाएगा।

मानवाधिकार आयोग और बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान

इस घटना को लेकर बिहार राज्य बाल संरक्षण आयोग (BSCPCR) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से घायल बच्चे को हर संभव सहायता प्रदान करने और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

एक आधिकारिक बयान में आयोग ने कहा:

“यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक चेतावनी है कि घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है।”

स्थानीय समाज में आक्रोश और संवेदना

गांव के लोग इस घटना से बेहद आहत हैं। हरपुर बलड़ा में शोक की लहर है। कई ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से दिलीप पंडित की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

“हमें यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा कुछ हमारे ही गांव में हो सकता है। वो तो शांत व्यक्ति लगता था, पर अंदर ही अंदर शायद कुछ और ही चल रहा था,” — एक ग्रामीण ने बताया।

घरेलू हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य: एक गंभीर सामाजिक मुद्दा

यह घटना बिहार में घरेलू हिंसा और मानसिक असंतुलन के कारण हो रही आपराधिक घटनाओं पर सवाल उठाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण अक्सर छोटे-छोटे घरेलू विवाद भी बड़े अपराध में बदल जाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

मुजफ्फरपुर में एक पिता द्वारा अपने ही बेटों पर धारदार हथियार से हमला करना न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। दिव्यांशु अब इस दुनिया में नहीं है, जबकि कार्तिक की जिंदगी अस्पताल में संघर्ष कर रही है। पूरा गांव सदमे में है और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। उम्मीद की जा रही है कि दिलीप पंडित को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और घायल बच्चे को न्याय और सहायता दोनों मिलेगी।

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