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मोकामा में चुनावी हिंसा : दुलारचंद यादव की हत्या से पॉलिटिकल टेंशन बढ़ा

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा क्षेत्र में हाई-प्रोफाइल हत्या से पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गया है। दुलारचंद यादव की गुरुवार को कैंपेनिंग के दौरान हत्या कर दी गई। वह जन सुराज पार्टी के सपोर्टर थे। यादव पहले RJD लीडर लालू प्रसाद के करीबी माने जाते थे। उनकी हत्या जन सुराज कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार करते समय हुई।

डीएम ने झगड़े का बताया रीज़न, पोस्ट-मॉर्टम के लिए भेजा गया शव

इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस प्रेजेंस बढ़ा दी गई है। पटना जिलाधिकारी थियागराजन एसएम ने हत्या को दो विरोधी कैंडिडेट्स के समर्थकों के बीच हुई झड़प का परिणाम बताया। यह झगड़ा घोसवरी ताल क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि यादव पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे। उनका शव संदेहास्पद परिस्थितियों में मिला था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लीगल प्रोसीजर अभी जारी है।

मोकामा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, अनंत सिंह पर लगा आरोप

मोकामा विधानसभा सीट हमेशा से बिहार की सबसे विवादित कॉन्स्टिट्यूएंसी में रही है। बाहुबली अनंत सिंह, जो यह सीट कई बार जीत चुके हैं, इस बार JD(U) कैंडिडेट हैं। RJD ने सूरज भान सिंह की पत्नी वीणा देवी को मैदान में उतारा है। वहीं, पीयूष प्रियदर्शी जन सुराज पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यादव की हत्या के बाद, प्रियदर्शी और मृतक के परिवार ने सिंह के समर्थकों पर सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हमला सिंह के समर्थकों ने ही ऑर्केस्ट्रेट किया था।

अनंत सिंह ने आरोपों को नकारा, सूरज भान पर साज़िश का दावा

अनंत सिंह ने इस मामले में किसी भी तरह की शामिलता से इनकार किया है। उन्होंने लोकल मीडिया को बताया कि वह ताल में वोट कैन्वसिंग कर रहे थे। उन्होंने एक जगह भीड़ जमा देखी। उन्होंने सोचा कि विपक्ष भी कैन्वसिंग कर रहा है। उनकी तीस गाड़ियाँ आगे निकल गईं। दस गाड़ियाँ पीछे छूट गईं। उन्हीं गाड़ियों पर अटैक किया गया। सिंह ने इस घटना को सूरज भान की साज़िश बताया।

जांच जारी, CCTV फुटेज की हो रही रिव्यू

पटना एसएसपी ने पुष्टि की कि यह घटना 30 अक्टूबर को दोपहर लगभग 3:30 बजे हुई थी। घोसवरी पुलिस स्टेशन के चीफ और अन्य ऑफिसर्स मौके पर पहुँचे। उन्हें दो से तीन गाड़ियाँ डैमेज मिलीं। यादव का शव एक गाड़ी के अंदर मिला। फोरेंसिक टीम साइट की जाँच कर रही है। CCTV फुटेज की भी रिव्यू की जा रही है। इन्वेस्टिगेशन अभी जारी है।

दोनों पक्षों ने दिए अलग-अलग बयान

दोनों पॉलिटिकल पार्टियों ने पुलिस को अपने बयान सौंपे हैं। प्रियदर्शी ने दावा किया कि तारतार गाँव में सिंह के समर्थकों ने उनके काफिले पर हमला किया। इस अटैक में पथराव हुआ, जिससे यादव की मौत हो गई। वहीं, सिंह ने आरोप लगाया कि जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले पर अटैक किया था। सिंह ने कहा कि उनके कई समर्थक घायल हुए हैं।

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