बुधवार, अप्रैल 22, 2026 9:21 अपराह्न IST
होमBiharबिहार रोल संशोधन के लिए चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, विपक्ष ने...

बिहार रोल संशोधन के लिए चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, विपक्ष ने उठाए सवाल

Published on

चुनाव आयोग ने बिहार में चल रहे निर्वाचन रजिस्टर संशोधन प्रक्रिया के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो विपक्षी दलों के तीव्र आलोचनाओं का कारण बना है। चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर कोई मतदाता आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं करता है, तो भी उसका सत्यापन किया जा सकता है। ऐसे मामलों में, निर्वाचक रजिस्ट्रार अधिकारी (ERO) स्थानीय जांच के आधार पर सत्यापन कर सकते हैं। यह निर्णय बिहार विधानसभा चुनाव से पहले किए जा रहे विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के संदर्भ में लिया गया है, जो विपक्षी दलों द्वारा भारी विरोध का सामना कर रहा है।

विशेष गहन संशोधन (SIR) और विपक्ष का विरोध

विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया बिहार विधानसभा चुनावों से पहले चल रही है, जिसका उद्देश्य निर्वाचन रजिस्टर को अपडेट करना और मतदाता सूची को सही करना है। हालांकि, इस प्रक्रिया ने विपक्षी दलों में चिंता और विरोध उत्पन्न कर दिया है। मुख्य रूप से, विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि यह प्रक्रिया करोड़ों मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर सकती है, और इसे भाजपा के पक्ष में चुनावी लाभ प्राप्त करने के लिए एक षड्यंत्र करार दिया है।

विपक्ष का मुख्य आरोप यह है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सत्यापन के लिए 11 दस्तावेजों में से एक दस्तावेज़ की अनिवार्यता तय की है। ये दस्तावेज़ में जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, सरकारी कर्मचारियों या पेंशनभोगियों द्वारा जारी पेंशन भुगतान आदेश, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या घर आवंटन प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। विपक्ष का कहना है कि अधिकांश ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग इन दस्तावेज़ों को नहीं रखते हैं, और यह प्रक्रिया लाखों लोगों को मतदाता सूची से बाहर कर सकती है।

विपक्ष के आरोप: दस्तावेज़ों की अनुपस्थिति को लेकर चिंता

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के अनुसार, केवल दो से तीन प्रतिशत लोग ही इन दस्तावेज़ों को रखते हैं। यादव ने कहा, “यह स्पष्ट रूप से एक षड्यंत्र है, जिसका उद्देश्य करोड़ों लोगों को मतदाता सूची से बाहर करना है। संविधान ने सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार दिया है।”

उनकी बातों का समर्थन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), और वाम दलों ने भी किया है। उनका कहना है कि यह संशोधन प्रक्रिया चुनावी फायदा उठाने के लिए एक राजनीतिक साजिश है।

चुनाव आयोग का जवाब: बिना दस्तावेज़ के सत्यापन की प्रक्रिया

विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए, चुनाव आयोग ने एक नया निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया कि यदि मतदाता आवश्यक दस्तावेज़ों को प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो भी उनका सत्यापन किया जा सकता है। चुनाव आयोग के इस नए फैसले के अनुसार, निर्वाचक रजिस्ट्रार अधिकारी (ERO) को अब स्थानीय जांच के आधार पर सत्यापन करने का अधिकार मिलेगा।

चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए एक पोस्टर में यह स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी मतदाता के पास दस्तावेज़ या फोटो उपलब्ध नहीं हैं, तो वह केवल एन्यूमरेशन्स फॉर्म भरकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को जमा कर सकता है। इसके बाद, निर्वाचक रजिस्ट्रार अधिकारी स्थानीय स्तर पर जाकर इन मतदाताओं की जांच करेंगे और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

स्थानीय जांच की प्रक्रिया: कैसे होगा सत्यापन?

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, निर्वाचक रजिस्ट्रार अधिकारी उन क्षेत्रों में जाएंगे जहां मतदाताओं ने दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए हैं। वे स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जो व्यक्ति फॉर्म भर रहा है, वह 18 वर्ष से अधिक आयु का है। इसके साथ ही, उनके निवास का पता, समयावधि और स्थानीय निवासियों से पूछताछ करके सत्यापन किया जाएगा। अगर अन्य दस्तावेज़ उपलब्ध होंगे, तो उनका भी सत्यापन किया जाएगा।

यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि जिन लोगों के पास दस्तावेज़ नहीं हैं, वे भी मतदाता सूची में शामिल हो सकें, बशर्ते वे अन्य सबूत प्रदान करें।

मतदाता पंजीकरण की स्थिति और समय सीमा

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक बिहार में 1.21 करोड़ मतदाताओं ने एन्यूमरेशन्स फॉर्म भरे हैं, जिनमें से 23.9 लाख फॉर्म अपलोड किए जा चुके हैं। इन फॉर्म्स को 25 जुलाई तक जमा करना आवश्यक है। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2003 के विशेष गहन संशोधन में शामिल 4.96 करोड़ मतदाताओं को कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।

चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया है कि इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा और सभी योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष है और इसमें किसी भी प्रकार की पक्षपाती कार्यवाही नहीं की जाएगी।

बिहार विधानसभा चुनाव: क्या है इस संशोधन का महत्व?

बिहार विधानसभा चुनावों के निकट आने के साथ ही, विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि यह प्रक्रिया बिना किसी बदलाव के जारी रहती है, तो विपक्षी दलों को चिंता है कि यह लाखों मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर कर सकती है, खासकर उन लोगों को जिनके पास आवश्यक दस्तावेज़ नहीं हैं। हालांकि, चुनाव आयोग के द्वारा दिया गया आश्वासन कि बिना दस्तावेज़ के भी सत्यापन किया जाएगा, विपक्ष की चिंताओं को कुछ हद तक शांत कर सकता है।

चुनाव आयोग के द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद, यह देखने की बात होगी कि स्थानीय स्तर पर सत्यापन कैसे होता है और इसकी पारदर्शिता कितनी मजबूत है। विपक्ष की चिंता यह है कि यदि इस प्रक्रिया में कोई भी गलतफहमी या पक्षपाती कार्रवाई होती है, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खतरे में डाल सकता है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का यह निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि बिना दस्तावेज़ों के भी पात्र मतदाता चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सकें।

अब सभी की निगाहें इस पर होंगी कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को किस तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से लागू करता है। इस समय, बिहार के मतदाता इस प्रक्रिया को लेकर जागरूक हैं और हर कदम की निगरानी कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी योग्य मतदाता अपनी मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

नीतीश से सम्राट तक: क्या बिहार में सत्ता बदलते ही बदलेगा पूरा सिस्टम?

बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है। क्या वाकई नीतीश कुमार का...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

ब्लैक फ्राइडे: एक खामोश हकीकत

यह एक खामोश हकीकत है। अगर एक फिल्म... सिर्फ एक घटना को दिखा रही...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

More like this

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आखिरकार बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर...

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: आज नहीं… तो कब?

बिहार में लाखों छात्रों के बीच शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द होगा जारी; यहां जानें तारीख, वेबसाइट और डाउनलोड प्रक्रिया

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द ही जारी...

क्या मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई अमेरिका की दादागिरी?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया एक बार फिर उसी खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...

मिडिल ईस्ट: महायुद्ध की दहलीज़ पर विभाजन और तड़पता हुआ क्षेत्र

KKN ब्यूरो। संयुक्त रूप से अमेरिका और इज़रायल ने अपने सबसे बड़े सैन्य अभियान...

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...