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बिहार के पांच राज्य पथों के निर्माण को मिली हरी झंडी

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बिहार में पांच प्रमुख राज्य पथों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। एशियन विकास बैंक से मंजूरी मिलने के बाद पथ निर्माण विभाग ने चयनित एजेंसियों को काम शुरू करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही लंबे समय से प्रस्तावित इन road connectivity परियोजनाओं के धरातल पर उतरने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

पथ निर्माण विभाग के अधीन बिहार राज्य पथ विकास निगम ने कुछ दिन पहले एशियन विकास बैंक को पांच सड़कों की प्राइस बिड इवैल्यूएशन रिपोर्ट भेजी थी। एडीबी ने रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अपनी स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही बिहार सरकार को वित्तीय सहायता के रूप में 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 2900 करोड़ रुपये के बराबर है।

चयनित एजेंसियों को मिला कार्य प्रारंभ करने का आदेश

एडीबी की स्वीकृति मिलते ही पथ निर्माण विभाग ने सभी पांचों सड़कों के निर्माण के लिए चयनित एजेंसियों को work order जारी कर दिया है। अब इन परियोजनाओं पर औपचारिक रूप से काम शुरू किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन सड़कों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

निर्माण कार्य की प्रगति के अनुसार एडीबी की ओर से राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। यह व्यवस्था funding approval के तहत पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए अपनाई गई है।

कुल 225 किलोमीटर लंबी होंगी नई सड़कें

जिन पांच सड़कों का निर्माण होना है, उनकी कुल लंबाई 225 किलोमीटर है। वर्तमान में इनमें से अधिकांश सड़कें सिंगल लेन हैं और बढ़ते यातायात दबाव के कारण जर्जर स्थिति में हैं। नए निर्माण के तहत इन सड़कों को कम से कम दो लेन का बनाया जाएगा।

यातायात घनत्व और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कुछ हिस्सों में सड़क की चौड़ाई और बढ़ाई जा सकती है। इन सड़कों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।

पहले ही पूरी कर ली गई थी तैयारी

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने एडीबी से सैद्धांतिक सहमति प्राप्त कर ली थी। इसके बाद सभी परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार की गई। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही निविदा जारी की गई थी।

इस पूर्व तैयारी के कारण परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने में ज्यादा समय नहीं लगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे निर्माण कार्य के दौरान आने वाली बाधाएं भी कम होंगी।

दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य

इन सभी state highway project को निर्माण शुरू होने के दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पथ निर्माण विभाग ने एजेंसियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

निर्माण अवधि के दौरान कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। सड़कें पूरी होने के बाद यात्री और मालवाहक दोनों प्रकार के वाहनों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। भोजपुर, मुंगेर, बांका, नवादा, गयाजी, नालंदा, सारण और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में सड़क संपर्क मजबूत होगा।

बेहतर सड़कें बाजारों, शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाएंगी। साथ ही स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

गयाजी जिले की महत्वपूर्ण सड़क परियोजना

गयाजी जिले में बनगंगा–जेठियन–गहलौर–भिंडस सड़क को इस योजना में शामिल किया गया है। इस सड़क की कुल लंबाई 41.256 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर करीब 361 करोड़ 325 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह सड़क ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ती है। इसके चौड़ीकरण से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

मुंगेर और बांका जिलों को जोड़ने वाली सड़क

मुंगेर और बांका जिलों में असरगंज–शंभूगंज–इंगलिश मोड़–पुनसिया–धोरैया सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस सड़क की लंबाई 72.183 किलोमीटर है। परियोजना की लागत करीब 701 करोड़ 26 लाख रुपये आंकी गई है।

यह मार्ग दोनों जिलों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क है। इसके विकास से क्षेत्रीय आवागमन में बड़ा सुधार होगा।

भोजपुर जिले में बनेगी चौड़ी सड़क

भोजपुर जिले में आरा–एकौना–खैरा–सहार सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इस सड़क की लंबाई लगभग 32 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 373 करोड़ 56 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह मार्ग व्यापारिक गतिविधियों के लिए अहम माना जाता है। सड़क चौड़ी होने से यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी।

सारण और सीवान जिलों की सड़क योजना

सारण और सीवान जिलों को जोड़ने वाली छपरा–मांझी–दरौली–गुठनी सड़क भी इस योजना का हिस्सा है। इस सड़क की लंबाई 32 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर लगभग 373 करोड़ 56 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस मार्ग पर रोजाना भारी यातायात रहता है। सड़क के उन्नयन से यात्रा समय घटेगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी।

मुजफ्फरपुर में सड़क और हाईलेवल ब्रिज परियोजना

मुजफ्फरपुर जिले में हथौड़ी–अतरार–बभनगामा–औराई सड़क सह हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लंबाई 21 किलोमीटर है। इसके लिए करीब 814 करोड़ 22 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं।

यह परियोजना तकनीकी रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बाढ़ के समय यह मार्ग विशेष रूप से उपयोगी साबित होगा।

बुनियादी ढांचे को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से बिहार के बुनियादी ढांचे को बड़ा बल मिलेगा। सड़क निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

कुल मिलाकर, एडीबी की मंजूरी के बाद इन पांच राज्य पथों का निर्माण बिहार के विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क से राज्य की परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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