होमBiharअनाज का उत्पादन के क्षेत्र में बिहार का नया रिकॉर्ड

अनाज का उत्पादन के क्षेत्र में बिहार का नया रिकॉर्ड

Published on

बिहार। बिहार के किसानो ने सूबे को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। अनाज उत्पादन के क्षेत्र में बिहार ने नया रिकार्ड बना दिया है। यहां के किसानों ने अपने ही पुराने रिकार्ड को तोड़ दिया है। खास बात यह है कि इस नये रिकार्ड में मक्के का योगदान सर्वाधिक है। कहतें हैं कि एक ओर जहां पूरे देश में दाल की कमी हो रही है। वहीं, बिहार के किसानो ने दाल का उत्पादन बढ़ा कर कई संकेत दिए है।
शुक्रवार को जारी फसल कटनी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 2016-17 में 185.61 लाख टन अनाज का उत्पादन हुआ है। यह 2012-13 के पुराने रिकार्ड से लगभग सात लाख टन अधिक है। उस साल 178.29 लाख टन अनाज का उत्पादन हुआ था। इस प्रकार राज्य सरकार की योजनाओं की मदद से किसानों ने सूखा और बाढ़ के बावजूद राज्य को अनाज के मामले में सरप्लस स्टेट बना दिया। इसी के साथ दाल के उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। इस बार दाल का उत्पादन 4.62 लाख टन हुआ है, जो पिछले दो सालों के उत्पादन से लगभग 50 हजार टन अधिक है। राज्य में कृषि रोडमैप की शुरुआत के बाद से बिहार को दो बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिल चुका है। पिछले साल मक्का उत्पादन में बिहार को यह पुरस्कार मिला था और अब बिहार एक बार फिर से इस पुरस्कार का प्रबल दावेदार बन चुका है।
खास बात यह है कि अनाज उत्पादन में यह वृद्धि खेती का रकबा बढ़ने से नही। बल्कि, फसलों की उत्पादकता बढ़ने से हुई है। मक्का का उत्पादन बढ़ा है तो इसकी उत्पादकता में भी काफी वृद्धि हुई है। धान में किसान पिछला रिकार्ड नहीं तोड सके इसका मुख्य कारण है कि इसकी उत्पादकता में वृद्धि नहीं हुई है। धान की उत्पादकता 20016-17 में 24.67 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही। यह 2012-13 में यह 25.23 क्विंटल प्रति हेक्टयर थी। लेकिन गेहूं की उत्पादकता 22.44 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर इस वर्ष 28.43 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है।

मक्का में उत्पादन बढ़ने का मुख्य कारण है कि राज्य सरकार ने नये क्षेत्रों में इसका उत्पादन शुरू किया है। लेकिन दाल की उत्पादकता और उत्पादन में वृद्धि का योगदान श्रेय यहां के किसानों की मेहनत को जाता है। जानकार बतातें हैं कि पहले मक्का की खेती केवल उत्तर बिहार और पूर्व बिहार के कुछ इलाके में होती थी। लेकिन, पिछले दो साल से सरकार ने दक्षिण बिहार के कुछ क्षेत्रों में इसकी खेती का नया प्रयोग शुरू किया है। सरकार का यह प्रयोग सफल रहा और 20 हजार एकड़ खेती का रकबा बढ़ा तो मक्का का उत्पादन लगभग दस लाख टन और उत्पादकता लगभग 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बढ़ गई।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

एनर्जी ड्रिंक से पैकेटबंद खाने तक: सुविधा के नाम पर शरीर के साथ कितना बड़ा सौदा?

बाजार की चमकदार पैकेजिंग के भीतर छिपी चीनी, नमक, वसा और कैफीन शरीर को...

मीनापुर की क्रांति गाथा: इतिहास के हाशिये से उठती एक पूरी पीढ़ी की आवाज

मीनापुर की क्रांति गाथा पुस्तक की संक्षिप्त समीक्षा लेखक : कौशलेन्द्र झा KKN पुस्तक समीक्षा। इतिहास...

डायबिटीज लाइलाज है या इलाज का तरीका पुराना पड़ चुका है?

भारत में 101 मिलियन लोगों को डायबिटीज, 136 मिलियन प्री-डायबिटीज की जद में; दुनिया...

More like this

क्या नकारात्मक सोच इंसान को उसी अंधेरे में धकेल देती है, जिसे वह दुनिया में खोज रहा होता है?

हर घटना में षड्यंत्र, हर परंपरा में खामी, हर व्यक्ति में स्वार्थ और हर...

डैम, मानव सभ्यता की प्यास बुझाने वाला वरदान या आने वाली पीढ़ियों के लिए खड़ा किया जा रहा जल-खतरा?

नदियों को बांधकर इंसान ने पानी, बिजली और खेती पर नियंत्रण हासिल किया। लेकिन...

बिहार की जेन-जी के सामने सबसे बड़ा सवाल: नौकरी मिलेगी या भविष्य बदलेगा?

सम्राट चौधरी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल, शिक्षा, इंटर्नशिप और परीक्षा सुधार...

मीनापुर में बनेगा शहीद स्मृति पार्क, रामपुरहरि में प्रस्तावित है भव्य तोरण द्वार

अमर शहीद जुब्बा सहनी, वांगुर सहनी और पंडित सहदेव झा समेत स्वतंत्रता सेनानियों की...

मीनापुर में भूमि सर्वेक्षण: जमीन आपकी, लेकिन रिकॉर्ड में किसका नाम?

पुराने खतियान, बदली हुई चौहद्दी और अधूरे उत्तराधिकार के बीच रैयतों के सामने नई...

मीनापुर में गूंजा जश्न-ए-आजादी: शहीद स्मृति पार्क और भव्य तोरण द्वार बनाने का ऐलान

क्रांति महोत्सव-2026 में विधायक अजय कुमार ने की घोषणा, विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी बोले—राजकीय...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

बिहार में भूमि सर्वेक्षण और भूमाफिया का कॉकटेल?

क्या रिकॉर्ड सुधार की मुहिम में सेंध लगा रहे हैं फर्जी दावेदार KKN ब्यूरो। जमीन...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

बंटी यादव हत्याकांड: आखिर सच क्या है? पुलिस की कहानी और परिवार के आरोपों के बीच उलझी जांच

KKN ब्यूरो। पटना के बंटी यादव हत्याकांड ने बिहार की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...