होमKKN Specialविद्या के मंदिर में अंडा से तौबा

विद्या के मंदिर में अंडा से तौबा

Published on

​अंडा बटंने लगा तो उमड़ी बच्चो की भीड़, विधालय मे चार सौ थाली फिर भी बच्चे लाते है घर से बर्तन, अंडा के नाम पर दर्जनो बच्चो ने नही किया भोजन 

संतोष कुमार गुप्ता

मीनापुर। राजकीय उत्क्रमित मवि पुरैनिया उत्तरी मे शुक्रवार को दोपहर के एक बजे है। विधालय के बच्चे को पहले से पता है कि सरकार के निर्देशानुसार आज फल और अंडे मिलेंगे। नतिजतन आज अन्य दिनो की तुलना मे बच्चो की तादाद ज्यादा है। विधालय के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि यहां छुआछुत ज्यादा है। यहां बच्चो के भोजन के लिए चार सौ से अधिक स्टील की थाली है। वावजूद 80 प्रतिशत बच्चे टिफिन की घंटी बचते ही थाली के लिए घर चले जाते है। एमडीएम के तहत बच्चे भोजन के लिए पक्तिबद्ध है। 270 बच्चे अंडे वाले लाइन मे है। जबकि 51 बच्चे फल वाले लाइन मे है। मेनू के हिसाब से बच्चो मे चावल के साथ आलू व सोयाबीन की सब्जी पड़ोसी जा रही है। जबकि 261 बच्चो मे अंडा व 51 बच्चो मे सेव वितरित किये गये। गुरूवार को 261 बच्चे ही स्कूल आये थे। किंतु शुक्रवार को 321 का आंकड़ा पार कर गया था। छात्र रजनीश,बबलू,गोलू कुमार,रंजन,व बजरंग कुमार अंडे की कतार मे है। वह कहता है कि अंडा से पौष्टिक आहार मिलता है। जबकि मंजित,मनिष कुमार,सुनिता,मनिषा कुमारी व अनिष कुमार कहता है कि वह अंडा कभी नही खाता है। इसलिए सेव खायेंगे।

शुक्रवार को भोजन नही करेंगे एक दर्जन बच्चे

मीड डे मिल के लिए दो कतारे थी। एक अंडा का तो दूसरा फल का.लेकिन एक दर्जन बच्चे पहले ही छट कर दुर खड़े थे। उनका कहना है कि अंडा जिस दिन रहेगा वह दोनो मे से किसी कतार मे नही बैठेंगे। वर्ग छह का कमलेश कुमार राजीव,पंचम का बलजित,सोनू,लड्डू कुमार,गोलू,पूजा,चंदन न सातंवा का विकास का कहना है कि वह आज भोजन नही करेंगे। क्योकि आज के भोजन मे अंडा दिया जा रहा है। विधा के मंदिर मे अंडा ठीक नही होता है। सातवां के सुनिता कुमारी कह रही थी कि आज शुक्रवार को संतोषी माता का दिन है। इसलिए वह बिना खाये ही रहेगी। अनिस कुमार का कहना है कि उसके दरवाजे पर देवता का गहबर है। वह आज भोजन नही करेगा। विधालय मे एचएम राकेश कुमार,शिक्षक प्रभात कुमार रंजन,शशि कुमारी,दिनेश प्रसाद,हरेंद्र प्रसाद,सुजीत कुमार मौजूद थे। एचएम राकेश कुमार ने बताया कि अंडा छह रूपये प्रति पीस खरीदना पड़ा है। सेव भी बहुत महंगा है। वावजूद सरकार प्रति बच्चे पांच रूपये देने की बात कह रही है। हालांकि उनलोगो को इस सम्बध मे कोई चिट्ठी नही मिला है।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

बिहार में अर्नब का कितना असर? 31 अक्टूबर तक बारिश के आसार

जानिए तूफान की असली ताकत बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब अब बिहार में...

तिरहुत स्नातक में वंशीधर ब्रजवासी का दबदबा कायम, शिक्षक सीट पर नरेंद्र सिंह की वापसी

तिरहुत की दोनों एमएलसी सीटों पर बदला चुनावी इतिहास बिहार विधान परिषद के 2026 के...

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

दूसरों की कमियां खोजते-खोजते खुद क्यों खो जाता है इंसान?

विज्ञान ने खोली नकारात्मक सोच की परतें कभी-कभी एक इंसान सुबह उठता है और उसकी...

More like this

मीठा बोलना कमजोरी नहीं, इंसानियत की ताकत है

कठोरता को अच्छाई बताने वालों को विज्ञान का जवाब एक बच्चा अपने घर में बड़ों...

क्या बियाडा सार्वजनिक करेगा रोजगार और स्थानीय आय का हिसाब?

महवल लेदर पार्क पर जवाबदेही की परीक्षा महवल के लेदर पार्क की सफलता का सबसे...

महवल लेदर पार्क की फाइलों में क्या दर्ज है?

रोजगार का हिसाब अब भी अधूरा बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी बियाडा की वेबसाइट...

महवल लेदर पार्क में रोजगार का आधार क्या है?

कितनी फैक्ट्रियों में शुरू हुआ उत्पादन? मुजफ्फरपुर के महवल में लेदर पार्क का उद्घाटन हो...

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

महिषासुर कौन था? पुराणों के असुरराज से आदिवासी पूर्वज तक

दुर्गा पूजा के पंडाल में एक दृश्य बार-बार दिखाई देता है। सिंह पर सवार...

मीनापुर का किसान फसल बेचकर कितना कमाता है? खेत से बाजार तक पूरा हिसाब

मीनापुर में धान की फसल जब खेत में लहलहाती है, तो दूर से वह...

गुमनाम हकीकत: जब इतिहास के खामोश पन्ने अपनी कहानी कहने लगते हैं

पुस्तक समीक्षा इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना शायद यह है कि जो दर्ज है,...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

एआई: सुविधा का अगला पड़ाव या इंसान के नियंत्रण से बाहर होती मशीन?

KKN ब्यूरो। कल्पना कीजिए, एक ऐसी मशीन है जिसे आपने कोई काम करने के...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...