होमNationalकंगना रनौत का बयान : पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन धर्म...

कंगना रनौत का बयान : पीएम मोदी के नेतृत्व में सनातन धर्म और राष्ट्र की गरिमा का उभार

Published on

हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने हाल ही में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कंगना ने विशेष रूप से विपक्ष की धमकियों, घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई और अयोध्या में राम मंदिर में धर्म ध्वज लहराने की घटना पर अपनी राय दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और उनके योगदान को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही।

SIR पर विपक्ष की धमकियां और घुसपैठियों को बाहर निकालने की जरूरत

कंगना रनौत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष की ओर से SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर मिल रही धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इन धमकियों से देश डरने वाला नहीं है। पूरा देश घुसपैठियों को बाहर निकालने के पक्ष में है।” कंगना ने इस मुद्दे को एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जोड़ते हुए कहा, “जिस तरह शरीर में कैंसर होता है, वैसे ही घुसपैठिए देश के लिए एक कैंसर हैं और उन्हें पूरी तरह से बाहर निकाला जाएगा।”

कंगना का यह बयान इस बात को दर्शाता है कि वह पूरी तरह से सरकार के रुख के पक्ष में हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। उनका मानना है कि इन घुसपैठियों को समाप्त करने के लिए देश को पूरी तरह से एकजुट होकर कदम उठाने की आवश्यकता है।

राम मंदिर में धर्म ध्वज लहराने पर गर्व का अनुभव

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज लहराने के कार्यक्रम पर कंगना ने कहा, “हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या में वाकई सनातन का परचम लहराते हुए देखा। यह दृश्य देख मेरी आंखों में आंसू आ गए थे। मैं काशी में थी, लेकिन टीवी पर पूरा कार्यक्रम देखा।” कंगना ने बताया कि यह पल उनके लिए बहुत भावुक था, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर के निर्माण के साथ सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को और भी ऊंचा किया है।

कंगना ने कहा, “कई युगों में सनातन धर्म का जो नुकसान हुआ था, पीएम मोदी ने अपने जीवनकाल में देश के लिए इतने बड़े-बड़े कार्यों के द्वारा उसकी भरपाई कर दी है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जन्म दरअसल हमारे उद्धार के लिए हुआ था। कंगना ने प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी महसूस किए गए गर्व से जोड़ा।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर कंगना का कड़ा जवाब

कंगना ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई प्रतिक्रिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान इस समय बौखला गया है क्योंकि वे दिन-ब-दिन डूबते जा रहे हैं। वे अब एक भीख मांगने वाला देश बन चुके हैं, जबकि हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं और जल्द ही दुनिया की पहली अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।” कंगना ने पाकिस्तान के बंटवारे के संदर्भ में कहा कि वह लोग सोचते थे कि अलग देश बनाकर वे आगे बढ़ेंगे, लेकिन अब वे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जबकि भारत हर दिशा में प्रगति कर रहा है।

यह बयान पाकिस्तान की आलोचना को लेकर कंगना का कड़ा नजरिया था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के आंतरिक संकट और भारत की उभरती ताकत को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।

धर्म ध्वज का महत्व और उसकी आध्यात्मिक संरचना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर 191 फीट ऊंचे भगवा झंडे को फहराया। यह झंडा मंदिर के निर्माण के पूरा होने का प्रतीक है। इस दौरान फहराया गया “धर्म ध्वज” न केवल एक सांस्कृतिक प्रतीक है, बल्कि यह सनातन परंपरा की गहरी आध्यात्मिक जड़ों को भी दर्शाता है।

“धर्म ध्वज” पर तीन पवित्र चिन्हों को अंकित किया गया है: ओम, सूर्य और कोविदारा का पेड़। ओम को आध्यात्मिक ध्वनि के रूप में और सूर्य को राम के सूर्यवंश का प्रतीक माना जाता है। कोविदारा पेड़ एक पौधे का हाइब्रिड है, जिसे ऋषि कश्यप ने बनाया था और यह सनातन संस्कृति के विकास और नवाचार को दर्शाता है।

राम मंदिर के शिखर पर तिरंगा और उसकी गहरी सांस्कृतिक महत्ता

मंदिर पर फहराया गया तिकोना झंडा समकोण में था, जिसकी ऊंचाई 10 फीट और लंबाई 20 फीट थी। इस झंडे ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी एकता और समृद्धि का संदेश भेजा। यह धर्म ध्वज न केवल धार्मिकता का प्रतीक है, बल्कि यह सनातन परंपराओं और भारत के सांस्कृतिक गौरव को भी दर्शाता है।

कंगना रनौत के बयान ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों की सराहना की। राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की फहराहट ने भारत को एक नए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप में प्रस्तुत किया। कंगना ने अपनी बातों में यह स्पष्ट किया कि मोदी जी का जन्म भारत के लिए एक उद्धार का अवसर था और उनका योगदान अनमोल है। पाकिस्तान की प्रतिक्रियाएं और देश में हो रहे सांस्कृतिक पुनर्निर्माण की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि भारत अपनी समृद्ध संस्कृति और आस्था की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: साक्ष्यों के अभाव में छह आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच और अभियोजन पर उठाए सवाल

आठ साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का फैसला KKN ब्यूरो। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

More like this

नेपाल की सुलगती सरहद: सांप्रदायिक हिंसा, राजनीतिक बेचैनी और भारत के लिए बढ़ती चुनौती

जब पड़ोसी देश में आग लगती है, तो धुआं सीमाएं नहीं पहचानता... KKN ब्यूरो। भारत...

मीनापुर के प्रथम विधायक जनक सिंह की 112वीं जयंती पर ‘अग्रदूत’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

मीनापुर के प्रथम विधायक को श्रद्धांजलि, 'अग्रदूत' पुस्तक बनी उनकी विरासत का दस्तावेज़ KKN ब्यूरो।...

बांकीपुर: कैसे टूटा भाजपा का अभेद्य किला, क्यों बना प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति का नया केंद्र?

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव हुए, कई सरकारें बनीं और बदलीं।...

बांकीपुर का उपचुनाव: एक सीट की लड़ाई या बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट?

एक सीट... लेकिन पूरे बिहार की निगाहें क्यों? KKN ब्यूरो। भारतीय लोकतंत्र में कुछ चुनाव...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना? (भाग–2)

क्या पेपर लीक केवल आज की समस्या है? KKN ब्यूरो। यदि कोई यह मानता...

पेपर लीक का काला कारोबार: किसने चुराए करोड़ों युवाओं के सपने, कौन है इस संगठित अपराध का असली सरगना?

जब प्रश्नपत्र नहीं, भविष्य लीक होने लगे... KKN ब्यूरो। किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं...

तीन दशक की राजनीति जिसने बांकीपुर की पहचान बदल दी

कौशलेन्द्र झा KKN। आज बांकीपुर का नाम आते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का...

एक सीट… कई संदेश: आखिर क्यों पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर है?

क्या बांकीपुर का फैसला सिर्फ एक विधायक चुनेगा या बिहार की राजनीति की नई...

बांकीपुर की जंग: भाजपा का अभेद्य किला या प्रशांत किशोर की पहली राजनीतिक परीक्षा?

**KKN Live Special | Election Report KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में कई चुनाव ऐसे...

मामुली बारिश… और अंधेरे में डूब जाता है बिहार का गांव

ट्री कटिंग पर हर साल करोड़ों के टेंडर, फिर भी पेड़ की टहनी से...

भारतीय शिक्षा व्यवस्था के बारे में चौकाने वाला खुलाशा, क्या हर गांव में था स्कूल?

आज भी उपलब्ध है थॉमस मुनरो और विलियम एडम की रिपोर्ट KKN ब्यूरो। ब्रिटिश शासन...

बांकीपुर उपचुनाव: क्या बीजेपी का अभेद्य किला दरकेगा या बदलेगी बिहार की राजनीति?

KKN ब्यूरो। पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र केवल एक सीट नहीं है। यह बिहार...

कोल्ड ड्रिंक: ताजगी या धीमा ज़हर? क्या कहती है वैज्ञानिक रिसर्च?

KKN ब्यूरो। गर्मी हो, पार्टी हो या सफर, कोल्ड ड्रिंक आज हमारी जीवनशैली का...

ग्रामीण सड़कों के ‘जानलेवा’ स्पीड ब्रेकर: सुरक्षा के नाम पर जनता की जेब और सेहत पर हमला?

KKN ब्यूरो। ग्रामीण भारत में पक्की सड़कों का जाल तेजी से बिछा है। प्रधानमंत्री...

बिहार में शराबबंदी: सामाजिक सुधार या भ्रष्टाचार की नई अर्थव्यवस्था?

क्या शराबबंदी सफल हुई या उसने भ्रष्टाचार को नया ईंधन दिया? KKN ब्यूरो। एक  अप्रैल...