बुधवार, जून 10, 2026 8:00 पूर्वाह्न IST
होमBiharबिहार चुनाव परिणाम 2025 : NDA की ऐतिहासिक जीत और महागठबंधन की...

बिहार चुनाव परिणाम 2025 : NDA की ऐतिहासिक जीत और महागठबंधन की हार

Published on

2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह जीत 20 वर्षों के एंटी-इंकम्बेंसी (विरोधी सरकार) के चक्र को तोड़ते हुए, राज्य में एक निर्णायक और व्यापक जनादेश लेकर आई है। दोपहर 2:30 बजे तक NDA 243 सीटों में से 201 सीटों पर आगे चल रहा था, जो कि 2020 के विधानसभा चुनावों से 76 सीटों की वृद्धि है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 101 सीटों में से 91 सीटें जीती हैं, जो कि एक अद्वितीय 90% की स्ट्राइक रेट है। इससे बीजेपी को गठबंधन में “बड़े भाई” के रूप में मजबूती मिली है। जनता दल (यूनाइटेड) (JD(U)) ने 79 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर अपनी पकड़ बनाई है।

इसके विपरीत, महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है, और वह 110 सीटों से घटकर सिर्फ 36 सीटों तक सिमट गया है। NDA ने महागठबंधन द्वारा जीती गई 83 सीटों पर कब्जा कर लिया, जिनमें से पांच सीटें विपक्ष के 12 पारंपरिक मजबूत किलों में शामिल थीं। यह परिणाम दिखाता है कि आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन, जो इन सीटों पर पिछले तीन चुनावों से काबिज था, अब अपनी राजनीतिक पकड़ खो चुका है।

बिहार भर में NDA की लहर

NDA की जीत बिहार के सभी प्रमुख क्षेत्रों में देखी गई है। तिरहुत क्षेत्र में NDA 56 सीटों पर आगे चल रहा है, जो 20 सीटों की वृद्धि है। मगध में NDA 38 सीटों पर आगे है, जो भी 20 सीटों का इजाफा है। शहाबाद क्षेत्र, जो पहले महागठबंधन का गढ़ था, अब NDA के पक्ष में 20 सीटों के साथ बदल चुका है, जबकि पहले सिर्फ 2 सीटें महागठबंधन के पास थीं। मिथिला, अंग प्रदेश और सीमांचल–कोसी बेल्ट में भी NDA को बढ़त मिली है।

इस व्यापक समर्थन से यह स्पष्ट है कि NDA ने पारंपरिक जाति और क्षेत्रीय भेदों को पार करते हुए सभी वर्गों में अपनी पकड़ बनाई है। यह कड़ी मेहनत और रणनीतिक गठबंधन का परिणाम है जिसने महागठबंधन को कमजोर कर दिया।

NDA की जीत के प्रमुख कारण

महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं

NDA की सबसे प्रभावी चुनावी रणनीति नीतीश कुमार की महिला सशक्तिकरण योजना रही, जिसके तहत 12.1 मिलियन महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। इस योजना को “दस हजार” के नाम से जाना गया। पूरे भारत में महिलाओं के लिए कैश स्कीम्स ने सफलता पाई है, और बिहार में इसने नीतीश कुमार के खिलाफ बढ़ते एंटी-इंकम्बेंसी को शांत किया।

सर्वेक्षणों के अनुसार, 48.5% महिलाओं ने NDA को वोट किया, जिनमें से 37% ने विशेष रूप से इस योजना का समर्थन किया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं थी, बल्कि यह महिलाओं के एक बड़े वर्ग को राजनीतिक रूप से जोड़ने का एक तरीका भी था।

चिराग पासवान का असर

2020 में जब लोजपा के चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, तो उन्होंने JD(U) के 34 सीटों पर अपना प्रभाव डाला था। लेकिन इस बार चिराग पासवान NDA का हिस्सा बने और उनकी पार्टी ने 29 सीटें जीतीं। इससे JD(U) के प्रदर्शन में सुधार हुआ और उसके कुल सीटों की संख्या में लगभग 48% की वृद्धि हुई। इस गठबंधन ने ऊपरी जातियों, गैर-यादव OBCs और महादलितों को एकजुट किया, जो NDA के पारंपरिक वोट बैंक थे।

“जंगल राज” बनाम वोट चोरी का आरोप

NDA ने चुनावी नारे के रूप में “जंगल राज” का मुद्दा उठाया, जिसमें आरजेडी को 1990 के दशक के किडनैपिंग, जबरन वसूली और आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा गया। यह नारा महिलाओं, दलितों और EBCs (अत्यधिक पिछड़े वर्ग) के बीच काफी प्रभावी रहा।

वहीं, महागठबंधन ने वोट चोरी और सामाजिक-संस्थागत सुधारों का मुद्दा उठाया, लेकिन यह संदेश केवल उनके कोर समर्थकों तक ही सीमित रह गया। यहां तक कि तेजस्वी यादव भी वोट चोरी के आरोप से पीछे हटते हुए रोजगार और प्रवासन के मुद्दे पर फोकस करने लगे। यह बदलाव महागठबंधन के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हुआ, क्योंकि यह मुद्दा ज्यादा व्यापक समर्थन जुटाने में असफल रहा।

महागठबंधन के भीतर सीट वितरण का संघर्ष

जहां NDA ने चुनाव तिथियों के घोषणा के छह दिन बाद ही अपनी सीट बंटवारे की घोषणा की, वहीं महागठबंधन सीटों के बंटवारे को लेकर उलझन में था। गठबंधन अपने सीट बंटवारे के फॉर्मूले को चुनाव के काफी हफ्ते बाद सार्वजनिक कर सका। इस दौरान कुछ सीटों पर गठबंधन के ही पार्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा रही, जिससे संगठनात्मक स्तर पर भ्रम पैदा हुआ।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के चेहरों को लेकर भी गंभीर मतभेद थे, जिसने गठबंधन की एकजुटता को कमजोर किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन आंतरिक संघर्षों ने महागठबंधन के विश्वास को हिला दिया और इसका असर चुनाव परिणामों पर पड़ा।

मोदी, शाह और स्टार प्रचारकों द्वारा चलाया गया हाई-ऑक्टेन NDA अभियान

NDA के अभियान का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जिन्होंने 14 रैलियां और एक रोड शो किया, जिसमें उन्होंने 115 सीटों को कवर किया, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां NDA को वापसी की उम्मीद थी। गृह मंत्री अमित शाह ने 28 रैलियां की और पार्टी के विद्रोहियों को संभालने में मदद की। इसके अलावा, आठ बीजेपी-शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भोजपुरी सिनेमा के सितारों ने भी इस अभियान को गति दी।

इसके विपरीत, महागठबंधन का अभियान मुख्य रूप से तेजस्वी यादव पर निर्भर था, जिसमें बहुत कम बाहरी समर्थन था। इस असंतुलन ने महागठबंधन को मुकाबला करने में मुश्किलें दीं।

NDA की ऐतिहासिक और संरचनात्मक जीत

NDA की जीत न केवल एक चुनावी जीत है, बल्कि यह एक संरचनात्मक जीत भी है। इस जीत ने सिद्ध कर दिया है कि NDA ने सामाजिक गठबंधनों, कल्याणकारी योजनाओं, सही नारे और अद्वितीय संगठनात्मक ढांचे के साथ राज्य में अपनी पकड़ मजबूत की है। बीजेपी अब बिहार में सबसे प्रमुख राजनीतिक ताकत बन गई है, और नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में चौथी बार देखने की संभावना है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की जीत ने यह साबित कर दिया कि वह राज्य में एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हो गया है। महागठबंधन को आंतरिक विवादों और असंगठित अभियान के कारण नुकसान उठाना पड़ा। अब बिहार एक नए राजनीतिक दौर की ओर बढ़ रहा है, जहां NDA की स्थिरता और महागठबंधन की अस्थिरता को देखा जाएगा। नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य के भविष्य के राजनीतिक परिदृश्य का आकार अब NDA की ताकत से तय होगा।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

बलूचिस्तान के बाद अब PoK में बगावत! पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर जनआंदोलन तेज होता दिखाई...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

More like this

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

बिहार पर कितना कर्ज? विकास की रफ्तार के पीछे छिपा आर्थिक दबाव

KKN ब्यूरो। बिहार की राजनीति में विकास और विशेष राज्य के दर्जे की बहस...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

बिहार में ‘सम्राट कैबिनेट’ का बड़ा दांव, निशांत को स्वास्थ्य तो बीजेपी के पास गई शिक्षा की कमान

KKN ब्यूरो। बिहार की नई सत्ता व्यवस्था अब पूरी तरह आकार ले चुकी है।...

क्या बिहार में बदलेगी सत्ता की स्क्रिप्ट या दोहराएगा इतिहास?

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति में सचमुच एक युग का अंत और दूसरे...

बिहार में RTI सिस्टम ध्वस्त! 30,000 अपीलें लंबित, हाई कोर्ट सख्त—क्या खत्म हो रही पारदर्शिता?

KKN ब्यूरो। बिहार में पारदर्शिता की रीढ़ मानी जाने वाली सूचना का अधिकार (RTI)...

नीतीश युग का अंत या नई शुरुआत? सम्राट चौधरी के हाथों में बिहार की सत्ता का नया समीकरण

KKN ब्यूरो। क्या बिहार की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी हुई है…...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आखिरकार बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी कर...

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: आज नहीं… तो कब?

बिहार में लाखों छात्रों के बीच शनिवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब...

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द होगा जारी; यहां जानें तारीख, वेबसाइट और डाउनलोड प्रक्रिया

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जल्द ही जारी...
00:07:59

कर्ज में डूबे राज्य, फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों?

क्या आपने कभी सोचा है कि चुनाव आते ही अचानक मुफ्त योजनाओं की बाढ़...

क्या नीतीश कुमार का दौर खत्म होने वाला है और क्या बीजेपी लिख रही है नई सत्ता की पटकथा?

पटना की राजनीति में अचानक क्यों तेज हुई फुसफुसाहट? KKN ब्यूरो। क्या बिहार में फिर...