KKN ब्यूरो। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर आए ताजा सर्वे में महागठबंधन को बड़ी बढ़त दिख रही है। लोकपोल के मेगा सर्वे के अनुसार तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन को 118-126 सीटें मिलने की उम्मीद हैं। जबकि, BJP-JDU के एनडीए गठबंधन को केवल 105-114 सीटें मिलने का अनुमान है।
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सीट प्रोजेक्शन
- महागठबंधन (INDIA ब्लॉक): 118-126 सीटें (सरकार बनाने के लिए 122 की दरकार)
- एनडीए: 105-114 सीटें
- अन्य पार्टियां: 2-5 सीटें
वोट प्रतिशत में भी महागठबंधन आगे दिख रहा है
- महागठबंधन: 39-42% वोट
- एनडीए: 38-41% वोट
- अन्य: 12-16% वोट
राजनीतिक समीकरणों का बदलाव
सर्वे में साफ संकेत मिल रहे हैं कि नीतीश कुमार की सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी का माहौल बन रहा है। विशेषकर युवा वोटर्स और पहली बार मतदान करने वाले लोग महागठबंधन की ओर झुक रहे हैं।
तेजस्वी यादव का नेतृत्व
तेजस्वी यादव की ‘नौकरी देने वाली सरकार’ की थीम युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। उनके “1 करोड़ नौकरी” के वादे ने बेरोजगार युवाओं का ध्यान खींचा है। सर्वे की माने तो एनडीए का नौकरी वाले वादो पर लोगों को अपेक्षकृत कम यकीन बताया जा रहा है।
विभिन्न सर्वे की तुलना
हालांकि लोकपोल सर्वे महागठबंधन को आगे दिखा रहा है। परंतु, अन्य सर्वे में मिश्रित तस्वीर देखने को मिल रही है:
JVC सर्वे के अनुकूल परिणाम एनडीए के लिए
- एनडीए: 131-150 सीटें
- महागठबंधन: 81-103 सीटें
- जन सुराज: 4-6 सीटें
Ascend India Strategies सर्वे
इस सर्वे में एनडीए को मामूली बढ़त दी गई है। हालांकि, महागठबंधन भी मजबूत स्थिति में दिख रहा है।
प्रशांत किशोर का जन सुराज फैक्टर
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी इस बार ‘एक्स-फैक्टर’ बनकर उभर रही है। कई सर्वे में इसे 8-11% वोट शेयर मिलने का अनुमान है। यह पार्टी दोनों बड़े गठबंधनों के लिए चुनौती बन सकती है।
बेरोजगारी और युवा असंतोष
बिहार में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। तेजस्वी यादव ने अपने “परिवर्तन पत्र” में 1 करोड़ नौकरी का वादा किया है।
महिला सशक्तिकरण
RJD ने गरीब परिवार की महिलाओं को प्रतिवर्ष 1 लाख रुपए देने का वादा किया है।
कल्याणकारी योजनाएं
- 200 यूनिट मुफ्त बिजली
- ₹500 में गैस सिलेंडर
- पुराना पेंशन सिस्टम लागू करना
चुनाव की संभावित तारीखें
बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने की संभावना है। चुनाव आयोग 8 अक्टूबर को आधिकारिक शेड्यूल की घोषणा कर सकता है।
संभावित चुनाव कार्यक्रम
- छठ पूजा (28 अक्टूबर) के बाद चुनाव
- 5-15 नवंबर के बीच तीन चरणों में मतदान
- 20 नवंबर तक नई सरकार का गठन
बिहार में बदलाव के बयार
वर्तमान सर्वे के आधार पर यह स्पष्ट है कि बिहार में राजनीतिक हवाएं बदल रही हैं। महागठबंधन को मिल रही बढ़त इस बात का संकेत है कि युवा असंतोष और एंटी-इनकंबेंसी का प्रभाव दिख रहा है। हालांकि, चुनाव में अभी भी कई महीने बाकी हैं और राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। कांटे की टक्कर वाले इस चुनाव में प्रशांत किशोर का जन सुराज भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।



