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प्रशांत किशोर बिहार बदलाव यात्रा : प्रशांत किशोर ने बताए बिहार के 3 सबसे भ्रष्ट नेता

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वैशाली में Prashant Kishor Bihar Badlav Yatra के दौरान जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार के सबसे भ्रष्ट नेताओं में अशोक चौधरी, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल का नाम शामिल है। पीके ने दावा किया कि तीन महीने बाद जब Jan Suraj Party की सरकार बनेगी तो इन सब पर सख्त कार्रवाई होगी और जनता का पैसा वापस लिया जाएगा।

वैशाली से उठाया NDA नेताओं पर सवाल

वैशाली में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने एनडीए के बड़े नेताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब पूरी तरह जाग चुकी है और जानती है कि किन नेताओं ने राज्य को पीछे धकेला है। पीके ने साफ कहा कि अगर बिहार में बदलाव चाहिए तो भ्रष्टाचार पर चोट करनी होगी।

अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप

प्रशांत किशोर ने जेडीयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी को “सर्वदलीय नेता” बताते हुए तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि चौधरी ने 58 साल की उम्र में फर्जी तरीके से प्रोफेसर की कुर्सी हासिल की।

पीके ने कहा कि जिस बिहार में पढ़े-लिखे युवा क्लर्क की नौकरी के लिए भटक रहे हैं, वहां एक विधायक कब परीक्षा पास कर गया, कब पीएचडी कर लिया और कब प्रोफेसर बन गया, इसका कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और चुनाव में इसका हिसाब लेगी।

दिलीप जायसवाल पर भी हमला

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को भी पीके ने भ्रष्ट नेताओं की सूची में रखा। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि जायसवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि ऑनलाइन सर्वे करा लिया जाए, नतीजे सबके सामने होंगे।

पीके ने कहा कि Corruption in Bihar Politics का चेहरा यही लोग हैं और जन सुराज की सरकार बनते ही कार्रवाई होगी।

मंगल पांडेय पर कोविड काल से जुड़ा आरोप

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि कोविड-19 की मुश्किल घड़ी में जब जनता परेशान थी, उस समय वे दिल्ली में फ्लैट खरीद रहे थे।

उन्होंने कहा कि पांडेय ने दिलीप जायसवाल से पैसे लेकर सौदे किए। 25 लाख रुपये की बात उन्होंने खुद स्वीकार की, लेकिन 61 लाख रुपये का हिसाब आज तक नहीं दिया। किशोर का कहना था कि जनता इस धोखे को भूलेगी नहीं।

तीन महीने में कार्रवाई का दावा

प्रशांत किशोर ने स्पष्ट कहा कि अगर तीन महीने बाद जन सुराज की सरकार बनी तो भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठेंगे। उन्होंने दावा किया कि एक-एक पैसा वसूला जाएगा और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।

तेजस्वी यादव और परिवारवाद पर वार

सिर्फ एनडीए ही नहीं, बल्कि पीके ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और उनके परिवार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लालू यादव और राबड़ी देवी के बाद अब तेजस्वी सोचते हैं कि सत्ता पर उनका परिवार ही अधिकार रखता है।

पीके ने कहा कि जनता अब परिवारवाद से तंग आ चुकी है। उन्होंने तंज कसा कि ये लोग समझते हैं कि पिता मुख्यमंत्री बने, मां बनी, बेटा बनेगा और आगे पोता भी बनेगा। लेकिन अब बिहार की जनता जन सुराज को चुनेगी और इस सिस्टम को उखाड़ फेंकेगी।

जनता से सीधा संवाद

Prashant Kishor Bihar Badlav Yatra में पीके लगातार लोगों से संवाद कर रहे हैं। वैशाली में भी उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि उनका आंदोलन सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए है।

उन्होंने कहा कि जो नेता जनता के संकट में भी अपने लिए कमाई के मौके ढूंढते रहे, उन्हें जनता अब बख्शेगी नहीं।

वैशाली में दिए गए इस बयान से प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अशोक चौधरी, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल पर सीधे निशाना साधकर उन्होंने Corruption in Bihar Politics को चुनावी मुद्दा बना दिया है।

इसके साथ ही लालू-राबड़ी परिवार और तेजस्वी यादव पर वार कर उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि उनकी लड़ाई सिर्फ एनडीए से नहीं बल्कि परिवारवाद की राजनीति से भी है।

जन सुराज पार्टी अब खुद को जनता की आवाज के रूप में पेश कर रही है और आने वाले चुनावों में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है।

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