शुक्रवार, जून 12, 2026 12:56 पूर्वाह्न IST
होमCrimeऑपरेशन सिंदूर: जब मुजफ्फराबाद में गिरीं मिसाइलें, चश्मदीद बोले – अचानक हर...

ऑपरेशन सिंदूर: जब मुजफ्फराबाद में गिरीं मिसाइलें, चश्मदीद बोले – अचानक हर ओर मच गई तबाही

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत ने जिस निर्णायक कार्रवाई का ऐलान किया था, वह अब ऑपरेशन सिंदूर के रूप में सामने आया है। इस सैन्य अभियान में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। इस हमले में 90 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी शामिल हैं।

मुजफ्फराबाद में दहशत का मंजर – चश्मदीद की जुबानी

मुजफ्फराबाद के रहने वाले अहमद अब्बासी ने बताया कि जब भारत ने हमला किया, तब कोई अंदेशा भी नहीं था। उन्होंने कहा:

“अचानक हमला शुरू हो गया। मेरे हिसाब से करीब 10 से 15 मिसाइलें हमारे इलाके में गिरीं। लोगों में भगदड़ मच गई। ऐसा लगा जैसे आसमान फट पड़ा हो।”

यह हमला रात के समय हुआ, जब अधिकतर लोग सो रहे थे। लोग जागकर बाहर भागे, बच्चों और महिलाओं में चीख-पुकार मच गई।

मुरीदके में आतंकियों के गढ़ पर ड्रोन हमला

पंजाब प्रांत के मुरीदके, जो लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय माना जाता है, वहां के एक स्थानीय निवासी ने बताया:

“करीब रात के 12:45 बजे पहला ड्रोन दिखा, फिर तीन और ड्रोन आए और हमला शुरू हो गया। मस्जिदों और आतंकियों के ठिकानों को टारगेट किया गया। हर ओर अफरा-तफरी मच गई।”

यह साफ था कि हमला सटीक और योजनाबद्ध था। केवल आतंकी अड्डों को निशाना बनाया गया और नागरिक इलाकों से दूरी बनाई गई।

शवाई नाला कैंप – लश्कर का सबसे बड़ा ठिकाना हुआ ध्वस्त

शवाई नाला कैंप, जिसे बैत-उल-मुजाहिदीन के नाम से भी जाना जाता है, मुजफ्फराबाद-नीलम रोड पर स्थित है। यही वह जगह है, जहां 26/11 मुंबई हमले के आतंकी, जिनमें अजमल कसाब भी शामिल था, ने ट्रेनिंग ली थी।

भारत के मिसाइल हमले में यह कैंप पूरी तरह तबाह कर दिया गया। यह लश्कर का रणनीतिक और प्रशिक्षण केंद्र था, जिसे खत्म करना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

पाकिस्तान ने की हमलों की पुष्टि, दबाव में सेना

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि:

“भारत ने अलग-अलग हथियारों का इस्तेमाल कर 24 जगहों पर हमला किया है। इनमें से कई हमले बहावलपुर, सियालकोट, कोटकी लोहारा और शकरगढ़ के पास किए गए।”

पाकिस्तानी सेना ने यह भी माना कि बहावलपुर के अहमदपुर ईस्ट इलाके में स्थित सुबहान मस्जिद, जो जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ थी, उस पर भी हमला किया गया। इस हमले में मस्जिद और उससे सटे आतंकी ठिकाने नष्ट कर दिए गए।

भारत का बयान – आतंकियों को न्याय दिलाना हमारा कर्तव्य

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा:

“हमारा उद्देश्य सिर्फ जवाब देना नहीं, बल्कि आतंकी हमलों के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाना है। भारत ने संयम के साथ कार्रवाई की, ताकि निर्दोष नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।”

उन्होंने बताया कि इस पूरी सैन्य कार्रवाई को इस तरह से अंजाम दिया गया कि पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान या आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना न बनाया जाए।

ऑपरेशन सिंदूर की मुख्य बातें

पॉइंट विवरण
हमले की तारीख 6-7 मई 2025 की रात
लक्ष्य 9 आतंकी अड्डे (PoK और पाकिस्तान में)
तकनीक मिसाइल, ड्रोन, सटीक GPS-guided हथियार
मारे गए आतंकी लगभग 90
ध्वस्त ठिकाने जैश और लश्कर के मुख्यालय

मसूद अजहर को भारी नुकसान

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के 10 परिवार के सदस्य इस हमले में मारे गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसमें उसकी पत्नी, बेटा, बहन, बहनोई और नजदीकी सहयोगी शामिल थे। सूत्रों की मानें तो मसूद ने यह कहकर दुख जताया:

“अच्छा होता कि मैं भी उनके साथ मर गया होता।”

जनता की प्रतिक्रिया और जश्न का माहौल

भारत में इस सैन्य कार्रवाई के बाद जगह-जगह जश्न का माहौल देखा गया:

  • लखनऊदिल्लीभोपालजयपुर में लोगों ने दीये जलाए, मिठाइयां बांटीं।

  • सोशल मीडिया पर #OperationSindoor और #IndianArmy ट्रेंड करने लगे।

  • पहलगाम हमले में मारे गए नागरिकों के परिजन ने संतोष व्यक्त किया और सरकार का आभार जताया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • अमेरिकाफ्रांस और इजराइल ने भारत की आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया।

  • चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की।

  • संयुक्त राष्ट्र ने इस मुद्दे पर आपात बैठक नहीं बुलाई, जिससे संकेत मिला कि भारत को वैश्विक समर्थन प्राप्त है।

ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल भारत की सैन्य क्षमता को साबित किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि अब देश आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह सजग और सख्त है। आतंकवादियों को यह स्पष्ट संदेश मिला है कि भारत चुप नहीं बैठेगा, बल्कि हर हमले का जवाब देगा—और वह भी उनके घर में घुसकर।

भारत ने यह दिखा दिया है कि जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो कार्रवाई सिर्फ ज़ुबानी नहीं, मिसाइलों से होती है

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

बलूचिस्तान के बाद अब PoK में बगावत! पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक बार फिर जनआंदोलन तेज होता दिखाई...

More like this

दल-बदल की राजनीति पर लगाम कब?

लोकतंत्र का सबसे बड़ा सवाल: विचारधारा बड़ी या सत्ता? कौशलेन्द्र झा KKN ब्यूरो। भारतीय राजनीति में...

ईरान के सामने अमेरिका कितना सफल रहा?

क्या दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति सीमित हो चुकी है? KKN ब्यूरो। जब भारत...

क्या अमेरिका भारत का भरोसेमंद साझेदार है?

दोस्त, साझेदार या सिर्फ अपने हितों का प्रहरी? KKN ब्यूरो। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी...

श्रेष्ठता का भ्रम: जब गाली, दोषारोपण और अपमान बन जाते हैं सामाजिक फैशन

क्या दूसरों को नीचा दिखाकर कोई वास्तव में बड़ा बन सकता है? KKN ब्यूरो। आज...

भारत का भविष्य: कौन-कौन से खतरे दरवाजे पर खड़े हैं? और क्या भारत तैयार है?

KKN ब्यूरो। भारत 21वीं सदी की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।...

हिन्दी पत्रकारिता: मिशन से बाज़ार तक का सफर

क्या हिन्दी पत्रकारिता आज भी जनता की आवाज़ है? हिन्दी पत्रकारिता दिवस विशेष KKN ब्यूरो। क्या...

भारत–बांग्लादेश सीमा पर तेज हुई फेंसिंग, लेकिन क्यों बढ़ रहा है तनाव?

KKN ब्यूरो। भारत ने बांग्लादेश सीमा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की दिशा में...

“हाँ इश्क है” के लोकार्पण समारोह में जुटे कवि और साहित्य प्रेमी, पटना में दिखा साहित्य का रंग

पटना में रविवार को साहित्य, कविता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक यादगार आयोजन देखने...

क्या पेट्रोलियम संकट की तरफ बढ़ रहा है भारत?

मिडिल ईस्ट की आग, अमेरिका की शांति वार्ता और भारत पर मंडराता खतरा KKN ब्यूरो।...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...

क्या ईरान सिर्फ एक देश है या एक ऐसी रणनीति, जिसे हराना नामुमकिन है?

KKN ब्यूरो। क्या आपने कभी सोचा है… कि दशकों से प्रतिबंध झेल रहा एक...

ट्रंप की दादागिरी का असली चेहरा अब दुनिया के सामने है

KKN ब्यूरो। क्या अमेरिका मिडिल ईस्ट में फंस चुका है? क्या ट्रंप की ‘दादागिरी’...
00:07:59

कर्ज में डूबे राज्य, फिर भी मुफ्त योजनाएं क्यों?

क्या आपने कभी सोचा है कि चुनाव आते ही अचानक मुफ्त योजनाओं की बाढ़...

अफगानिस्तान का नूर खान एयरबेस पर हमला: पाकिस्तान को दिया गया एक रणनीतिक संदेश

KKN ब्यूरो। दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घटती हैं जो केवल...

क्या दुनिया एक और हिरोशिमा मोमेंट की ओर बढ़ रही है?

KKN ब्यूरो। क्या दुनिया को पता भी है कि मिडिल ईस्ट में चल रही...