होमKKN Specialमै ससुराल नही जाउंगी डोली रख दो कहांरो

मै ससुराल नही जाउंगी डोली रख दो कहांरो

Published on

​12 वीं पास लड़के ने गलत लिखी हिंदी तो पांचवी पांस लड़की ने तोड़ा रिश्ता

बारहवीं उतीर्ण लड़के को लिखने नही आया परिश्रम,सम्प्रदायिक व दृष्टीकोण

संतोष कुमार गुप्ता

यह खबर उन लड़कियो की बानगी है जो कागज पर पास लड़को के मोहफांस मे पड़ जाते है। उनसे शादी के लिए परिवार के लोगो के इच्छा के विरूद्ध सारी हदे लांघ जाते है।अब तक शादी दहेज का लेनदेन,लड़के के कद काठी,रंग रूप व कारोबार को लेकर टूटते देखा है। दहेज को लेकर कई बार आपने शादियां और रिश्ते टूटते देखे है, लेकिन मैनपुरी में एक रिश्ता सिर्फ इसलिए  टूट गया क्योकि लड़का हिंदी के तीन शब्द सही से नहीं लिख सका। मौके पर मौजूद लोगो के अनुसार, लड़की ने लड़के को  ‘सांप्रदायिक’,परिश्रम और ‘दृष्टिकोण’ जैसे शब्द लिखने को कहा था। इस पर आसपास के लोगों ने भी दोनों परिवारों को समझाया, लेकिन बात नहीं बनी।
बता दे की मैनपुरी जिले के कुरावली में रहने वाली लड़की का रिश्ता फर्रुखाबाद के एक युवक से तय हुआ था। पता चला है कि लड़का 12वीं पास था, जबकि लड़की ने सिर्फ पांचवीं क्लास तक पढ़ाई की थी। सोमवार को तय हुआ कि लड़का-लड़की मैनपुरी के नुमाइश ग्राउंड में मिलेंगे। मंगलवार दोपहर में दोनों अपने-अपने परिवारों के साथ वहां पहुंचे।
अकेले में बातचीत शुरू हुई तो लड़के ने लड़की को एक डायरी दी और हिंदी के शब्द बोले। लड़की ने सब एकदम सही लिख दिया। लड़के ने अपनी तरफ से सब कुछ फाइनल होने का इशारा कर दिया। इस बीच लड़की का दिमाग ठनका और उसने लड़के को वही डायरी-पेन दोबारा थमा दिया और ‘सांप्रदायिक’, ‘दृष्टिकोण’, ‘परिश्रम’ जैसे शब्द लिखने को कहा। लड़के से उसके घर का पता लिखवाया गया।
अकेले में बातचीत शुरू हुई तो लड़के ने लड़की को एक डायरी दी और हिंदी के शब्द बोले। लड़की ने सब एकदम सही लिख दिया। खुश होकर लड़के ने अपनी तरफ से सब कुछ फाइनल होने का इशारा कर दिया। इस बीच लड़की को लगा उसे भी टेस्ट लेना चाहिये तो उसने लड़के को भी वही डायरी-पेन दोबारा थमा दिया और ‘सांप्रदायिक’, ‘दृष्टिकोण’, ‘परिश्रम’ जैसे शब्द लिखने को कहा। साथ ही लड़के से उसके घर का पता लिखवाया गया।
डायरी चेक हुई तो पता के साथ सारे शब्द गलत लिखे मिले। इससे लड़की भड़क गई और रिश्ते से इनकार कर दिया। परिजनों और आसपास के लोगों ने खूब समझाया, लेकिन लड़की ने किसी की एक ना सुनी ।

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Latest articles

क्या महवल से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर, 2,100 रोजगार का दावा कितना बड़ा?

मुजफ्फरपुर का लेदर पार्क 15 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित महवल में...

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

More like this

क्या नौ दिन की पूजा से मिल जाती हैं अलौकिक शक्तियां या इसका अर्थ कुछ और है?

नवरात्रि के 9 दिन पूरे होते हैं। मंदिरों में आरती होती है। घरों में...

छोटी बच्चियों में देवी का दर्शन या स्त्री के सम्मान की सबसे बड़ी सामाजिक कसौटी?

नवरात्र की अष्टमी या नवमी। पूजा का मंडप सजा है। छोटी-छोटी बच्चियों को आसन...

हवन से शुद्ध होती है हवा या बढ़ता है प्रदूषण?

दुर्गा पूजा की अग्नि पर विज्ञान की बड़ी पड़ताल दुर्गा पूजा की अंतिम आहुतियों के...

दुर्गा पूजा मातृशक्ति का सम्मान है या समाज के सामने एक अधूरा सवाल?

जिस समाज में स्त्री को देवी मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में उसकी...

क्या मिट्टी के पात्र में रखा जल सचमुच याद रखता है मंत्रों की ऊर्जा?

एक मिट्टी का पात्र। उसमें भरा जल। उसके मुहाने पर रखे आम के पत्ते...

महिषासुर कौन था? पुराणों के असुरराज से आदिवासी पूर्वज तक

दुर्गा पूजा के पंडाल में एक दृश्य बार-बार दिखाई देता है। सिंह पर सवार...

मीनापुर का किसान फसल बेचकर कितना कमाता है? खेत से बाजार तक पूरा हिसाब

मीनापुर में धान की फसल जब खेत में लहलहाती है, तो दूर से वह...

गुमनाम हकीकत: जब इतिहास के खामोश पन्ने अपनी कहानी कहने लगते हैं

पुस्तक समीक्षा इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना शायद यह है कि जो दर्ज है,...

शिक्षक से बड़ा कौन? भारत की उस परंपरा की पड़ताल, जहाँ गुरु को देवता कहा गया

KKN पड़ताल। किसी बच्चे के हाथ में पहली बार कलम आती है, तो वह...

एआई: सुविधा का अगला पड़ाव या इंसान के नियंत्रण से बाहर होती मशीन?

KKN ब्यूरो। कल्पना कीजिए, एक ऐसी मशीन है जिसे आपने कोई काम करने के...

एक सच, दो नज़रिया: दिमाग की गलती, समाज का असर या सोच का खेल?

क्यों एक ही तथ्य किसी को अवसर लगता है, तो किसी को खतरा? क्या...

विश्वकर्मा पूजा: मशीन पर फूल चढ़ाने की परंपरा या इंसान के हुनर को सलाम?

ऋग्वेद के ‘विश्वकर्मन्’ से आधुनिक कारखाने तक पहुंची परंपरा में आखिर छिपा संदेश क्या...

बिहार की सड़कें समय से पहले क्यों टूट जाती हैं?

जब सड़क टूटती है, तो केवल डगर नहीं बिखरता... KKN ब्यूरो। बारिश की पहली फुहार...

बिहार की अर्थव्यवस्था: तेज़ रफ्तार विकास के पीछे छिपी गरीबी, पलायन और संभावनाएं

क्या बिहार सचमुच बदल रहा है? या आंकड़ों की चमक के पीछे अब भी...

क्या ट्रंप हार गए ईरान से? स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर संकट, चीन की एंट्री और भारत के लिए बड़ा खेल

KKN ब्यूरो। क्या सच में Donald Trump ईरान के सामने झुक गए? क्या अमेरिका...