शुक्रवार, फ़रवरी 27, 2026 4:24 अपराह्न IST
होमBiharचैती छठ महापर्व की शुरुआत: एक पवित्र चार दिन का त्योहार

चैती छठ महापर्व की शुरुआत: एक पवित्र चार दिन का त्योहार

Published on

KKN गुरुग्राम डेस्क | चैती छठ लोक आस्था का महापर्व है, जो इस वर्ष मंगलवार को नहाए खाए के साथ शुरू हो रहा है। यह त्योहार चार दिनों का अनुष्ठान होता है, जिसमें विशेष रूप से शुद्धता का ध्यान रखा जाता है और हर कार्य को पूरे शुद्ध तरीके से किया जाता है। छठव्रती (जो इस उपवास को करते हैं) और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी इस समय पूरी तरह से शुद्ध रहते हैं और विशेष धार्मिक आस्था के साथ इस पर्व को मनाते हैं।

नहाए खाए का महत्व

चैती छठ के पहले दिन, नहाए खाए का विशेष महत्व है। इस दिन, छठव्रती पहले गंगा स्नान या फिर किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं। इस स्नान के साथ ही वे खुद को शुद्ध करते हैं और फिर नहाए खाए का आयोजन करते हैं। इस दिन का खास महत्व है क्योंकि इसे पवित्रता और समर्पण के रूप में देखा जाता है।

इस दिन में कद्दू की सब्जीचने की दाल, और अरवा चावल का विशेष महत्व होता है। कुछ स्थानों पर इसे कद्दू भात भी कहा जाता है। इस दिन के प्रसाद को पूरे शुद्ध तरीके से बनाया जाता है और पूजा करके ग्रहण किया जाता है। साथ ही परिवार और मित्रों को भी प्रसाद बांटने की परंपरा है।

छठ महापर्व और शुद्धता

चैती छठ महापर्व में शुद्धता का महत्व अत्यधिक होता है। छठव्रती के लिए हर कार्य को शुद्धता के साथ करना अनिवार्य है। इस दिन को लेकर गंगा घाटों पर सुबह से ही छठव्रती और उनके परिवारजन पवित्र स्नान करने के लिए जुटते हैं। यह सब शुद्धता के साथ किया जाता है, ताकि इस महापर्व में कोई भी अनिष्ट ना हो।

घर के अन्य सदस्य भी पूरी तरह शुद्ध होकर ही प्रसाद तैयार करते हैं। कई लोग गंगाजल का उपयोग प्रसाद बनाने में करते हैं, जबकि अन्य शुद्ध पानी (चापाकल का पानी) का इस्तेमाल करते हैं। यह शुद्धता इस पर्व का महत्वपूर्ण अंग है और छठव्रती के समर्पण और आस्था को दर्शाता है।

गंगाजल का महत्व

गंगाजल का उपयोग छठ महापर्व के दौरान विशेष रूप से किया जाता है। गंगा नदी को भारत में सबसे पवित्र माना जाता है, और इसके जल को पवित्रता और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, जब प्रसाद बनाया जाता है, तो बहुत से लोग गंगाजल का इस्तेमाल करते हैं। जो लोग गंगाजल नहीं प्राप्त कर सकते, वे शुद्ध जल का ही उपयोग करते हैं, लेकिन इसकी पवित्रता का विशेष ध्यान रखते हैं।

छठ महापर्व की सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता

छठ महापर्व सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन भी है। नहाए खाए के दिन, घर के सभी सदस्य एक साथ मिलकर प्रसाद तैयार करते हैं और फिर उसे परिवार, मित्रों और पड़ोसियों के साथ साझा करते हैं। यह एक समुदायिक भावना को भी प्रोत्साहित करता है और लोगों के बीच प्रेम और एकता को बढ़ाता है।

यह पर्व न केवल व्यक्तिगत समृद्धि के लिए होता है, बल्कि यह समाजिक सद्भाव और सामूहिक आस्था को भी उजागर करता है।

अगले दिन की तैयारी: खरना

नहाए खाए के बाद अगले दिन, यानी 2 अप्रैल, बुधवार, को छठव्रती खरना करेंगे। खरना के दिन, छठव्रती पूरे दिन उपवासी रहते हैं और रात को गंगाजल और दूध तथा गुड़ के साथ बनी खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दिन को विशेष रूप से उपवास और आत्मनियंत्रण का प्रतीक माना जाता है। खरना के बाद छठव्रती कुछ भी नहीं खाते, यहां तक कि पानी भी नहीं पीते।

छठ महापर्व की आध्यात्मिक और धार्मिक महत्ता

चैती छठ महापर्व का प्रमुख उद्देश्य सूर्य देवता की पूजा करना है, जो जीवन और ऊर्जा के स्रोत माने जाते हैं। इस दिन के अनुष्ठान के माध्यम से छठव्रती सूर्य देवता से अपने परिवार के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

यह पर्व न केवल शारीरिक शुद्धता और उपवास के माध्यम से आत्मा की शुद्धि करता है, बल्कि यह धार्मिक अनुशासन और आध्यात्मिक विकास को भी बढ़ावा देता है।

पर्यावरणीय जागरूकता

छठ महापर्व पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। इस पर्व में जो प्रसाद चढ़ाए जाते हैं, वे प्राकृतिक और पारिस्थितिकी फ्रेंडली होते हैं। इसके अलावा, पवित्र नदियों और जल स्रोतों के साथ छठव्रती का जुड़ाव भी जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सम्मान की भावना पैदा करता है।

कुल मिलाकर, छठ महापर्व शुद्धता, समर्पण और एकता का प्रतीक है। नहाए खाए के दिन से लेकर खरना तक के अनुष्ठान, पूरी तरह से आत्मानुशासन और भक्ति में डूबे होते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को एकजुट करने, प्रेम और एकता का संदेश देने वाला भी है।

इस पर्व के दौरान लोग न केवल सूर्य देवता से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, बल्कि अपनी आध्यात्मिक यात्रा को भी पूर्ण करते हैं। यह त्योहार जीवन के उन अनमोल क्षणों को मान्यता देता है, जो शुद्धता, भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं।

Read this article in

KKN लाइव WhatsApp पर भी उपलब्ध है, खबरों की खबर के लिए यहां क्लिक करके आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

KKN Public Correspondent Initiative

Latest articles

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

चुम्बी वैली: नक्शे की वह कील, जो कर रही है… खतरे की ओर इशारा

भारत-चीन-भूटान सीमा पर स्थित चुम्बी वैली आखिर इतनी संवेदनशील क्यों है? 2017 के डोकलाम...

INDIA गठबंधन में ‘साइलेंट क्राइसिस? 2026 से पहले बदलते सियासी समीकरण क्या है

KKN ब्यूरो। भारत की राजनीति एक बार फिर संक्रमण काल में है। लोकसभा चुनाव 2024...

जातीय जनगणना: क्या आंकड़ों से बनेगी नीति या फूटेगी राजनीति?

क्या भारत अपनी असली सामाजिक तस्वीर देखने के लिए तैयार है? अगर हर जाति...

More like this

मिट्टी की खुशबू से मोबाइल की रिंगटोन तक: पांच दशक में बदलता ग्रामीण समाज

जब शाम ढलती थी और पूरा गांव एक आंगन में सिमट आता था KKN ब्यूरो।...

Everything Apple Sale में बड़ी छूट: iPhone 17 रुपये 45,000 से कम में उपलब्ध

रिटेल चेन Croma ने अपनी ‘Everything Apple Sale’ के तहत iPhone मॉडल्स पर भारी...

महिला रोजगार योजना बिहार : होली के बाद दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये जारी होंगे

Mahila Rojgar Yojana Bihar के तहत राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने की...

Army Agniveer Vacancy 2026 आवेदन शुरू, आयु सीमा में एक वर्ष की छूट

Army Agniveer Vacancy 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से शुरू...

BRABU मुजफ्फरपुर में छात्राओं की फीस माफ, SC/ST छात्रों को भी राहत

बाबासाहेब भीवराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर (BRABU) ने छात्राओं के लिए बड़ी राहत की...

बिहार मौसम अपडेट : शुष्क रहेगा मौसम, सुबह-रात हल्की ठंड बरकरार

फरवरी का महीना आगे बढ़ने के साथ ही बिहार में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे...

बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को नहीं मिली NBA मान्यता, छात्रों के भविष्य पर असर

बिहार का एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज अभी तक NBA यानी National Board of Accreditation...

₹10,000 से कम में Samsung के दमदार स्मार्टफोन, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ

अगर आप budget segment में Samsung का स्मार्टफोन खरीदने की planning कर रहे हैं,...

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल

Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana के तहत राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के...

आज का राशिफल, सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल

Horoscope 10 February 2026 Aaj Ka Rashifal ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार...

Bank of Baroda Recruitment 2026 : बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन आवेदन शुरू

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने...

Raxaul में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, तीन श्रद्धालु घायल

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के Raxaul में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार...

परीक्षा पे चर्चा 2026 परीक्षा के तनाव पर पीएम मोदी करेंगे छात्रों से संवाद

Pariksha Pe Charcha 2026 एक बार फिर देशभर के छात्रों से जुड़ने जा रहा...

पटना समेत पूरे बिहार में न्यूनतम तापमान में गिरावट की संभावना

बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राज्य...

खराब lifestyle बना फैटी लिवर की बड़ी वजह, जानिए क्या न खाएं

आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले...